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साहब, सहेली को पता है बेटियों की हत्या का राज
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साहब, कोमल को पता है बेटियों की हत्या का राज
कालेज में बेटी के साथ पढ़ती है, सीओ सिटी ने ली जानकारी
मृत सगी बहनों के पिता घर पर ही अनशन पर बैठे
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सगी बहनों की मौत को भले ही पुलिस खुदकुशी मानकर प्रकरण को बंद करना चाहती है, लेकिन परिवार के लोग दोनों की हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। घर पर ही अनशन पर बैठा पिता बेटी की सहेली कोमल से पूछताछ के बाद घटना का राज सामने आना का दावा कर रहा है। परिवार के लोगों से बातचीत करने के लिए शनिवार को सीओ सिटी उनके घर पहुंचे।
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ निवासी सुभाष राव की बेटी अंजलि अष्टभुजानगर स्थित कालेज में कक्षा नौ की छात्रा थी। दो दिसंबर की सुबह बड़ी बहन शिवांगी के साथ अंजलि कालेज से करीब साढ़े दस बजे दवा कराने की बात कहकर निकली थी। दूसरे दिन दोनों बहनों की लाशें सांगीपुर के कुंभापुर घाट सई नदी में मिली थीं। दोनों के हाथ दुपट्टे से बंधे थे। परिवार के लोग दोनों की हत्या का आरोप लगा रहे थे। घटना की जानकारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। अब पुलिस इसे आत्महत्या मानकर खामोश बैठ चुकी है। पुलिस की खामोशी व जाम लगाकर इंसाफ मांगने वालों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद सुभाष राव अपने घर पर ही अनशन पर बैठ गया है। शनिवार को भी उसका अनशन जारी रहा। मामले की जानकारी के बाद सिविल लाइन चौकी प्रभारी भागकर पहुंचे। कुछ देर बाद सीओ सिटी अभय पांडेय भी मौके पर पहुंच गए। सुभाष राव से प्रकरण की जानकारी लेने लगे। पूछताछ के दौरान सुभाष ने बताया कि अंजलि के साथ पढ़ने वाली कोमल नाम की छात्रा से पूछताछ के बाद उसकी बेटियों की हत्या का राज सामने आ सकता है। पूछताछ होना चाहिए। अंजलि व शिवांगी की अक्सर कोमल से बातचीत होती थी। सुभाष का आरोप था कि पुलिस जान बूझकर हत्या को आत्महत्या की ओर ले जा रही है। जबकि उसकी बेटियों की हत्या हुई है। सीओ सिटी के तमाम प्रयास के बाद भी सुभाष ने अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि सुभाष अपने घर पर ही है। उसका कोई अनशन नहीं चल रहा है। जिस छात्राओं का नाम बता रहा है, उनसे बातचीत कर हकीकत जानने का प्रयास किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया था कि दोनों की मौत पानी में डूबने से हुई है।
इनसेट----
अभी तक नहीं मिली आर्थिक मदद, सुरक्षा के भी नहीं हुए इंतजाम
सुभाष राव की बेटी अंजलि व शिवांगी की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर जमकर बवाल हुआ था। परिजन अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते थे, लेकिन पुलिस व सदर विधायक राजकुमार पाल ने जबरन सगी बहनों के शव का अंतिम संस्कार करा दिया था। परिजनों को आर्थिक मदद व सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस देने का भरोसा दिलाया गया था। अभी तक न तो परिजनों को आर्थिक मदद मिली और न ही सुरक्षा का कोई प्रबंध प्रशासन की ओर से कराया गया। जिससे परिवार के लोगों में प्रशासन के रवैए को लेकर नाराजगी है।
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इनसेट------
आखिर दोनों नंबरों की हकीकत बताने से क्यों कतरा रही पुलिस
दो सगी बहनों की मौत को लेकर शुरू से ही पुलिस सवालों के घेरे में है। हालात बता रहे हैं कि दोनों की हत्या होने से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन पुलिस इसे खुदकुशी मान रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि अंजलि ने जिन दो नंबरों से अपनी बुआ मंजू के पास फोन किया था, उसकी हकीकत जानने के बाद भी पुलिस उसके बारे में बताने से क्यों कतरा रही है। जबकि पुलिस को दोनों नंबरों का प्रयोग करने वाले के बारे में पूरी जानकारी हो चुकी है।
इनसेट-----
पुलिस की पकड़ से छूटते ही लापता हुआ सुरेश
सगी बहनों की मौत के मामले में लालगंज पुलिस ने खालसा सादात के रहने वाले मोबाइल दुकानदार सुरेश को उठा लिया था। उसने फोन कर अंजलि व शिवांगी के पिता सुभाष को जानकारी दी थी। बताया था कि वे उसके घर आ गई हैं। सुभाष ने दोनों को रोकने के लिए कहा था, लेकिन कुछ देर बाद दोनों बहनें गायब हो गईं। जिसके बाद सुरेश ने फोन कर उनके भागने की जानकारी सुभाष को दी थी। चार दिन बाद पुलिस ने पूछताछ के बाद सुरेश को छोड़ा था। अब सुरेश कहां है, इसकी किसी को भनक तक नहीं लग सकी।
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कालेज में बेटी के साथ पढ़ती है, सीओ सिटी ने ली जानकारी
मृत सगी बहनों के पिता घर पर ही अनशन पर बैठे
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सगी बहनों की मौत को भले ही पुलिस खुदकुशी मानकर प्रकरण को बंद करना चाहती है, लेकिन परिवार के लोग दोनों की हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। घर पर ही अनशन पर बैठा पिता बेटी की सहेली कोमल से पूछताछ के बाद घटना का राज सामने आना का दावा कर रहा है। परिवार के लोगों से बातचीत करने के लिए शनिवार को सीओ सिटी उनके घर पहुंचे।
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ निवासी सुभाष राव की बेटी अंजलि अष्टभुजानगर स्थित कालेज में कक्षा नौ की छात्रा थी। दो दिसंबर की सुबह बड़ी बहन शिवांगी के साथ अंजलि कालेज से करीब साढ़े दस बजे दवा कराने की बात कहकर निकली थी। दूसरे दिन दोनों बहनों की लाशें सांगीपुर के कुंभापुर घाट सई नदी में मिली थीं। दोनों के हाथ दुपट्टे से बंधे थे। परिवार के लोग दोनों की हत्या का आरोप लगा रहे थे। घटना की जानकारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। अब पुलिस इसे आत्महत्या मानकर खामोश बैठ चुकी है। पुलिस की खामोशी व जाम लगाकर इंसाफ मांगने वालों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद सुभाष राव अपने घर पर ही अनशन पर बैठ गया है। शनिवार को भी उसका अनशन जारी रहा। मामले की जानकारी के बाद सिविल लाइन चौकी प्रभारी भागकर पहुंचे। कुछ देर बाद सीओ सिटी अभय पांडेय भी मौके पर पहुंच गए। सुभाष राव से प्रकरण की जानकारी लेने लगे। पूछताछ के दौरान सुभाष ने बताया कि अंजलि के साथ पढ़ने वाली कोमल नाम की छात्रा से पूछताछ के बाद उसकी बेटियों की हत्या का राज सामने आ सकता है। पूछताछ होना चाहिए। अंजलि व शिवांगी की अक्सर कोमल से बातचीत होती थी। सुभाष का आरोप था कि पुलिस जान बूझकर हत्या को आत्महत्या की ओर ले जा रही है। जबकि उसकी बेटियों की हत्या हुई है। सीओ सिटी के तमाम प्रयास के बाद भी सुभाष ने अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि सुभाष अपने घर पर ही है। उसका कोई अनशन नहीं चल रहा है। जिस छात्राओं का नाम बता रहा है, उनसे बातचीत कर हकीकत जानने का प्रयास किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया था कि दोनों की मौत पानी में डूबने से हुई है।
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अभी तक नहीं मिली आर्थिक मदद, सुरक्षा के भी नहीं हुए इंतजाम
सुभाष राव की बेटी अंजलि व शिवांगी की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर जमकर बवाल हुआ था। परिजन अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते थे, लेकिन पुलिस व सदर विधायक राजकुमार पाल ने जबरन सगी बहनों के शव का अंतिम संस्कार करा दिया था। परिजनों को आर्थिक मदद व सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस देने का भरोसा दिलाया गया था। अभी तक न तो परिजनों को आर्थिक मदद मिली और न ही सुरक्षा का कोई प्रबंध प्रशासन की ओर से कराया गया। जिससे परिवार के लोगों में प्रशासन के रवैए को लेकर नाराजगी है।
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आखिर दोनों नंबरों की हकीकत बताने से क्यों कतरा रही पुलिस
दो सगी बहनों की मौत को लेकर शुरू से ही पुलिस सवालों के घेरे में है। हालात बता रहे हैं कि दोनों की हत्या होने से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन पुलिस इसे खुदकुशी मान रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि अंजलि ने जिन दो नंबरों से अपनी बुआ मंजू के पास फोन किया था, उसकी हकीकत जानने के बाद भी पुलिस उसके बारे में बताने से क्यों कतरा रही है। जबकि पुलिस को दोनों नंबरों का प्रयोग करने वाले के बारे में पूरी जानकारी हो चुकी है।
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पुलिस की पकड़ से छूटते ही लापता हुआ सुरेश
सगी बहनों की मौत के मामले में लालगंज पुलिस ने खालसा सादात के रहने वाले मोबाइल दुकानदार सुरेश को उठा लिया था। उसने फोन कर अंजलि व शिवांगी के पिता सुभाष को जानकारी दी थी। बताया था कि वे उसके घर आ गई हैं। सुभाष ने दोनों को रोकने के लिए कहा था, लेकिन कुछ देर बाद दोनों बहनें गायब हो गईं। जिसके बाद सुरेश ने फोन कर उनके भागने की जानकारी सुभाष को दी थी। चार दिन बाद पुलिस ने पूछताछ के बाद सुरेश को छोड़ा था। अब सुरेश कहां है, इसकी किसी को भनक तक नहीं लग सकी।