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आधार की अनिवार्यता से बढ़ी कोटेदारों की मुसीबत

Wed, 15 Jan 2020 12:36 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jan 2020 12:36 AM IST
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The imperative of Aadhaar increased the trouble of the Kotdars
aadhar card
राशन वितरण में आधार की अनिवार्यता ने कोटेदारों की मुसीबत बढ़ा दी है। अब ऐसेे यूनिट को राशन नहीं मिलेगा, जिनके पास आधार कार्ड नहीं होगा। अभी तक आधार कार्ड नहीं होने पर माह के अंतिम दिन में प्राक्सी विधि से कोटेदार राशन को खारिज कर हजम कर लेते थे। मगर कोटेदारों के खेल पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया है।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत जिले के 5,80,125 परिवारों की भूख मिटाने के लिए प्रतिमाह एक यूनिट पर पांच किग्रा राशन दिया जा रहा है। आपूर्ति विभाग ने राशन वितरण में सभी यूनिट को आधार से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। इसके बावजूद 2,17,895 यूनिट ऐेसे हैं, जिन्हें आधार से लिंकअप नहीं किया गया है। गांव के लोगों को राहत देने के लिए आपूर्ति विभाग ने जिन लोगों का आधार नहीं फीड है, उन्हें प्राक्सी (पर्ची) विधि से राशन वितरण की छूट दे रखी थी।
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इसमें कोटेदार खेल करते थे। वह गांव के लोगों के नाम पर राशन ड्रा कर खेल कर जाते थे। अधिकांश कोटेदारों के इस खेल का खुलासा होने पर शासन ने फरवरी माह से अब उन्हीं लोगों को राशन देने का फैसला लिया है, जिनके पास आधार कार्ड होगा। इससे 2,17,895 यूनिट का राशन बंद हो सकता है।
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मगर इससे सबसे बड़ा नुकसान कोटेदारों का होगा, जिन उपभोक्ताओं की यूनिट फीड है, वह तो अंगूठा लगाने के बाद राशन लेकर चलते बनते हैं। मगर जिनका आधार नहीं फीड था, उनका राशन हजम कर जाते थे। मगर नई व्यवस्था लागू से कोटेदारों की कमाई पर ब्रेक लग जाएगा।
कोटेदारों पर है आधार फीड कराने की जिम्मेदारी
जिले के कोटेदारों पर आधार फीड कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, इससे वह जानबूझ उपभोक्ताओं के आधार को नहीं फीड करा रहे हैं। दरअसल म ें आधार की फीडिंग होने के बाद ग्राहकों के अंगूठा लगाने के बाद ही राशन ड्रा होगा। ऐेसे में कोटेदार खेल कर राशन को आसानी से हजम कर लेते हैं।
कोटेदारों पर मेहरबान रहते हैं इंस्पेक्टर
जिले के कोटेदारों पर पूर्ति निरीक्षक मेहरबान रहते हैं, इसलिए जो शिकायतें आती भी हैं। उसे अपने स्तर से झूठा करार देकर वापस कर देते हैं। यही वजह है कि उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद भी कोटेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।

जिले के पात्र उपभोक्ताओं को सीधे राशन का लाभ मिले और कोटेदारों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए आधार की अनिवार्यता की जा रही है। इससे वास्तविक पात्रों को राशन मिलेगा। सुनील कुमार, डीएसओ
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