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Pratapgarh News: पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या के छह दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास
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अपर सत्र न्यायाधीश बाबूराम ने पिता-पुत्र की हत्या के दोषी हथिगवां थानाक्षेत्र के बलीपुर गांव निवासी शीतला सिंह, उसके बेटे विपिन सिंह व रणजीत सिंह, पत्नी चंदा सिंह, बहू प्रीति सिंह व प्रकाश सरोज को आजीवन कारावास एवं हर दोषी पर 45,200 रुपये का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने आयुध (शस्त्र अधिनियम) एक्ट के दोषी शीतला को दो वर्ष का कारावास एवं एक हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड व बेटे विपिन को तीन साल का कारावास एवं दो हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वादी मुकदमा मिथिलेश ने बताया कि दो नवंबर 2020 की शाम को शीतल सिंह व अपने पुत्र के साथ ट्रैक्टर से धान लाद कर घर आ रहे थे। बिजली का तार नीचे होने के कारण ट्रैक्टर उसमें फंस गया। तार हटाने को लेकर पति राजेंद्र बहादुर सिंह विवाद हो गया। जब मिथिलेश ने आवाज सुनी तो घर के बाहर आ गईं। इस दौरान राजेंद्र से पिता-पुत्र विवाद करते रहे।
संतोष बहादुर सिंह, धीरेंद्र सिंह एवं नीरज कुमार ने बीचबचाव का काफी प्रयास किया लेकिन विवाद नहीं थमा। इसी बीच प्रीति सिंह ने राजेंद्र बहादुर सिंह पर लाठी से हमला किया। जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई। बेटी रचना को भी मारापीटा। उसी दौरान घर के अंदर से विपिन सिंह बंदूक एवं शीतल सिंह व प्रकाश सरोज अपने हाथ में अवैध तमंचा व रणजीत सिंह लाठी लेकर आया। शीतला सिंह ने ललकारते हुए उन्हें और उनके पति पर फायर कर दिया।
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गोली लगने के कारण पति वहीं गिर गए। इसके बाद शीतला सिंह व प्रकाश सिंह ने बेटे अभय पर गोली चलाई। जिससे वह भी जमीन पर गिर गया। रणजीत सिंह व चंदा देवी ने उन्हें लाठी से मारपीट शुरू दी। घटना में पति राजेंद्र बहादुर सिंह व पुत्र अभय सिंह की मौत हो गई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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वादी मुकदमा मिथिलेश ने बताया कि दो नवंबर 2020 की शाम को शीतल सिंह व अपने पुत्र के साथ ट्रैक्टर से धान लाद कर घर आ रहे थे। बिजली का तार नीचे होने के कारण ट्रैक्टर उसमें फंस गया। तार हटाने को लेकर पति राजेंद्र बहादुर सिंह विवाद हो गया। जब मिथिलेश ने आवाज सुनी तो घर के बाहर आ गईं। इस दौरान राजेंद्र से पिता-पुत्र विवाद करते रहे।
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संतोष बहादुर सिंह, धीरेंद्र सिंह एवं नीरज कुमार ने बीचबचाव का काफी प्रयास किया लेकिन विवाद नहीं थमा। इसी बीच प्रीति सिंह ने राजेंद्र बहादुर सिंह पर लाठी से हमला किया। जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई। बेटी रचना को भी मारापीटा। उसी दौरान घर के अंदर से विपिन सिंह बंदूक एवं शीतल सिंह व प्रकाश सरोज अपने हाथ में अवैध तमंचा व रणजीत सिंह लाठी लेकर आया। शीतला सिंह ने ललकारते हुए उन्हें और उनके पति पर फायर कर दिया।
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गोली लगने के कारण पति वहीं गिर गए। इसके बाद शीतला सिंह व प्रकाश सिंह ने बेटे अभय पर गोली चलाई। जिससे वह भी जमीन पर गिर गया। रणजीत सिंह व चंदा देवी ने उन्हें लाठी से मारपीट शुरू दी। घटना में पति राजेंद्र बहादुर सिंह व पुत्र अभय सिंह की मौत हो गई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।