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टूटीं, बजबजाती नालियां पूर्वी सहोदरपुर की पहचान
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 20 Apr 2017 11:44 PM IST
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नगर पालिका चुनाव सिर पर है, लेकिन पूर्वी सहोदरपुर के लोगों की परेशानी पांच साल के बाद भी दूर नहीं हुई। रेलवे क्रॉसिंग के उस पार बसे मोहल्ले के लोगों की मुसीबत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। सड़कें टूटी हुई हैं। पेयजल आपूर्ति ठप रहने से लोगों के सामने पानी की समस्या रहती है। नालियों में गंदगी का अंबार लगा रहता है। जलनिकासी न होना प्रमुख समस्या बना हुआ है। सफाई कर्मियों की कमी के कारण पूरे वार्ड की सफाई में दिक्कत होती है।
नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर एक में रहने वाले लोगों की सबसे बड़ी समस्या रेलवे क्रॉसिंग है। पुराना व नया माल गोदाम रोड से मोहल्ले के आवागमन का रास्ता है। ट्रेनों के अधिक संचालन के कारण क्रॉसिंग बंद रहती है। पुराना माल गोदाम रोड से गुजरने वाले बाइक सवारों के सामने ट्रेनें खड़ी होना किसी मुसीबत से कम नहीं है। मोहल्ला भले ही पालिका से जुड़ा है, लेकिन शहर से पूरी तरह से कटा हुआ है। यहां तक शहर का हिस्सा होने के बावजूद रिक्शा चालक सवारी लेकर वार्ड में जाना दिक्कत समझते हैं। वार्ड में दो साल पहले पेयजल आपूर्ति के लिए बोरिंग कराई गई। चलने के साथ ही खराब हो गई। इससे पेयजल की समस्या नागरिकों के सामने प्रमुख रूप से देखी जा सकती है। सफाई व्यवस्था भी बदतर है। मलिन बस्ती में तो कभी कभार ही झाडू़ लगती है।
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नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर एक में रहने वाले लोगों की सबसे बड़ी समस्या रेलवे क्रॉसिंग है। पुराना व नया माल गोदाम रोड से मोहल्ले के आवागमन का रास्ता है। ट्रेनों के अधिक संचालन के कारण क्रॉसिंग बंद रहती है। पुराना माल गोदाम रोड से गुजरने वाले बाइक सवारों के सामने ट्रेनें खड़ी होना किसी मुसीबत से कम नहीं है। मोहल्ला भले ही पालिका से जुड़ा है, लेकिन शहर से पूरी तरह से कटा हुआ है। यहां तक शहर का हिस्सा होने के बावजूद रिक्शा चालक सवारी लेकर वार्ड में जाना दिक्कत समझते हैं। वार्ड में दो साल पहले पेयजल आपूर्ति के लिए बोरिंग कराई गई। चलने के साथ ही खराब हो गई। इससे पेयजल की समस्या नागरिकों के सामने प्रमुख रूप से देखी जा सकती है। सफाई व्यवस्था भी बदतर है। मलिन बस्ती में तो कभी कभार ही झाडू़ लगती है।
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