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मांगी भीख, बीएसए के सामने फफक पड़े शिक्षामित्र
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
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समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों का प्रदर्शन दूसरे दिन और आक्रामक रहा। अंबेडकर चौराहे पर जाम लगाने के साथ ही कचहरी में धरना-प्रदर्शन करके शिक्षामित्रों ने अपनी आवाज बुलंद की। धरनास्थल पर पहुंचे डीएम को शिक्षामित्रों ने ज्ञापन सौंपकर बीएसए कार्यालय की ओर कूच किया। स्कूल बंद कर धरना प्रदर्शन करने पहुंचे शिक्षामित्रों ने अंबेडकर चौराहा और मीराभवन चौराहे पर जाम लगाने के बाद बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन कर भिक्षा मांगी।
नौकरी जाने का गम और परिवार की गाड़ी आगे चलने की चिंता से परेशान शिक्षामित्रों की आंखों से उस समय आंसू छलक पडे़, जब जिलाध्यक्ष रीना सिंह साथियों का दर्द सुनाने लगीं। बीएसए कार्यालय पहुंचे शिक्षामित्रों ने पहले तो नारेबाजी करके अपनी आवाज बुलंद की। फिर आवाज सुनकर बाहर निकले बीएसए के सामने आंचल फैलाकर भीख मांगी। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष रीना सिंह और जिलामंत्री रामकृष्ण विश्वकर्मा सहित शिक्षामित्र जब बीएसए के सामने भीख मांगने लगे तो हजारों की संख्या में बैठे शिक्षामित्रों के आंखों से आंसू छलक पड़े। हालांकि शिक्षामित्रों के बार-बार कहने के बाद बीएसए बीएन सिंह ने जेब में हाथ डाला और पैंट के जेब में रखा लगभग साढे़ चार हजार रुपये निकाल कर डाल दिए। यह दृश्य देखकर नारेबाजी कर रही महिला शिक्षामित्र अपने को रोक नहीं पाई और फफक कर रो पड़ी। हालांकि बीएसए ने ढांढस बंधाया कि बेसिक शिक्षा परिवार आपके साथ है। हमारे स्तर से आपका कोई नुकसान नहीं होने पाएगा। करीब घंटे भर के प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों का काफिला मीराभवन चौराहे से होते हुए कचहरी पहुंचा। इसके पूर्व कचहरी में धरना-प्रदर्शन कर सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम शरद कुमार सिंह को सौंपा गया। इसके बाद शिक्षामित्रों ने अंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। इससे लगभग घंटे भर आवागमन बाधित रहा। इस मौके पर अनीता देवी, विंध्यवासिनी, सरला, शशिकांत, देवेंद्र पुष्पाकर, आशा पांडेय, पंकज सिंह, संतोष यादव, गंगाराम दूबे, विवेक सिंह, राजकुमार शुक्ला, कमलेंद्र सिंह, नारेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
इधर शिक्षामित्रों के दूसरे गुट संयुक्त समायोजित शिक्षक एसोसिएशन ने एनआईसी के सामने धरना-प्रदर्शन करके अपनी आवाज बुलंद की। सीएम को संबोधित एसडीएम सदर को सौंपे ज्ञापन में प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दाखिल करने की मांग की है। इस मौके पर सत्येंद्र कुमार शुक्ल, अखिलेश प्रताप सिंह, जयसिंह मौर्य, कुंजनलाल, शैलेंद्र प्रताप, अमिता श्रीवास्तव, नीरज सिंह, निर्मल आदि मौजूद रहे।
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नौकरी जाने का गम और परिवार की गाड़ी आगे चलने की चिंता से परेशान शिक्षामित्रों की आंखों से उस समय आंसू छलक पडे़, जब जिलाध्यक्ष रीना सिंह साथियों का दर्द सुनाने लगीं। बीएसए कार्यालय पहुंचे शिक्षामित्रों ने पहले तो नारेबाजी करके अपनी आवाज बुलंद की। फिर आवाज सुनकर बाहर निकले बीएसए के सामने आंचल फैलाकर भीख मांगी। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष रीना सिंह और जिलामंत्री रामकृष्ण विश्वकर्मा सहित शिक्षामित्र जब बीएसए के सामने भीख मांगने लगे तो हजारों की संख्या में बैठे शिक्षामित्रों के आंखों से आंसू छलक पड़े। हालांकि शिक्षामित्रों के बार-बार कहने के बाद बीएसए बीएन सिंह ने जेब में हाथ डाला और पैंट के जेब में रखा लगभग साढे़ चार हजार रुपये निकाल कर डाल दिए। यह दृश्य देखकर नारेबाजी कर रही महिला शिक्षामित्र अपने को रोक नहीं पाई और फफक कर रो पड़ी। हालांकि बीएसए ने ढांढस बंधाया कि बेसिक शिक्षा परिवार आपके साथ है। हमारे स्तर से आपका कोई नुकसान नहीं होने पाएगा। करीब घंटे भर के प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों का काफिला मीराभवन चौराहे से होते हुए कचहरी पहुंचा। इसके पूर्व कचहरी में धरना-प्रदर्शन कर सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम शरद कुमार सिंह को सौंपा गया। इसके बाद शिक्षामित्रों ने अंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। इससे लगभग घंटे भर आवागमन बाधित रहा। इस मौके पर अनीता देवी, विंध्यवासिनी, सरला, शशिकांत, देवेंद्र पुष्पाकर, आशा पांडेय, पंकज सिंह, संतोष यादव, गंगाराम दूबे, विवेक सिंह, राजकुमार शुक्ला, कमलेंद्र सिंह, नारेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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इधर शिक्षामित्रों के दूसरे गुट संयुक्त समायोजित शिक्षक एसोसिएशन ने एनआईसी के सामने धरना-प्रदर्शन करके अपनी आवाज बुलंद की। सीएम को संबोधित एसडीएम सदर को सौंपे ज्ञापन में प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दाखिल करने की मांग की है। इस मौके पर सत्येंद्र कुमार शुक्ल, अखिलेश प्रताप सिंह, जयसिंह मौर्य, कुंजनलाल, शैलेंद्र प्रताप, अमिता श्रीवास्तव, नीरज सिंह, निर्मल आदि मौजूद रहे।
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