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कड़ाके की ठंड दे रहा दिल और दिमाग को झटका

Fri, 27 Dec 2019 11:57 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2019 11:57 PM IST
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temreture down in pratagrah
रोडवेज बस अड्डे पर कड़ाके की ठंड में अलाव के समीप खड़े यात्री। - फोटो : PRATAPGARH
प्रतापगढ़। हाड़ कंपा देने वाली ठंड दिल और दिमाग को झटका दे रही है। सर्दी के चलते अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने के साथ दिमाग में खून जम जा रहा है। जिससे लोग ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक की चपेट में आ रहे हैं। बीते तीन दिनों के भीतर 50 से भी अधिक ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंचे हैं। इनमें से पांच लोगों की मौत हो गई। डाक्टरों का कहना है कि सर्दी तेज होने के कारण सबसे ज्यादा खतरा बुजुुर्गों को है। दूसरी तरफ ठंड मासूमों पर भी कहर बरपा रही है। सर्दी के चलते उनका फेफड़ा जकड़ जा रहा है। इससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
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डॉक्टरों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में ब्रेन स्ट्रोक को लोग समझ नहीं पाते हैं। जब तक मरीज को अस्पताल लाया जाता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। समय पर उनका इलाज नहीं हो पाता है। जिसके चलते ऐसे मरीज दम तोड़ देते हैं। जिला अस्पतल में तैनात वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि अचानक ब्लड प्रेशर हाई होने के कारण ब्रेन स्टोक होता है। ऐसी दशा में मरीजों का हाथ-पैर काम करना बंद कर देता है। वह कुछ बोल नहीं पाता है। नसें फट जाने के कारण सिर में ब्लड जमने लगता है। इसके चलते मरीज की मौत हो जाती है। सर्दी में सबसे ज्यादा खतरा 50 से अधिक की उम्र के लोगों को है। कड़ाके की ठंड में रात में बिस्तर से उठकर बाहर जाने के कारण अचानक तापमान में बदलाव होने के कारण ब्रेन स्ट्रोक का खतरा रहता है। हाथ-पैर सुन्न हो जाता है।
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मरीज कुछ बोल नहीं पाता है। कई बार ग्रामीण इलाकों में लोग ऐसे समय में पीड़ित व्यक्ति के मुंह के अंदर तुलसी की पत्ती और जल आदि डालने लगते हैं, जो फेफड़े के पास जाकर फंस जाता है। इससे मरीज सांस नहीं ले पाता है। इससे उसकी मौत हो जाती है। ठंड में अचानक बाहर निकलने से हार्ट अटैक का भी खतरा रहता है। उधर, ठंड के चलते अधिकांश मासूम बच्चे निमोनिया से जकड़े हुए हैं। चिकित्सक उनका इलाज कर रहे हैं। जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड पूरी तरह से फुल है।
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समय से अस्पताल पहुंचने पर बच सकती है जान
डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि जिन लोगों की ब्लड प्रेशर और मधुमेह के साथ हृदय रोग की दवा चल रही है, उन्हें ठंड में अपना बचाव करना चाहिए। सप्ताह में कम से कम दो बार ब्लड प्रेशर, शुगर और हर्ट की जांच करानी चाहिए। ब्लड प्रेशर हाई होने, बेचैनी होने या फिर सीने में दर्द होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के मुह में पानी नहीं डालना चाहिए। ऐसे मरीजों को समय रहते सीटी स्कैन कराकर चिकित्सक को दिखाना
ऐसे करें बचाव
सर्दी से पूरी तरह से बचाव करें। यदि रात में नींद खुले और लघुशंका के लिए जाना हो तो पहले बिस्तर से उठकर कमरे में कुछ देर रजाई से बाहर बैठना चाहिए। फिर लघुशंका के लिए जाना चाहिए। प्रयास करें कि दरवाजा खोलकर बाहर न निकलना पड़े। सुबह दस बजे के पहले स्नान नहीं करना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय ज्यादा से ज्यादा ऊनी कपड़े पहनें।

ब्रेन स्ट्रोक से इन लोगों की गई जान
मानधाता थाना के बबुरहा निवासी सीताराम विश्वकर्मा को ठंड लग गई। ब्रेन हैमरेज हो गया। परिजन जब तक अस्पताल लेकर जाते कि उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं विजयीमऊ निवासी अजय, रानीगंज निवासी अनुराग को ब्रेन हैमरेज हो गया। इसके चलते इन लोगों की जान चली गई। कंधई थाना के करनपुर खूजी निवासी राममूरत शुक्ला की हार्ट अटैक होने से मौत हो गई।
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