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हिंदू-मुस्लिम एकता के भाव देख छलक पड़े आंसू
pratapgarh
Updated Fri, 09 Nov 2018 10:58 PM IST
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संडवा चंद्रिका (ब्यूरो)। क्षेत्र के छतरपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में हिंदू-मुस्लिम एकता का अद्भुत नजारा देखकर महिलाओं के आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। शुक्रवार को गांव के ही मो. शाकिर अली (बाबा) ने भक्तों को मेवे का प्रसाद बांटा और कथा व्यास को अंगवस्त्र भेंटकर नागरिक अभिनंदन किया। क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्षेत्र के छतरपुर स्थित दयाशंकर शुक्ल के संयोजकत्व में होने वाली श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास महराज रामतीर्थ शुक्ल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की माया के आगे पूतना चित हो गई। बाल रूप में ही भगवान कृष्ण ने अपनी ऐसी माया दिखाई कि उसकी सारी शक्तियां क्षीण हो गईं। हालांकि वह भगवान कृष्ण को मारने आई थी, मगर वह स्वयं काल के गाल में समा गई। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में उमड़े भक्तों ने शुक्रवार का दृश्य का देखकर दंग रह गए। गांव के ही शाकिर अली के हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखकर महिलाओं के आंखों में आंसू झलक पड़े। इस मौके पर परमानंद द्यिवेदी, लक्ष्मीकांत द्यिवेदी, राम सजीवन शुक्ल, राम समुझ शुक्ल, अमित शुक्ला, गौरव शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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क्षेत्र के छतरपुर स्थित दयाशंकर शुक्ल के संयोजकत्व में होने वाली श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास महराज रामतीर्थ शुक्ल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की माया के आगे पूतना चित हो गई। बाल रूप में ही भगवान कृष्ण ने अपनी ऐसी माया दिखाई कि उसकी सारी शक्तियां क्षीण हो गईं। हालांकि वह भगवान कृष्ण को मारने आई थी, मगर वह स्वयं काल के गाल में समा गई। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में उमड़े भक्तों ने शुक्रवार का दृश्य का देखकर दंग रह गए। गांव के ही शाकिर अली के हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखकर महिलाओं के आंखों में आंसू झलक पड़े। इस मौके पर परमानंद द्यिवेदी, लक्ष्मीकांत द्यिवेदी, राम सजीवन शुक्ल, राम समुझ शुक्ल, अमित शुक्ला, गौरव शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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