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लालगंज आईटीआई के भवन निर्माण की गुणवत्ता खंगालेगी टीम
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डीएम डा. नितिन बंसल ने लालगंज आईटीआई निर्माण में कार्यदायी संस्था के अनियमितता बरतने पर नाराजगी प्रकट करते हुए सीडीओ से टीम बनाकर गुणवत्ता की जांच कराने को कहा है। डीएम की पहली बैठक होने और ठोस फैसले से अन्य विभागों के ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।
डीएम ने विकास भवन सभागार में अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ जिले में 50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं के निर्माण कार्य में गुणवत्ता खराब मिलती है, वहां प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। डीएम ने सीडीओ से कहा कि कमेटी गठित कर आईटीआई लालगंज की गुणवत्ता की जल्द से जल्द जांच कराई जाए।
सेतु निगम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में कुल 11 पुल बनने थे, जिनमें से चार का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जो पुल बन रहे हैं वहां पर जमीन विवाद होने के कारण कार्य अधूरा है। अल्पसंख्यक अधिकारी ने बताया कि कार्यदायी संस्था ने सत्यापन अभिलेख नहीं उपलब्ध कराए हैं। डीएम ने संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने को कहा है। संवाद
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बगैर अनुमति कोई भी अधिकारी नहीं छोड़ेगा मुख्यालय
डीएम डा. नितिन बंसल ने जिले के सभी अफसरों को सावधान किया है कि वह बगैर अनुमति मुख्यालय से बाहर न जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी विषम परि स्थिति में होने पर वह दूरभाष से भी जानकारी दे सकते हैं।
ईओ को चेतावनी दी कि शहर में आवारा पशु घूमते मिले तो कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने सीएमओ से दवाओं की उपलब्धता, एंबुलेंस, टीकाकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान मित्र, गोल्डेन कार्ड, अस्पतालों में बेड की उपलब्धता आदि की जानकारी ली। डीएम ने कहा कि गोल्डेन कार्ड के लिए हर सप्ताह कैंप लगाए जाएं।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्माणाधीन गोआश्रय स्थल के निर्माण कार्यों के संबंध में डीएम ने जानकारी प्राप्त की। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 44 गोआश्रय स्थल हैं, जिनमें से 04 का निर्माण कार्य चल रहा है। डीपीआरओ ने बताया कि 1207 सामुदायिक शौचालय बनने थे, जिनमें से 666 पूर्ण हो चुके हैं और 05 अभी प्रारंभ नहीं हुए हैं।
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा में पाया गया कि 310 दुग्ध सहकारी समितियां पंजीकृत हैं, जिसमें 58 सक्रिय हैं। डीएम ने इन समितियों को नोटिस देने को कहा है। उन्होंने पात्रों को योजना का लाभ देने और अपात्रों को बाहर करने को कहा है।
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डीएम ने विकास भवन सभागार में अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ जिले में 50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं के निर्माण कार्य में गुणवत्ता खराब मिलती है, वहां प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। डीएम ने सीडीओ से कहा कि कमेटी गठित कर आईटीआई लालगंज की गुणवत्ता की जल्द से जल्द जांच कराई जाए।
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सेतु निगम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में कुल 11 पुल बनने थे, जिनमें से चार का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जो पुल बन रहे हैं वहां पर जमीन विवाद होने के कारण कार्य अधूरा है। अल्पसंख्यक अधिकारी ने बताया कि कार्यदायी संस्था ने सत्यापन अभिलेख नहीं उपलब्ध कराए हैं। डीएम ने संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने को कहा है। संवाद
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बगैर अनुमति कोई भी अधिकारी नहीं छोड़ेगा मुख्यालय
डीएम डा. नितिन बंसल ने जिले के सभी अफसरों को सावधान किया है कि वह बगैर अनुमति मुख्यालय से बाहर न जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी विषम परि स्थिति में होने पर वह दूरभाष से भी जानकारी दे सकते हैं।
ईओ को चेतावनी दी कि शहर में आवारा पशु घूमते मिले तो कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने सीएमओ से दवाओं की उपलब्धता, एंबुलेंस, टीकाकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान मित्र, गोल्डेन कार्ड, अस्पतालों में बेड की उपलब्धता आदि की जानकारी ली। डीएम ने कहा कि गोल्डेन कार्ड के लिए हर सप्ताह कैंप लगाए जाएं।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्माणाधीन गोआश्रय स्थल के निर्माण कार्यों के संबंध में डीएम ने जानकारी प्राप्त की। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 44 गोआश्रय स्थल हैं, जिनमें से 04 का निर्माण कार्य चल रहा है। डीपीआरओ ने बताया कि 1207 सामुदायिक शौचालय बनने थे, जिनमें से 666 पूर्ण हो चुके हैं और 05 अभी प्रारंभ नहीं हुए हैं।
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा में पाया गया कि 310 दुग्ध सहकारी समितियां पंजीकृत हैं, जिसमें 58 सक्रिय हैं। डीएम ने इन समितियों को नोटिस देने को कहा है। उन्होंने पात्रों को योजना का लाभ देने और अपात्रों को बाहर करने को कहा है।