फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   protest of GST IN BELHA

बेल्हा में बंद रहा कपड़ा बाजार

Fri, 30 Jun 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Fri, 30 Jun 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
protest of GST IN BELHA
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
प्रतापगढ़। जीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर) के तहत कपड़े पर पांच फीसदी कर लगाए जाने के विरोध में व्यापारियों की कपड़ा कारोबार बंदी पूरी तरह सफल रही। शुक्रवार को जिले के सबसे बड़े पकड़ा बाजार पंजाबी मार्केट में सन्नाटा पसरा रहा। बीच-बीच में अगर कुछ सुनाई दे रहा था, तो वह थी व्यापारियों की गूंज। सुबह दस बजते ही व्यापारी नारेबाजी करते हुए पंजाबी मार्केट की ओर निकल पडे़। रेडीमेड और होजरी की जो दुकानें खुली थीं, व्यापारी बंदकर उन्हीं के साथ आगे बढ़ चले। दिनभर व्यापारियों का समूह मार्केट का भ्रमण करता रहा और साथियों से बंदी की अपील करता रहा।
विज्ञापन


शुक्रवार को कपड़ा कारोबार जिले में पूरी तरह से ठप रहा। कपड़ा के फुटकर विक्रेताओं के साथ ही रेडीमेड, होजरी, सराफा और कास्मेटिक दुकानदार भी व्यापारियों के समर्थन में उतर आए। उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह छाबड़ा और जिला महामंत्री राजेंद्र केसरवानी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने बंदी में सहयोग किया। सुबह के दस बजते ही व्यापारियों का हुजूम सुभाष चौराहे पर एकत्रित हुआ। बाद में खुली दुकानों को बंद कराने के लिए निकल पडे़। वित्तमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए व्यापारियों ने पंजाबी मार्केट, चौक, जीजीआईसी के सामने गली का भ्रमण कर व्यापारियों से सहयोग करने की अपील की। आलम यह था कि पंजाबी मार्केट में एक भी दुकानें नहीं खुली। व्यापारी नेता इस बात को लेकर खासे नाराज थे कि केंद्र सरकार ने कपड़े पर पांच फीसदी टैक्स लगाने का फैसला जब पहले कर ही लिया था, तो व्यापारियों को संशय में नहीं रखना था। सुभाष पार्क में एकत्रित हुए व्यापारियों ने चेताया है कि अगर केंद्र सरकार ने कपड़ा पर टैक्स वापस नहीं लिया, तो व्यापारी अपने आंदोलन से केंद्र सरकार को हिला देंगे। जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह छाबड़ा ने फिर दोहराया है कि भाजपा के शासनकाल में जितना उत्पीड़न व्यापारियों का हुआ है, उतना अब तक किसी सरकार में नहीं हुआ है।
विज्ञापन

व्यापारियों ने शहर में जुलूस निकालकर बंदी का संदेश देने के बाद अपरान्ह करीब तीन बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर कपड़े पर पंाच प्रतिशत कर को वापस लेने और जीएसटी के नियमों के सरलीकरण करने की मांग की है। इस मौके पर अमर केसरवानी, अशोक कुमार सिंह, महेंद्र सिंह,कृष्ण मोहन, प्रकाश चंद्र खंडेलवाल, राम शंकर जायसवाल, संजय सोनी, रवींद्र कुमार, संजय झलानी, बलप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह, सरदार जोगिन्दर सिंह, जगमीत सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन



सुबह से बंद होने वाली दुकानों में दोपहर बाद चहल कदमी देखने को मिली। कुछ दुकानदार पीछे के दरवाजे खोलकर ग्राहकों को कपडे़ देने लगे। मगर इसकी जानकारी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को होने पर तुरंत पहुंच कर बंद कराया। ग्रामीण इलाकों से पंजाबी मार्केट पहुंचने वाली महिलाएं उस समय हतप्रभ रह गई, जब एक तरफ से सभी दुकानें बंद थीं। यह देखकर कभी वह रिक्शा चालकों से, तो कभी व्यापारियों से बंदी का कारण पूछती। हालांकि थोड़ी देर बाद व्यापारियों का काफिला देखकर वह स्वयं माजरा समझ गई। जीएसटी के विरोध में शुक्रवार की बंदी को नहीं करने के लिए राजी करने आई प्रभारी मंत्री स्वाती सिंह का प्रयास निरर्थक रहा। गुरुवार को लगभग दो घंटे तक हुई वार्ता का जरा भी असर देखने को नहीं मिला। व्यापारियों में नाराजगी यह बता रही थी कि वह कपड़े पर टैक्स लगाने की लड़ाई आगे भी लडे़ंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed