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आरटीई : शत-प्रतिशत प्रवेश का दावा, 68 बच्चों को नहीं मिला प्रवेश
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत गरीब एवं असहाय वर्ग के 68 बच्चों को निजी विद्यालयों में अभी तक प्रवेश नहीं मिल सका है। जबकि चार चरणों में लॉटरी में गरीब वर्ग के 748 बच्चों का चयन आरटीई के तहत हुआ था। इनमेें से 680 बच्चों को ही निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों पर प्रवेश मिल सका है।
बेसिक शिक्षा विभाग में 2024-2025 शिक्षण सत्र के लिए चार चरणों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की गई। अंतिम चरण की लॉटरी 28 जून को निकाली गई, जबकि सात जुलाई तक बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाना अनिवार्य था। इसके बाद 68 बच्चे प्रवेश से वंचित हैं। इनके अभिभावकों ने विद्यालय बदलने के लिए बीएसए को पत्र दिया है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार 2023-24 में आरटीई में चयनित 362 और 2022-23 में 327 चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है।
विद्यालय बदलने के लिए अभिभावकों ने दिया प्रार्थना पत्र
विभाग के अनुसार वर्तमान सत्र में प्रवेश नहीं पाने वाले बच्चों के अभिभावकों ने लॉटरी में चयनित स्कूल के अतिरिक्त अन्य निजी विद्यालय में प्रवेश दिलाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इस संबंध में बीएसए ने प्राप्त आवेदनों को डीएम पास भेज दिया है। संदीप एवं सरिता पाल का चयन आरईटी तहत हुआ, लेकिन इन्होंने चयनित विद्यालय में प्रवेश नहीं लिया और विद्यालय बदलने के लिए बीएसए को आवेदन दिया है।
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आरटीई के तहत ज्यादातर चयनित बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया है। कुछ अभिभावकों ने चयनित विद्यालय को बदलने के लिए आवेदन दिए हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। जल्द बचे हुए बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। भूपेंद्र सिंह, बीएसए प्रतापगढ़।
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बेसिक शिक्षा विभाग में 2024-2025 शिक्षण सत्र के लिए चार चरणों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की गई। अंतिम चरण की लॉटरी 28 जून को निकाली गई, जबकि सात जुलाई तक बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाना अनिवार्य था। इसके बाद 68 बच्चे प्रवेश से वंचित हैं। इनके अभिभावकों ने विद्यालय बदलने के लिए बीएसए को पत्र दिया है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार 2023-24 में आरटीई में चयनित 362 और 2022-23 में 327 चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है।
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विद्यालय बदलने के लिए अभिभावकों ने दिया प्रार्थना पत्र
विभाग के अनुसार वर्तमान सत्र में प्रवेश नहीं पाने वाले बच्चों के अभिभावकों ने लॉटरी में चयनित स्कूल के अतिरिक्त अन्य निजी विद्यालय में प्रवेश दिलाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इस संबंध में बीएसए ने प्राप्त आवेदनों को डीएम पास भेज दिया है। संदीप एवं सरिता पाल का चयन आरईटी तहत हुआ, लेकिन इन्होंने चयनित विद्यालय में प्रवेश नहीं लिया और विद्यालय बदलने के लिए बीएसए को आवेदन दिया है।
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आरटीई के तहत ज्यादातर चयनित बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया है। कुछ अभिभावकों ने चयनित विद्यालय को बदलने के लिए आवेदन दिए हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। जल्द बचे हुए बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। भूपेंद्र सिंह, बीएसए प्रतापगढ़।