फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   The flavor of cumin in pulses decreased, inflation took its toll

Pratapgarh News: दाल में जीरा का तड़का हुआ कम, महंगाई ने निकाला दम

Tue, 08 Aug 2023 09:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Tue, 08 Aug 2023 09:03 PM IST
विज्ञापन
The flavor of cumin in pulses decreased, inflation took its toll
रेखा त्रिपाठी।
सब्जियों के साथ चावल, दाल, तेल, मसाले सब महंगे, बिगड़ा रसोई का बजट
विज्ञापन

- महंगाई से मध्यम वर्गीय परिवार का हाल खराब,
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। खाने-पीने की वस्तुओं पर महंगाई की मार है। आम आदमी परेशान है। इसका असर रसोई के बजट पर भी दिखने लगा है। बीते एक महीने में आटा, दाल, चावल, सब्जी और मसालों की कीमतों में वृद्धि हुई है। दाल के भाव तो बढ़े ही है। दाल में तड़का लगाने के लिए काम आने वाले जीरा और मिर्च के दाम भी पहाड़ चढ़ रहे हैं। बढ़ती महंगाई से मध्यम आय वर्ग के लोगों का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।

बारिश की वजह से जहां सब्जियों के दाम नियमित रूप से उछाल मार रहे हैं, वहीं दाल, चावल, दाल, आटा के दाम भी चढ़ते ही जा रहे हैं। मूल्य वृद्धि पर सब्जी के थोक कारोबारी इरफान ने बताया कि महाराष्ट्र में बारिश के कारण सब्जी की आवक कम हो रही है। बाहर से आने वाली सब्जियां बढ़ी दरों पर आ रही हैं। इस वजह से थोक और फुटकर बिक्री के भाव चढ़ रहे हैं।
विज्ञापन

कारोबारियों के मुताबिक दाम अधिक होने से लोग टमाटर अब किलो नहीं पाव भर खरीदकर काम चला रहे हैं। मंडी में टमाटर की आवक भी कम हो रही। आलू- प्याज की खरीदारी बढ़ गई है। लगभग सभी तरह की सब्जियों के दाम बढ़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------

दाल में मसालों का तड़का पड़ रहा महंगा

किराना दुकानदार रमेश मोदनवाल का कहना है कि एक-डेढ़ महीने के भीतर गरम मसाले में उपयोग होने वाली बड़ी इलाइची के रेट दो-तीन सौ रुपये बढ़ गए हैं। मसालों में हल्दी, मिर्च और धनिया, लौंग, छोटी-बड़ी इलाइची, जीरा, जावित्री, जायफल सहित अन्य मसालों के दाम भी बढ़े हैं। जीरा भी 700 रुपये किलो हो गया है। इससे लोगों को तड़का लगाना महंगा पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक माह में आटा, अरहर दाल, बेसन, चना, मैदा और रवा के रेट भी बढ़े हैं।

--------------------------

सेब से महंगा बिक रहा टमाटर, अदरक
बाजार में सब्जियां अब फलों से महंगी मिल रही हैं। मसालों के दाम भी मेवा के अगल-बगल टिक रहे हैं। दुकानदारों का अनुमान है कि यही स्थिति रही तो त्योहारों पर महंगाई और बढ़ सकती है। सब्जी में फली, धनिया, अदरक, लहसुन और टमाटर के दाम सेब से ज्यादा हैं। वहीं दूसरी सब्जियां भी पपीता, नाशपाती, अमरूद और केले जैसे फलों से कहीं ज्यादा दाम में मिल रही हैं। आंबेडकर चौराह के फल विक्रेता अमृतलाल ने बताया कि इन दिनों सेब को छोड़कर अनार, केला, नाशपाती, पपीता और अमरूद सहित अन्न्य फल सस्ते हैं।



--------------------------------

सब्जियों का फुटकर मूल्य (तुलनात्मक किलो में )

सब्जी का नाम-----------एक माह पूर्व----------- वर्तमान



आलू-----------------------14 रुपये----------------22



प्याज----------------------16 रुपये----------------25



परवल---------------------40 रुपये----------------50



तरोई----------------------30 रुपये----------------40



टमाटर-------------------120 रुपये--------------160
अदरक--------------- 180 रुपये --------------240

----------------------------------

खाद्यान्न का फुटकर मूल्य (तुलनात्मक किलो में )

नाम-------------एक माह पूर्व----------------वर्तमान



दाल-------------115------------------------135



आटा------------12--------------------------15



चावल----------36---------------------------40

-------------------------------------------

मंडी से बाजार आते ही महंगी हो जाती हैं सब्जियां

सब्जियों के मूल्याें में थोक व फुटकर में काफी अंतर है। थोक से फुटकर बाजार आते ही मूल्यों में लगभग दोगुना का अंतर हो जाता है। इसका प्रभावी सीधे तौर पर मध्यम व निम्न वर्ग पर पड़ रहा है। उन्हें अधिक मूल्य देकर सब्जियों को खरीदना पड़ रहा है। यही हाल खाद्यान्न का भी है।

------------------------------------------

महंगाई पर बोले लोग
बेतहाशा महंगाई ने रसोई को प्रभावित करने का कार्य किया है। पर्याप्त सामग्री के न होने से भोजन का जायका भी अब बिगड़ने लगा है।
पूजा सिंह, गृहणी

-------------------------------------

बाजार में सब्जी से लेकर खाने-पीने की वस्तुएं महंगी हो गई है। इससे रसोई में पहले की तरह सब्जियां पकाना मुश्किल हो रहा है।
रेखा त्रिपाठी, गृहणी
-----------------------------------

खाद्यान्न के मूल्यों में हुई बढ़ोतरी ने अब मध्यम वर्ग के लोगों को मुश्किल में डाल दिया है। दाल में तड़का लगाने के लिए भी सोचना पड़ रहा है।
गोपाल केसरवानी
------------------------------------

लगातार बढ़ती महंगाई आम लोगों के लिए अब समस्या बनने लगी है। सब्जी व खाद्यान्न का बढ़ता मूल्य जेब पर भार डाल रहा है।
विकास पांडेय

रेखा त्रिपाठी।

रेखा त्रिपाठी।

रेखा त्रिपाठी।

रेखा त्रिपाठी।

रेखा त्रिपाठी।

रेखा त्रिपाठी।

रेखा त्रिपाठी।

रेखा त्रिपाठी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed