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माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों का अकाल, कैसे होगी पढ़ाई

Sat, 29 Jun 2019 01:03 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jun 2019 01:03 AM IST
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shortage of teachers in middle schools
शिक्षकों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई राम भरोसे
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माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों का अकाल, कैसे होगी पढ़ाई
राजकीय विद्यालयों में प्रवक्ता के 70 पद खाली, सहायता प्राप्त विद्यालयों में 26 प्रवक्ता और 250 सहायक अध्यापक नहीं
अंग्रेजी, गणित व विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता नहीं, कैसे पूरा होगा कोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। नए शिक्षा सत्र मेें माध्यमिक शिक्षा विभाग राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए-नए निर्देश जारी कर रहा हो, मगर इस बार भी बच्चों की पढ़ाई रामभरोसे ही रहेगी। कॉलेजों में गणित, अंग्रेजी, विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता नहीं है। सहायक शिक्षकों की भी कमी है। विभागीय अफसर महज कागजी कोरम तक ही सीमित हैं।

जिले में 38 राजकीय विद्यालय व 78 सहायता प्राप्त विद्यालय हैं। नए शिक्षा सत्र में पठन-पाठन की व्यवस्था बेहतर बनाने को लेकर विभागीय अफसर जुटे हुए हैं। प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की जा रही है। शिक्षकों पर नकेल कसने के लिए शिक्षक डायरी का भी कोरम दिया गया है। नियमित क्लास व समय से कोर्स पूरा कराने की भी शिक्षकों को हिदायत दी जा रही है। मगर स्थिति यह है शिक्षकों की भारी कमी के बीच यह सब कैसे पूरा होगा। कॉलेजों में विभिन्न विषयों के 70 प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। जिले में नौ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज व चार राजकीय इंटर कॉलेज हैं। सबसे खराब स्थिति शहर के राजकीय इंटर कॉलेज की है। यहां किसी भी विषय के प्रवक्ता नहीं हैं। हिंदी गणित, भौतिक विज्ञान, रसानय विज्ञान, जीव विज्ञान के साथ सात प्रवक्ताओं की कमी है, जबकि यह विद्यालय कभी शिक्षा के लिए नजीर की तौर पर देखा जाता था। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 14 मेें सात प्रवक्ताओं की कमी है। जीजीआईसी बिहार में नौ में महज चार की तैनाती है। जीजीआईसी पटटी में 11 पद निर्धारित हैं, छह की कमी है। जीआईसी चंदीगोविंदपुर में प्रवक्ता के नौ पद है, जिसमें छह की कमी है। जीजीआईसी शीतलमऊ में नौ पद प्रवक्ता के हैं, जिसमें 8 रिक्त हैं। जीआईसी सांगीपुर में 7 पद में से 5 रिक्त हैं। इनमे ंअग्रेंजी, गणित, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, समाजिक विज्ञान, अर्थशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषय हैं। यही हाल अन्य राजकीय कालेजों का है। सहायता प्राप्त विद्यालयों में 26 पद प्रवक्ता के व 250 से अधिक पद सहायक शिक्षक के रिक्त हैं। नए शिक्षासत्र शुरू होने जा रहा है, लेकिन अब तक शिक्षकों की कमी को पूरा करने को लेकर कोई प्रयास नहीं हो सका है। इस बारे में डीआईओएस डा. एसपी यादव का कहना है कि राजकीय विद्यालय में प्रवक्ताओं की कमी है। इसे शासन को लिखकर भेजा गया है। सहायता प्राप्त विद्यालयों में सहायक शिक्षकों व प्रवक्ताओं की कमी को पूरा करने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों का सहारा लिया जाएगा।
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