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एटीएम और बैंक के चक्कर में फंसा वेतन
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:30 PM IST
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नोटबंदी के बाद नकदी के उपजे संकट से सबसे अधिक सेवारत कर्मचारी जूझ रहे हैं। ग्राहकों को अपने निजी खातों से 24,000 रुपये निकालने की छूट दी गई है। मगर बैंकों में चार-चार घंटे लाइन में लगने के बाद कर्मचारियों को 4000-4000 रुपये दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों की समस्या यह है कि वह लाइन में खडे़ होकर रुपये मिलने का इंतजार करें, या अपनी ड्यूटी करें।
यह कैसी विडंबना है कि ग्राहक अपनी ही गाढ़ी कमाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सुबह से शाम तक उमड़ने वाली भीड़ में अधिकांश लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। कर्मचारियों को बैंकों से नकदी लेने के लिए सबसे अधिक पसीना बहाना पड़ रहा है। एटीएम से रुपये निकालने वाले कर्मचारियों को महज दो हजार रुपये मिलने से उनका खर्च नहीं चल पा रहा है। दो हजार रुपये में रोजमर्रा का खर्च चलाए या मकान का किराया, दूध का पैसा, पेपर का भुगतान, प्रतिमाह होने वाले राशन की खरीदारी करें। बैंक में लंबी लाइन लगाने पर सिर्फ चार हजार रुपये मिल रहे हैं।
समस्या इस बात की है कि कर्मचारी प्रतिदिन रुपये के लिए लाइन लगाए या अपनी ड्यूटी करें। आलम यह है कि अक्तूबर माह का वेतन कर्मचारियों के खाते में 10 नवंबर तक आ गया, मगर अभी तक कोई भी कर्मचारी वेतन की धनराशि नहीं निकाल पाया है। सदर विकास खंड में तैनात एडीओ इंदु प्रकाश श्रीवास्तव और लिपिक मुकेश कुमार ने बताया कि वेतन के चक्कर में दस दिन से बैंक का चक्कर लगा रहा हूं, मगर कभी देर से पहुंचता हूं। कभी भीड़ देखकर वापस हो जाता हूं। मगर अभी तक वेतन नहीं मिला है। यह किसी एक दो कर्मचारी की बात नहीं है, बल्कि अधिकांश कर्मचारी नकदी का संकट आने के बाद वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।
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बीओबी शाखाओं में अव्यवस्था से आक्रोश
रानीगंज (ब्यूरो)। पैसों के लेनदेन को लेकर जहां पीएनबी, सेन्ट्रल बैंक, स्टेट बैकों में उपभोक्ताओं की लाइनें तीन बजे तक समाप्त हो जा रही हैं, वहीं तहसील क्षेत्र के बीओबी बैंक की शाखाओं में हर रोज उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ता सुबह से लाइन में खड़े-खड़े शाम तक पैसा न मिलने पर आक्रोशित हो रहे हैं। ग्राहकों के गुस्से का शिकार बैंककर्मी व शाखा प्रबंधक हो रहे हैं।
एक हजार व पांच सौ रुपये के नोट बंद होने से ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। लोग घंटों कतार में खड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें कैश न होने की बात बताकर वापस कर दिया जाता है। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से कैश का अभाव दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को भी बीओबी रानीगंज में कैश का अभाव रहा। लोग घंटों लाइन में खड़े होने के बाद खाली हाथ लौट गए। अगर यही हाल रहा तो ग्राहकों का गुस्सा किसी दिन बवाल का कारण बनेगा। कतार में खड़े लोग बैंक कर्मियों पर तरह तरह के आरोप लगाते रहे।
यह कैसी विडंबना है कि ग्राहक अपनी ही गाढ़ी कमाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सुबह से शाम तक उमड़ने वाली भीड़ में अधिकांश लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। कर्मचारियों को बैंकों से नकदी लेने के लिए सबसे अधिक पसीना बहाना पड़ रहा है। एटीएम से रुपये निकालने वाले कर्मचारियों को महज दो हजार रुपये मिलने से उनका खर्च नहीं चल पा रहा है। दो हजार रुपये में रोजमर्रा का खर्च चलाए या मकान का किराया, दूध का पैसा, पेपर का भुगतान, प्रतिमाह होने वाले राशन की खरीदारी करें। बैंक में लंबी लाइन लगाने पर सिर्फ चार हजार रुपये मिल रहे हैं।
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समस्या इस बात की है कि कर्मचारी प्रतिदिन रुपये के लिए लाइन लगाए या अपनी ड्यूटी करें। आलम यह है कि अक्तूबर माह का वेतन कर्मचारियों के खाते में 10 नवंबर तक आ गया, मगर अभी तक कोई भी कर्मचारी वेतन की धनराशि नहीं निकाल पाया है। सदर विकास खंड में तैनात एडीओ इंदु प्रकाश श्रीवास्तव और लिपिक मुकेश कुमार ने बताया कि वेतन के चक्कर में दस दिन से बैंक का चक्कर लगा रहा हूं, मगर कभी देर से पहुंचता हूं। कभी भीड़ देखकर वापस हो जाता हूं। मगर अभी तक वेतन नहीं मिला है। यह किसी एक दो कर्मचारी की बात नहीं है, बल्कि अधिकांश कर्मचारी नकदी का संकट आने के बाद वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।
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बीओबी शाखाओं में अव्यवस्था से आक्रोश
रानीगंज (ब्यूरो)। पैसों के लेनदेन को लेकर जहां पीएनबी, सेन्ट्रल बैंक, स्टेट बैकों में उपभोक्ताओं की लाइनें तीन बजे तक समाप्त हो जा रही हैं, वहीं तहसील क्षेत्र के बीओबी बैंक की शाखाओं में हर रोज उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ता सुबह से लाइन में खड़े-खड़े शाम तक पैसा न मिलने पर आक्रोशित हो रहे हैं। ग्राहकों के गुस्से का शिकार बैंककर्मी व शाखा प्रबंधक हो रहे हैं।
एक हजार व पांच सौ रुपये के नोट बंद होने से ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। लोग घंटों कतार में खड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें कैश न होने की बात बताकर वापस कर दिया जाता है। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से कैश का अभाव दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को भी बीओबी रानीगंज में कैश का अभाव रहा। लोग घंटों लाइन में खड़े होने के बाद खाली हाथ लौट गए। अगर यही हाल रहा तो ग्राहकों का गुस्सा किसी दिन बवाल का कारण बनेगा। कतार में खड़े लोग बैंक कर्मियों पर तरह तरह के आरोप लगाते रहे।