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दैवीय आपदा में साथ देेने को तैयार नहीं राइस मिलर, दबाकर बैठे हैं सैकड़ों क्विंटल चावल
Wed, 29 Apr 2020 02:00 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 29 Apr 2020 02:00 AM IST
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राशन के चावल होने के शक में मिल में छापा, किया सील
- फोटो : अमर उजाला
प्रतापगढ़। दैवीय आपदा से निपटने में भी राइस मिलर साथ देने को तैयार नहीं है। अफसरों के बार-बार कहने के बाद भी सैकड़ों क्विंटल चावल दबाकर बैठे हुए हैं। एडीएम ने इस पर नाराजगी प्रकट करते हुए ऐसेे नौ राइस मिलरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नोटिस थमाया है।
किसानों से खरीदा गया धान जिले के राइस मिलरों को इस शर्त के साथ दिया जाता है कि वह 67 प्रतिशत चावल देंगे। मगर राइस मिलर इस पर खरे नहीं उतर रहे हैं। अधिकारी बार-बार चावल पहुंचाने के लिए आग्रह कर रहे हैं, मगर राइस मिलर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं। दरअसल, राइस मिलों से आने वाला चावल ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से राशनकार्ड धारकों को वितरित किया जाता है। मिल मालिकों के चावल नहीं देने से अप्रैल माह में पंजाब से चावल मंगाना पड़ा है। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि चावल नहीं देने वाले मिल मालिकों को नोटिस जारी करके तीन दिन के अंदर चावल पहुंचाने को कहा गया है। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
किन राइस मिलरों ने दबा रखा है कितना चावल
मिल का नाम मात्रा (मीट्रिकटन)
ज्योति इंटरप्राइजेज शेखपुर अधारगंज 314.991
हरिओम ट्रेडर्स जलेशरगंज 234.870
जयदुर्गा ट्रेडिंग कंपनी दुर्गागंज 99.600
अजय इंण्डस्ट्रीज अठेहा 30.362
अमित इंटरप्राइजेज मंगरौरा 463.648
भुनेश्वरी राइस मिल आहरबीहड़ 1156.514
गंगोत्री राइस मिल मालधरछत्ता बिहार 462.658
ज्ञानवती राइस मिल हरबसपुर बिहार 26.79
गौरी इंटरप्राइजेज चौपई बेलखरनाथधाम 68.898
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किसानों से खरीदा गया धान जिले के राइस मिलरों को इस शर्त के साथ दिया जाता है कि वह 67 प्रतिशत चावल देंगे। मगर राइस मिलर इस पर खरे नहीं उतर रहे हैं। अधिकारी बार-बार चावल पहुंचाने के लिए आग्रह कर रहे हैं, मगर राइस मिलर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं। दरअसल, राइस मिलों से आने वाला चावल ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से राशनकार्ड धारकों को वितरित किया जाता है। मिल मालिकों के चावल नहीं देने से अप्रैल माह में पंजाब से चावल मंगाना पड़ा है। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि चावल नहीं देने वाले मिल मालिकों को नोटिस जारी करके तीन दिन के अंदर चावल पहुंचाने को कहा गया है। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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किन राइस मिलरों ने दबा रखा है कितना चावल
मिल का नाम मात्रा (मीट्रिकटन)
ज्योति इंटरप्राइजेज शेखपुर अधारगंज 314.991
हरिओम ट्रेडर्स जलेशरगंज 234.870
जयदुर्गा ट्रेडिंग कंपनी दुर्गागंज 99.600
अजय इंण्डस्ट्रीज अठेहा 30.362
अमित इंटरप्राइजेज मंगरौरा 463.648
भुनेश्वरी राइस मिल आहरबीहड़ 1156.514
गंगोत्री राइस मिल मालधरछत्ता बिहार 462.658
ज्ञानवती राइस मिल हरबसपुर बिहार 26.79
गौरी इंटरप्राइजेज चौपई बेलखरनाथधाम 68.898