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Pratapgarh News: माफिया अतीक के दो हत्यारोपियों से जेल में मिले परिजन
Wed, 16 Aug 2023 09:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Wed, 16 Aug 2023 09:25 PM IST
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जेल प्रशासनने चार लोगों को लौटाकर साधी चुप्पी, मां व भाई ही कर पाए मुलाकात
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिला कारागार में निरुद्ध माफिया अतीक व उसके भाई अशरफ के दो हत्यारोपियों से परिजनों ने मुलाकात की। जबकि चार लोगों को जेल प्रशासन ने लौटा दिया। हालांकि जेल प्रशासन ने इस मुलाकात को गोपनीय रखा है। तन्हाई में बंद इन शूटरों के बारे में जेल अधिकारी चुप्पी साधे हैं। सभी की अचानक बैरक भी बदल दी गई है।
माफिया अतीक व उसके भाई अशरफ के हत्यारोपी बांदा निवासी लवलेश तिवारी, कासगंज का अरुण मौर्य और हमीरपुर का सनी जिला कारागार तन्हाई बैरक में रखे गए थे। सूत्रों के अनुसार बाद में शूटरों 12 नंबर बैरक में शिफ्ट किया गया है। जहां तीनों को अलग-अलग रखा गया है। उनकी निगरानी में 24 घंटे बंदी रक्षकों को लगाया गया है।
सूत्रों के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह में दो हत्यारोपियों से मिलने के लिए उनके परिजन आए थे। जानकारी होते ही जेल प्रशासन ने छानबीन के बाद केवल मां व भाई से ही मुलाकात कराई गई। अन्य चार लोगों को लौटा दिया। हालांकि यह मुलाकात बेहद गोपनीय रही। पुलिस को भी इस बात की जानकारी उस दिन नहीं हो सकी। सप्ताह भर बाद पुलिस को भनक लगी।
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डिप्टी जेलर राजेश राय ने बताया कि किस बंदी से कौन मुलाकात करने आया, इसे गोपनीय रखा जाता है। जेल मैनुअल के तहत बंदियों को मुलाकात की सुविधाएं दी जाती हैं। अतीक-अशरफ के हत्यारोपी शूटरों से परिजनों की मुलाकात के बारे में उन्होंने चुप्पी साध ली।
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिला कारागार में निरुद्ध माफिया अतीक व उसके भाई अशरफ के दो हत्यारोपियों से परिजनों ने मुलाकात की। जबकि चार लोगों को जेल प्रशासन ने लौटा दिया। हालांकि जेल प्रशासन ने इस मुलाकात को गोपनीय रखा है। तन्हाई में बंद इन शूटरों के बारे में जेल अधिकारी चुप्पी साधे हैं। सभी की अचानक बैरक भी बदल दी गई है।
माफिया अतीक व उसके भाई अशरफ के हत्यारोपी बांदा निवासी लवलेश तिवारी, कासगंज का अरुण मौर्य और हमीरपुर का सनी जिला कारागार तन्हाई बैरक में रखे गए थे। सूत्रों के अनुसार बाद में शूटरों 12 नंबर बैरक में शिफ्ट किया गया है। जहां तीनों को अलग-अलग रखा गया है। उनकी निगरानी में 24 घंटे बंदी रक्षकों को लगाया गया है।
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सूत्रों के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह में दो हत्यारोपियों से मिलने के लिए उनके परिजन आए थे। जानकारी होते ही जेल प्रशासन ने छानबीन के बाद केवल मां व भाई से ही मुलाकात कराई गई। अन्य चार लोगों को लौटा दिया। हालांकि यह मुलाकात बेहद गोपनीय रही। पुलिस को भी इस बात की जानकारी उस दिन नहीं हो सकी। सप्ताह भर बाद पुलिस को भनक लगी।
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डिप्टी जेलर राजेश राय ने बताया कि किस बंदी से कौन मुलाकात करने आया, इसे गोपनीय रखा जाता है। जेल मैनुअल के तहत बंदियों को मुलाकात की सुविधाएं दी जाती हैं। अतीक-अशरफ के हत्यारोपी शूटरों से परिजनों की मुलाकात के बारे में उन्होंने चुप्पी साध ली।