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उपेक्षा से बदहाल राजा भैया का कुंडा
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Thu, 02 Apr 2015 11:32 PM IST
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विधान सभा क्षेत्र में सड़कों की हालत काफी दयनीय है। कई सड़कें ऐसी हैं जहां सिर्फ गड्ढे हैं। डामर तो दिखता ही नहीं है। जिस क्षेत्र के विधायक राजा भैया हों और वह भी प्रदेश सरकार में अच्छी पकड़ रखने के साथ कैबिनेट मंत्री तो जाहिर है लोगों की अपेक्षाएं भई बढ़ जाती हैं। राजा भैया कहते हैं कि वह क्षेत्र में बिजली की दशा सुधारने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। मगर अपने क्षेत्रीय विधायक और काबीना मंत्री से सड़कों का सवाल है कि आखिर उनका उद्धार कब होगा।
दरअसल कुंडा क्षेत्र की सड़कों पर फैली बड़ी-बड़ी गिट्टियां लोगों को सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या यह सचमुच क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया का क्षेत्र है। लोगों को सहसा यकीन नहीं होता। यही नहीं गर्मी में कछार में पानी की समस्या ऐसे गहराती है कि लोग कई किमी दूर से पानी लाने को विवश होते हैं। बिजली लगातार दी जाए तो तार टूटकर गिरने लगते हैं। कुछ गांव तो ऐसे हैं जहां फसलें कटने के बाद ही शादी ब्याह जैसे कार्यक्रम आयोजित होते हैं क्योंकि उनके घर तक जाने के लिए रास्ता ही नहीं होता।
जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित कुंडा की पहचान राजा भैया से ही है। प्रदेश की सपा सरकार में वह खाद्य और रसद मंत्री हैं। मगर उनके क्षेत्र में लोग तमाम समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने लोगों से अच्छी सड़कें, बिजली के साथ ही पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था। मगर लोग कहते हैं ये वादे अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं।
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कुंडा-बिहार मार्ग, गोतनी से मानिकपुर, बेती से हथिगवां मार्ग, खिदिरपुर से हथिगवां मार्ग बदहाली के शिकार हैं। कुछ सड़कों पर गिट्टियां डाली गईं मगर आगे काम नहीं बढ़ा। इससे उन पर चलना मुश्किल हो गया है। कालूराम का पुरवा की हालत यह है कि यहां गांव में जाने का रास्ता तक नहीं है। इस गांव में बिजली भी अब तक नहीं पहुंच सकी है। गंगा किनारे स्थित मनिहारन टोला की स्थिति काफी खराब है। लोग कहते हैं कि इस गांव में इंटरलाकिंग के साथ ही पानी की टंकी की व्यवस्था की गई होती तो लोगों को इसका फायदा मिलता। क्षेत्र में दुअरिया के पास काफी पहले से मछली मंडी बननी शुरू हुई लेकिन अधूरी पड़ी है। गोतनी में पानी की टंकी है मगर दबंग कब्जा कर खेतों की सिंचाई करते हैं। बकुलाही नदी के कारण क्षेत्र के हजारों बीघे खेत बेकार पड़े हैं। तारों की हालत यह है कि अगर लगातार बिजली की आपूर्ति हो तो वे टूटकर गिरने लगते हैं। इसके अलावा कस्बे का बस अड्डा भी उपेक्षित है। यहां से जिला मुख्यालय के लिए कोई बस नहीं है।
क्षेत्रीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया का कहना है कि कस्बे में विद्युत सब स्टेशन की स्थापना दिसंबर 2014 में ही कराई गई। इससे अब कुंडा को अलग से बिजली मिल रही है। साल भर में एक बार चारों ब्लाकों में विशाल नेत्र शिविर का आयोजन, गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जाता है। लखनऊ में भी क्षेत्र के गंभीर मरीजों के लिए दो हाल और दो एंबुलेंस लगाई गई हैं। इसके अलावा कुंडा-खनवारी और कुंडा-जेठवारा मार्ग के मरम्मतीकरण का काम शुरू हो चुका है। कुंडा-हौदेश्वरनाथधाम, किलहनापुर-हथिगवां होते हुए गोतनी मानिकपुर को गई सड़क व भिटारा-शकरदहा, विहार-कुंडा मार्ग का काम प्रस्तावित है। मई में काम शुरू होगा। गांवों में ज्यादा से ज्यादा पैसा विद्युतीकरण पर ही खर्च किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में सवा करोड़ रुपये मिले थे। इसमें से 80 लाख विद्युत पर, 25 लाख असाध्य रोगियों पर और 20 लाख रुपये विद्यालयों को कक्ष निर्माण के लिए दिए गए। इस वर्ष 160 गांवों के लिए 1100 पोल और उनके ट्रांसफार्मर के लिए 26 प्रस्ताव भेजे गए हैं। इसमें से 20 की स्वीकृति मिल चुकी है। कुंडा तहसील क्षेत्र को एक लाख लीटर केरोसिन आयल उपलब्ध कराया गया। ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को एपीएल का खाद्यान्न दिलाया गया।
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दरअसल कुंडा क्षेत्र की सड़कों पर फैली बड़ी-बड़ी गिट्टियां लोगों को सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या यह सचमुच क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया का क्षेत्र है। लोगों को सहसा यकीन नहीं होता। यही नहीं गर्मी में कछार में पानी की समस्या ऐसे गहराती है कि लोग कई किमी दूर से पानी लाने को विवश होते हैं। बिजली लगातार दी जाए तो तार टूटकर गिरने लगते हैं। कुछ गांव तो ऐसे हैं जहां फसलें कटने के बाद ही शादी ब्याह जैसे कार्यक्रम आयोजित होते हैं क्योंकि उनके घर तक जाने के लिए रास्ता ही नहीं होता।
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जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित कुंडा की पहचान राजा भैया से ही है। प्रदेश की सपा सरकार में वह खाद्य और रसद मंत्री हैं। मगर उनके क्षेत्र में लोग तमाम समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने लोगों से अच्छी सड़कें, बिजली के साथ ही पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था। मगर लोग कहते हैं ये वादे अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं।
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कुंडा-बिहार मार्ग, गोतनी से मानिकपुर, बेती से हथिगवां मार्ग, खिदिरपुर से हथिगवां मार्ग बदहाली के शिकार हैं। कुछ सड़कों पर गिट्टियां डाली गईं मगर आगे काम नहीं बढ़ा। इससे उन पर चलना मुश्किल हो गया है। कालूराम का पुरवा की हालत यह है कि यहां गांव में जाने का रास्ता तक नहीं है। इस गांव में बिजली भी अब तक नहीं पहुंच सकी है। गंगा किनारे स्थित मनिहारन टोला की स्थिति काफी खराब है। लोग कहते हैं कि इस गांव में इंटरलाकिंग के साथ ही पानी की टंकी की व्यवस्था की गई होती तो लोगों को इसका फायदा मिलता। क्षेत्र में दुअरिया के पास काफी पहले से मछली मंडी बननी शुरू हुई लेकिन अधूरी पड़ी है। गोतनी में पानी की टंकी है मगर दबंग कब्जा कर खेतों की सिंचाई करते हैं। बकुलाही नदी के कारण क्षेत्र के हजारों बीघे खेत बेकार पड़े हैं। तारों की हालत यह है कि अगर लगातार बिजली की आपूर्ति हो तो वे टूटकर गिरने लगते हैं। इसके अलावा कस्बे का बस अड्डा भी उपेक्षित है। यहां से जिला मुख्यालय के लिए कोई बस नहीं है।
क्षेत्रीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया का कहना है कि कस्बे में विद्युत सब स्टेशन की स्थापना दिसंबर 2014 में ही कराई गई। इससे अब कुंडा को अलग से बिजली मिल रही है। साल भर में एक बार चारों ब्लाकों में विशाल नेत्र शिविर का आयोजन, गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जाता है। लखनऊ में भी क्षेत्र के गंभीर मरीजों के लिए दो हाल और दो एंबुलेंस लगाई गई हैं। इसके अलावा कुंडा-खनवारी और कुंडा-जेठवारा मार्ग के मरम्मतीकरण का काम शुरू हो चुका है। कुंडा-हौदेश्वरनाथधाम, किलहनापुर-हथिगवां होते हुए गोतनी मानिकपुर को गई सड़क व भिटारा-शकरदहा, विहार-कुंडा मार्ग का काम प्रस्तावित है। मई में काम शुरू होगा। गांवों में ज्यादा से ज्यादा पैसा विद्युतीकरण पर ही खर्च किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में सवा करोड़ रुपये मिले थे। इसमें से 80 लाख विद्युत पर, 25 लाख असाध्य रोगियों पर और 20 लाख रुपये विद्यालयों को कक्ष निर्माण के लिए दिए गए। इस वर्ष 160 गांवों के लिए 1100 पोल और उनके ट्रांसफार्मर के लिए 26 प्रस्ताव भेजे गए हैं। इसमें से 20 की स्वीकृति मिल चुकी है। कुंडा तहसील क्षेत्र को एक लाख लीटर केरोसिन आयल उपलब्ध कराया गया। ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को एपीएल का खाद्यान्न दिलाया गया।