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अपात्र राशन के लाभार्थियों को खोजने घर-घर जाएगी टीम
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घर-घर जाकर खोजे जाएंगे राशनकार्ड के अपात्र
ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, सफाई कर्मचारी और लेखपालों की टीम बनाकर चलाया जाएगा अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों में अपात्रों को चिह्नित करने के लिए अब घर-घर अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की तरफ से टीम गठित की जा रही है। टीम के सदस्य घर-घर जाकर पात्रता की जांच करेंगे और अपात्रों को सूची से बाहर करेंगे। राशनकार्ड धारकों की जांच के लिए ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, सफाई कर्मचारी और लेखपालों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले में अंत्योदय के 74,486 और पात्र गृहस्थी के लगभग सवा पांच लाख कार्डधारकों को प्रतिमाह नि:शुल्क राशन मिल रहा है। हर माह में दो बार राशन के साथ ही रिफाइंड, नमक और चना राशनकार्ड धारकों को मुफ्त में मिल रहा है। जिला आपूर्ति विभाग का मानना है कि जिले में बड़ी संख्या में अपात्र राशन ले रहे हैं। इसलिए नए पात्रों को राशन नहीं मिल पा रहा है। शासन ने जिला आपूर्ति विभाग को पत्र लिखकर अपात्रों को चिह्नित कर सूची से नाम हटाने के लिए कहा है। अपात्रों की जांच करने के लिए ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, सफाई कर्मचारी और लेखपालों को टीम में शामिल किया जा रहा है। घर-घर सर्वे के दौरान उन कार्डधारकों को चिह्नित किया जाएगा जिनकी वार्षिक आय दो लाख या इससे अधिक है। उनके परिवार में मोटर कार, ट्रैक्टर, 100 गज का प्लॉट या मकान, एसी, हार्वेस्टर, पांच केवीए या उससे अधिक का जनरेटर, पांच एकड़ जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस एवं आयकरदाता हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर क्षेत्रों में अधिकतम 64.43 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 79.56 प्रतिशत जनसंख्या को पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय राशनकार्ड जारी किया गया है। जिले में यह कोटा पूरा होने के कारण नए लोगों के आवेदन पर विचार नहीं किया जा रहा है। शासन ने अभियान चलाकर अपात्रों को बाहर करने और पात्रों को योजना में शामिल करने को कहा है।
इनसेट----------------
3,922 अपात्रों ने सरेंडर कर दिया राशनकार्ड
जिला प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही जिले के 3,922 लोगों ने अपना राशनक़ार्ड सरेंडर कर दिया है। इन लोगों ने विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए यह कदम उठाया है। ब्लॉकों पर बीडीओ को राशनकार्ड वापस करने का पत्र देने वाले अपात्रों की सूची डीएसओ कार्यालय पहुंचनी प्रारंभ हो गई है। जिले के 17 विकास खंडों और नगरीय क्षेत्रों में राशनकार्ड वापस करने का अभियान तेजी पकड़ता जा रहा है। अपात्रों के राशनकार्ड सरेंडर करने के बाद विभागीय अधिकारी कंप्यूटर से राशनकार्ड को निरस्त कर दे रहे हैं। इससे उन्हें अब अगले माह राशन नहीं मिलेगा।
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इनसेट-----------------
24 रुपये प्रति किग्रा की दर से होगी वसूली
डीएम की ओर से गठित टीम जिन अपात्रों की सूची तैयार करेगी, उनसे 24 रुपये प्रति किग्रा की दर से वसूली की जाएगी। मगर जो लोग स्वत: राशनकार्ड सरेंडर कर रहे हैं, उनसे राशन की रिकवरी नहीं की जाएगी।
इनसेट
ये माने जाएंगे अपात्र
0 जिनकी वार्षिक आय दो लाख या इससे अधिक है
0 जिनके परिवार में मोटरकार या फिर ट्रैक्टर है
0 सौ गज का प्लॉट या मकान है
एसी, हार्वेस्टर, पांच केवीए या उससे अधिक का जनरेटर है
0 पांच एकड़ जमीन है
0 एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस एवं आयकरदाता हैं
वर्जन---------------
जिले के अपात्र राशनकार्ड सरेंडर करने के लिए खुद आगे आ रहे हैं। अपात्रों की जांच करने के लिए शासन से आदेश आया है। डीएम के स्तर से टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर अपात्रों को बाहर किया जाएगा।
रुचि सिंघल, एआरओ, जिला आपूर्ति विभाग
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ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, सफाई कर्मचारी और लेखपालों की टीम बनाकर चलाया जाएगा अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों में अपात्रों को चिह्नित करने के लिए अब घर-घर अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की तरफ से टीम गठित की जा रही है। टीम के सदस्य घर-घर जाकर पात्रता की जांच करेंगे और अपात्रों को सूची से बाहर करेंगे। राशनकार्ड धारकों की जांच के लिए ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, सफाई कर्मचारी और लेखपालों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले में अंत्योदय के 74,486 और पात्र गृहस्थी के लगभग सवा पांच लाख कार्डधारकों को प्रतिमाह नि:शुल्क राशन मिल रहा है। हर माह में दो बार राशन के साथ ही रिफाइंड, नमक और चना राशनकार्ड धारकों को मुफ्त में मिल रहा है। जिला आपूर्ति विभाग का मानना है कि जिले में बड़ी संख्या में अपात्र राशन ले रहे हैं। इसलिए नए पात्रों को राशन नहीं मिल पा रहा है। शासन ने जिला आपूर्ति विभाग को पत्र लिखकर अपात्रों को चिह्नित कर सूची से नाम हटाने के लिए कहा है। अपात्रों की जांच करने के लिए ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, सफाई कर्मचारी और लेखपालों को टीम में शामिल किया जा रहा है। घर-घर सर्वे के दौरान उन कार्डधारकों को चिह्नित किया जाएगा जिनकी वार्षिक आय दो लाख या इससे अधिक है। उनके परिवार में मोटर कार, ट्रैक्टर, 100 गज का प्लॉट या मकान, एसी, हार्वेस्टर, पांच केवीए या उससे अधिक का जनरेटर, पांच एकड़ जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस एवं आयकरदाता हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर क्षेत्रों में अधिकतम 64.43 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 79.56 प्रतिशत जनसंख्या को पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय राशनकार्ड जारी किया गया है। जिले में यह कोटा पूरा होने के कारण नए लोगों के आवेदन पर विचार नहीं किया जा रहा है। शासन ने अभियान चलाकर अपात्रों को बाहर करने और पात्रों को योजना में शामिल करने को कहा है।
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3,922 अपात्रों ने सरेंडर कर दिया राशनकार्ड
जिला प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही जिले के 3,922 लोगों ने अपना राशनक़ार्ड सरेंडर कर दिया है। इन लोगों ने विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए यह कदम उठाया है। ब्लॉकों पर बीडीओ को राशनकार्ड वापस करने का पत्र देने वाले अपात्रों की सूची डीएसओ कार्यालय पहुंचनी प्रारंभ हो गई है। जिले के 17 विकास खंडों और नगरीय क्षेत्रों में राशनकार्ड वापस करने का अभियान तेजी पकड़ता जा रहा है। अपात्रों के राशनकार्ड सरेंडर करने के बाद विभागीय अधिकारी कंप्यूटर से राशनकार्ड को निरस्त कर दे रहे हैं। इससे उन्हें अब अगले माह राशन नहीं मिलेगा।
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24 रुपये प्रति किग्रा की दर से होगी वसूली
डीएम की ओर से गठित टीम जिन अपात्रों की सूची तैयार करेगी, उनसे 24 रुपये प्रति किग्रा की दर से वसूली की जाएगी। मगर जो लोग स्वत: राशनकार्ड सरेंडर कर रहे हैं, उनसे राशन की रिकवरी नहीं की जाएगी।
इनसेट
ये माने जाएंगे अपात्र
0 जिनकी वार्षिक आय दो लाख या इससे अधिक है
0 जिनके परिवार में मोटरकार या फिर ट्रैक्टर है
0 सौ गज का प्लॉट या मकान है
एसी, हार्वेस्टर, पांच केवीए या उससे अधिक का जनरेटर है
0 पांच एकड़ जमीन है
0 एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस एवं आयकरदाता हैं
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जिले के अपात्र राशनकार्ड सरेंडर करने के लिए खुद आगे आ रहे हैं। अपात्रों की जांच करने के लिए शासन से आदेश आया है। डीएम के स्तर से टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर अपात्रों को बाहर किया जाएगा।
रुचि सिंघल, एआरओ, जिला आपूर्ति विभाग