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पछुआ का असर बरकरार, धूप में भी हुआ ठंड का एहसास
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The effect of the witch persists, the feeling of cold even in the sun
प्रतापगढ़। बर्फीली हवाओं से ठंड बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को धूप खिलने के बाद भी लोग ठंड से कांपते नजर आए। धूप में भी ठंड का असर बरकरार रहा। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 21.0 व न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
पश्चिमी हवाएं वातावरण में सक्रिय हैं। इससे गलन बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को मौसम साफ रहा। सुबह से ही धूप खिल गई थी, मगर इसका असर नहीं रहा। हालांकि धूप खिलने से बाजारों में चहल-पहल रही। शहर के बाबागंज, पंजाबी मार्केट, सदर बाजार, घंटाघर, अंबेडकर चौराहा सहित प्रमुख बाजारों में दिनभर खरीदारी के लिए लोग पहुंचे। इधर, शाम को ठंड और बढ़ गई। बाजारों में चहल-पहल कम हो गई। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पश्चिमी हवाओं की वापसी से तापमान में गिरावट आई है।
सूरज ढलते ही धधकने लगे अलाव
बृहस्पतिवार को रोज की अपेक्षा अधिक ठंड थी। धूप खिलने के बाद भी लोगों को राहत नहीं थी। लोग ठंड से राहत पाने के लिए बाहर चारपाई व कुर्सी पर बैठकर धूप सेंकते रहे। इधर, शाम होते ही ठंड और गलन बढ़ गई। चौराहों, बाजारों व घरों में अलाव धधकने लगे। लोग अलाव के पास बैठे नजर आए।
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पश्चिमी हवाएं वातावरण में सक्रिय हैं। इससे गलन बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को मौसम साफ रहा। सुबह से ही धूप खिल गई थी, मगर इसका असर नहीं रहा। हालांकि धूप खिलने से बाजारों में चहल-पहल रही। शहर के बाबागंज, पंजाबी मार्केट, सदर बाजार, घंटाघर, अंबेडकर चौराहा सहित प्रमुख बाजारों में दिनभर खरीदारी के लिए लोग पहुंचे। इधर, शाम को ठंड और बढ़ गई। बाजारों में चहल-पहल कम हो गई। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पश्चिमी हवाओं की वापसी से तापमान में गिरावट आई है।
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सूरज ढलते ही धधकने लगे अलाव
बृहस्पतिवार को रोज की अपेक्षा अधिक ठंड थी। धूप खिलने के बाद भी लोगों को राहत नहीं थी। लोग ठंड से राहत पाने के लिए बाहर चारपाई व कुर्सी पर बैठकर धूप सेंकते रहे। इधर, शाम होते ही ठंड और गलन बढ़ गई। चौराहों, बाजारों व घरों में अलाव धधकने लगे। लोग अलाव के पास बैठे नजर आए।
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