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अब पता चलेगा कितना खर्च हो रहा डीजल
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2016 12:19 AM IST
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रोडवेज बसों के चालक-परिचालक अब डीजल की चोरी नहीं कर सकेंगे। इसके लिए विभाग बसों के साथ ही जिस पंप से डीजल लिया जाता है वहां इंटेलिजेंट फ्यूल मैैनेजमेंट मशीन लगवाने जा रहा है। इस दौरान पंप में लगी मशीन यह रीड कर लेगी कि बस में पहले से कितना डीजल है और कितना डाला गया है।
जिस पेट्रोलपंप से सेटिंग करके डीजल के नाम पर गोलमाल करते थे उनकी पोल खोलने के लिए अब इंटेलिजेंट फ्यूल मैनेजमेंट मशीन लगाने की तैयारी परिवहन विभाग कर रहा है। अब तक चालक व परिचालक दो हजार का डीजल बस की टंकी में डलवाते थे और ढाई हजार तक की पर्ची बनवाकर विभाग में जमा कर देते थे। इस खेल में बचने वाले पैसे को चालक व परिचालक में शाम को बंटवारा होता था। इस पर लगाम लगाने के लिए शासन के निर्देश पर विभाग इंटेलिजेंट मशीन बस की टंकी के पास लगवाने जा रहा है। इसके लिए चालक को एक कोड नम्बर दिया जाएगा। चालक बस को पेट्रोलपंप पर खड़ी करने के बाद अपना कोड नम्बर बताएगा। पंपकर्मी चालक का कोड इंट्री करने के बाद बस की टंकी में डीजल भरेंगे। इससे यह मशीन बस में पहले से रहे डीजल को रीड कर लेगी। इसके बाद कम्प्यूटराज्इड बिल चालक को मिलेगा। इसी बिल को वह विभाग में जमा करेगा।
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जिस पेट्रोलपंप से सेटिंग करके डीजल के नाम पर गोलमाल करते थे उनकी पोल खोलने के लिए अब इंटेलिजेंट फ्यूल मैनेजमेंट मशीन लगाने की तैयारी परिवहन विभाग कर रहा है। अब तक चालक व परिचालक दो हजार का डीजल बस की टंकी में डलवाते थे और ढाई हजार तक की पर्ची बनवाकर विभाग में जमा कर देते थे। इस खेल में बचने वाले पैसे को चालक व परिचालक में शाम को बंटवारा होता था। इस पर लगाम लगाने के लिए शासन के निर्देश पर विभाग इंटेलिजेंट मशीन बस की टंकी के पास लगवाने जा रहा है। इसके लिए चालक को एक कोड नम्बर दिया जाएगा। चालक बस को पेट्रोलपंप पर खड़ी करने के बाद अपना कोड नम्बर बताएगा। पंपकर्मी चालक का कोड इंट्री करने के बाद बस की टंकी में डीजल भरेंगे। इससे यह मशीन बस में पहले से रहे डीजल को रीड कर लेगी। इसके बाद कम्प्यूटराज्इड बिल चालक को मिलेगा। इसी बिल को वह विभाग में जमा करेगा।
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