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Pratapgarh News: जिसे लेखपाल ने मृत बताया, वह डीएम से बोला- साहब... मैं जिन्दा हूं ...
Fri, 12 Jan 2024 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 12 Jan 2024 02:38 AM IST
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जीवित होने के प्रमाण पत्र के साथ छोटेलाल दस्तावेज में लेखपाल ने दिखाया मृत।
सरकारी कलम से जो बच जाए वह बड़ा ही नसीब वाला होता है। लेखपाल की कलम ऐसी होती है कि उससे लिखी रिपोर्ट में जिंदा को मृत और मृत व्यक्ति को जिंदा कर दिया जाता है। लेखपाल का ऐसा ही एक कारनामा फिर सामने आया है।
जिसमे कुंडा तहसील के पूरे रामदयाल का पुरवा ग्राम सभा समसपुर सैलवारा में तैनात रहे लेखपाल ने एक जीवित व्यक्ति को अभिलेखों में मृत दर्शाकर उसकी भूमि अन्य लोगों के नाम अंकित कर दी।
मानिकपुर के पूरे रामदयाल का पुरवा समसपुर शैलवारा निवासी छोटेलाल पटेल का आरोप है कि लेखपाल ने उसके जिंदा रहते ही सरकारी दस्तावेजों में मृत बना दिया। वर्ष 2019 में एक लेखपाल ने उसे पैतृक संपत्ति के दस्तावेज में छोटेलाल पटेल को मृत घोषित कर उसके स्थान पर छोटे लाल यादव निवासी ग्राम सभा बडेरा (ननकू का पुरवा) के नाम वरासत कर दिया।
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लेखपाल के इस कृत्य की जानकारी जब अभिलेखों में मृत घोषित छोटेलाल पटेल को हुई तो तो वह चौंक पड़े। परेशान छोटेलाल पटेल यहां -वहां जानकारों के पास भागने लगा, लेकिन उसकी सुनवाई कहीं नहीं की गई। आरोप है कि इसी बीच उसके हलके में दूसरे लेखपाल की नियुक्ति हो गई।
नए नियुक्त लेखपाल को छोटेलाल पटेल ने आपबीती बताई तो लेखपाल ने पीड़ित को उसकी जमीन वापस दिलाने का आश्वासन दिया। आरोप है कि फिर उसने मीठी-मीठी बातें कर सरकारी अभिलेखों में उसका नाम दर्ज करने का झांसा देकर तीस हजार रुपये ठग लिए।
छोटेलाल पटेल का आरोप है कि लेखपाल को रकम दिए दो साल से अधिक हो गया। उन्होंने मेरा कुछ काम नहीं किया है। पीड़ित ने डीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि साहब... मैं जिंदा हूं...दस्तावेजों की जांच करा कर मेरी जमीन मुझे वापस दिलाई जाए।
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जिसमे कुंडा तहसील के पूरे रामदयाल का पुरवा ग्राम सभा समसपुर सैलवारा में तैनात रहे लेखपाल ने एक जीवित व्यक्ति को अभिलेखों में मृत दर्शाकर उसकी भूमि अन्य लोगों के नाम अंकित कर दी।
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मानिकपुर के पूरे रामदयाल का पुरवा समसपुर शैलवारा निवासी छोटेलाल पटेल का आरोप है कि लेखपाल ने उसके जिंदा रहते ही सरकारी दस्तावेजों में मृत बना दिया। वर्ष 2019 में एक लेखपाल ने उसे पैतृक संपत्ति के दस्तावेज में छोटेलाल पटेल को मृत घोषित कर उसके स्थान पर छोटे लाल यादव निवासी ग्राम सभा बडेरा (ननकू का पुरवा) के नाम वरासत कर दिया।
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लेखपाल के इस कृत्य की जानकारी जब अभिलेखों में मृत घोषित छोटेलाल पटेल को हुई तो तो वह चौंक पड़े। परेशान छोटेलाल पटेल यहां -वहां जानकारों के पास भागने लगा, लेकिन उसकी सुनवाई कहीं नहीं की गई। आरोप है कि इसी बीच उसके हलके में दूसरे लेखपाल की नियुक्ति हो गई।
नए नियुक्त लेखपाल को छोटेलाल पटेल ने आपबीती बताई तो लेखपाल ने पीड़ित को उसकी जमीन वापस दिलाने का आश्वासन दिया। आरोप है कि फिर उसने मीठी-मीठी बातें कर सरकारी अभिलेखों में उसका नाम दर्ज करने का झांसा देकर तीस हजार रुपये ठग लिए।
छोटेलाल पटेल का आरोप है कि लेखपाल को रकम दिए दो साल से अधिक हो गया। उन्होंने मेरा कुछ काम नहीं किया है। पीड़ित ने डीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि साहब... मैं जिंदा हूं...दस्तावेजों की जांच करा कर मेरी जमीन मुझे वापस दिलाई जाए।