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बिना डीएल बाइक लेकर आए छात्र तो फंसेंगे विद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 03 Feb 2018 11:47 PM IST
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बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बाइक लेकर बच्चों के स्कूल आने पर अब स्कूल भी फंसेंगे। एआरटीओ ने लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए स्कूलों से भी लिखित प्रमाणपत्र लेने का आदेश जारी किया है। विभाग का मानना है कि अनुशासन व नियम कानून के बड़े-बड़े दावे करने वाले स्कूलों ने ऐसे छात्र-छात्राओं को अपने परिसर में वाहन खड़ा करने के लिए खुली छूट दे रखी है। सभी के लाइसेंस चेक होंगे। ऐसे बच्चों के अभिभावकों को भी परिवहन विभाग अवगत कराएगा।
जिल के अधिकांश इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और स्कूलों मेें बड़ी संख्या में छात्र व छात्राएं दोपहिया वाहन लेकर आते हैं। इन छात्रों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही उन्हें यातायात नियमों की समझ है। ऐसे में दुर्घटना होने की आशंका रहती है। छुट्टी के समय छात्र-छात्राएं ट्रिपलिंग भी करते हैं। बिना हेलमेट दुपहिया वाहन से फर्राटा भरते हैं। जिसके चलते हर माह दुर्घटनाओं में छात्र-छात्राओं को जान गंवानी पड़ती है। अभी हाल ही में आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अमरगढ़ बाजार का रहने वाला छात्र कालेज जाते समय अपने दोस्त के साथ राजापुर बाजार में ट्रक से कुचल गया।
जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। गौर करने की बात यह है कि अनुशासन के बड़े-बड़े दावे करने वाले कॉलेज संचालक इस मामले में लापरवाह हैं। बिना लाइसेंस व हेलमेट के फर्राटा भरने वाले छात्र-छात्राओं को खुली छूट देते रहते हैं। वे बिना रोकटोक कॉलेज में बाइक लेकर आते-जाते हैं। इसके चलते हर साल होने वाली दुर्घटना में घायल होने वाले छात्रों की संख्या भी तेजी के साथ बढ़ रही है। जिसे देखते हुए शासन ने यातायात विभाग को हादसों के रोकने की जिम्मेदारी दी है। ऐसे में अब कालेजों में उप संभागीय परिवहन अधिकारी दस्तक देंगे। अब स्कूल प्रशासन छात्र-छात्राओं के प्रवेश के दौरान ही उनके अन्य कागजातों के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस की भी पड़ताल करेंगे। कालेज संचालक से लिखित में प्रमाण लेंगे कि बिन लाइसेंस के कोई छात्र बाइक लेकर नहीं आएगा।
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जिल के अधिकांश इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और स्कूलों मेें बड़ी संख्या में छात्र व छात्राएं दोपहिया वाहन लेकर आते हैं। इन छात्रों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही उन्हें यातायात नियमों की समझ है। ऐसे में दुर्घटना होने की आशंका रहती है। छुट्टी के समय छात्र-छात्राएं ट्रिपलिंग भी करते हैं। बिना हेलमेट दुपहिया वाहन से फर्राटा भरते हैं। जिसके चलते हर माह दुर्घटनाओं में छात्र-छात्राओं को जान गंवानी पड़ती है। अभी हाल ही में आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अमरगढ़ बाजार का रहने वाला छात्र कालेज जाते समय अपने दोस्त के साथ राजापुर बाजार में ट्रक से कुचल गया।
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जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। गौर करने की बात यह है कि अनुशासन के बड़े-बड़े दावे करने वाले कॉलेज संचालक इस मामले में लापरवाह हैं। बिना लाइसेंस व हेलमेट के फर्राटा भरने वाले छात्र-छात्राओं को खुली छूट देते रहते हैं। वे बिना रोकटोक कॉलेज में बाइक लेकर आते-जाते हैं। इसके चलते हर साल होने वाली दुर्घटना में घायल होने वाले छात्रों की संख्या भी तेजी के साथ बढ़ रही है। जिसे देखते हुए शासन ने यातायात विभाग को हादसों के रोकने की जिम्मेदारी दी है। ऐसे में अब कालेजों में उप संभागीय परिवहन अधिकारी दस्तक देंगे। अब स्कूल प्रशासन छात्र-छात्राओं के प्रवेश के दौरान ही उनके अन्य कागजातों के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस की भी पड़ताल करेंगे। कालेज संचालक से लिखित में प्रमाण लेंगे कि बिन लाइसेंस के कोई छात्र बाइक लेकर नहीं आएगा।
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