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नाली, सडक़, खड़ंजा में घपला, 1.12 लाख की होगी रिकवरी
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rupees
विकास कार्यों के नाम पर बंदरबांट करने वाले 15 प्रधानों और सचिवों से 1.12 लाख रुपये रिकवरी का आदेश जारी किया गया है। ग्राम पंचायतों में नाली, सडक़, खड़ंजा निर्माण में व्यापक अनियमितता बरती गई थी। शासन के आदेश पर हुई जांच में रिकवरी का पत्र जारी हुआ है।
जिले के आसपुर देवसरा विकास खंड के बींद, लाखीपुर कप्सा, बचरौली, औराइन, ढांढर, पिपरी मुस्तरकापुर, दाउदपुर, आमापुर, बेहटा, गौरामाफी, भरोखन, कोपा, मझगवा, भुसहर, सपताछात में बने नाली, खड़ंजा और सडक़ में व्यापक घपला उजागर हुआ है। इन ग्राम पंचायतों में वर्ष 2017-18 में हुए विकास कार्यों की शासन ने जांच कराई थी।
जांच में 1.12 लाख रुपये की अनियमितता उजागर हुई थी, मगर अभी तक अफसर फाइल दबाकर रखे हुए थे। बीते सप्ताह मामला गरमाने पर अफसरों की नींद खुली और रिकवरी के लिए पत्र जारी हुआ। लखनऊ से आई टीम की जांच में मनरेगा, राजवित्त में हुए विकास कार्य में व्यापक अनियमितता उजागर होने पर डीएम को पत्र भेजकर रिकवरी करने को कहा था।
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डीएम ने प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायकों का हिस्सा निर्धारित कर रुपये की रिकवरी करने का पत्र जारी किया है। इस पत्र के जारी होने से प्रधानों और सचिवों में हडक़ंप मच गया है। सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर हुई जांच में रुपये का दुरुपयोग करने का मामला उजागर हुआ था। प्रधानों, सचिवों और तकनीकी सहायकों से रिकवरी के लिए बीडीओ को पत्र भेजा गया है।
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जिले के आसपुर देवसरा विकास खंड के बींद, लाखीपुर कप्सा, बचरौली, औराइन, ढांढर, पिपरी मुस्तरकापुर, दाउदपुर, आमापुर, बेहटा, गौरामाफी, भरोखन, कोपा, मझगवा, भुसहर, सपताछात में बने नाली, खड़ंजा और सडक़ में व्यापक घपला उजागर हुआ है। इन ग्राम पंचायतों में वर्ष 2017-18 में हुए विकास कार्यों की शासन ने जांच कराई थी।
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जांच में 1.12 लाख रुपये की अनियमितता उजागर हुई थी, मगर अभी तक अफसर फाइल दबाकर रखे हुए थे। बीते सप्ताह मामला गरमाने पर अफसरों की नींद खुली और रिकवरी के लिए पत्र जारी हुआ। लखनऊ से आई टीम की जांच में मनरेगा, राजवित्त में हुए विकास कार्य में व्यापक अनियमितता उजागर होने पर डीएम को पत्र भेजकर रिकवरी करने को कहा था।
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डीएम ने प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायकों का हिस्सा निर्धारित कर रुपये की रिकवरी करने का पत्र जारी किया है। इस पत्र के जारी होने से प्रधानों और सचिवों में हडक़ंप मच गया है। सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर हुई जांच में रुपये का दुरुपयोग करने का मामला उजागर हुआ था। प्रधानों, सचिवों और तकनीकी सहायकों से रिकवरी के लिए बीडीओ को पत्र भेजा गया है।