{"_id":"62f15cc3b1f0520a8660f95c","slug":"the-guilty-of-misconduct-was-sentenced-to-twenty-years-also-imposed-a-fine-of-ten-thousand-pratapgarh-news-ald338990996","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुराचार के दोषी को बीस साल की सजा, दस हजार अर्थदंड भी लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुराचार के दोषी को बीस साल की सजा, दस हजार अर्थदंड भी लगाया
विज्ञापन
अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायधीश पॉक्सो अधिनियम पंकज कुमार श्रीवास्तव ने दुराचार के मामले में दोषी पाए गए ज्वाला प्रसाद सरोज निवासी रानीगंज को बीस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कोर्ट ने कहा कि अर्थदंड की राशि पीड़िता को उसके चिकित्सकीय एवं मानसिक आघात की पूर्ति तथा पुनर्वास के लिए दी जाए। वादी मुकदमा के अनुसार, दो अक्तूबर 2014 को गांव में दुर्गा पंडाल सजा था और हवन हो रहा था। उसकी पंद्रह वर्षीय बेटी वहां मौजूद थी। पंडाल से कुछ दूर पर वह शौच करने गई।
तभी ज्वाला प्रसाद उसे बाजरे के खेत में घसीट ले गया और दुराचार किया। घटना के बाद पीड़िता ने अपने शरीर पर केरोसिन छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया था। कोर्ट में इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेशचंद्र त्रिपाठी व अशोक त्रिपाठी ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा कि अर्थदंड की राशि पीड़िता को उसके चिकित्सकीय एवं मानसिक आघात की पूर्ति तथा पुनर्वास के लिए दी जाए। वादी मुकदमा के अनुसार, दो अक्तूबर 2014 को गांव में दुर्गा पंडाल सजा था और हवन हो रहा था। उसकी पंद्रह वर्षीय बेटी वहां मौजूद थी। पंडाल से कुछ दूर पर वह शौच करने गई।
विज्ञापन
तभी ज्वाला प्रसाद उसे बाजरे के खेत में घसीट ले गया और दुराचार किया। घटना के बाद पीड़िता ने अपने शरीर पर केरोसिन छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया था। कोर्ट में इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेशचंद्र त्रिपाठी व अशोक त्रिपाठी ने की।
विज्ञापन