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इंतजाम नाकाफी, बैंकों में दिनभर धक्कामुक्की
प्रतापगढ़
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:31 AM IST
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बैंकों में पांच और हजार के पुराने नोट बदलने के लिए की गई व्यवस्था तार-तार हो गई है। इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। भीड़ के चलते पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। शनिवार को तीसरे दिन बैंकों में भीतर से लेकर बाहर सड़क तक लाइन लगी रही। लोग चार से पांच घंटे तक नोट बदलवाने के लिए लाइन में खड़े रहे। धक्कामुक्की और हंगामा होता रहा। इसके बाद भी कइयों को निराश लौटना पड़ा। नोट बदले जाने से लोगों में भारी गुस्सा है।
दूसरी तरफ फुटकर रुपये खत्म होने के कारण अब लोगों को जरूरत के सामान भी नहीं मिल पा रहे हैं। सब्जी और दूध तक खरीदने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
अभी कुछ ही बैंकों में पुराने नोट को बदलकर चार हजार तक रुपये दिए जा रहे हैं। ज्यादातर बैंकों में मात्र पैसा ही जमा किया जा रहा है। सहालग के दिन चल रहे हैं। इसके चलते लोग परेशान हैं। पहले से बैंक से पैसा निकालकर घर में रखे लोग पुराने नोटों को बदलने के लिए बैंकों में पहुंच रहे हैं। तीसरे दिन बैकों में अतिरिक्त काउंटर खोलने के बाद भी ग्राहकों को रुपये बदलने में पसीना छूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया में ग्राहकों को संभालना पुलिसकर्मियों के लिए भारी पड़ा। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्यशाखा में अंदर और गेट के बाहर शाम तक ग्राहकों की लंबी लाइन लगी रही।
लाइन में लगे लोगों में धक्कामुक्की और झड़प होती रही। कुछ लोग जबरन बैंक में प्रवेश कर जा रहे थे। इसे लेकर लाइन में लगे लोगों से कई बार उनकी तकरार हुई। महिला अस्पताल स्थित भारतीय स्टेट बैंक के मेन ब्रांच में सुबह से ही भीड़ जमा हो गई। गार्ड लाइन में लोगों को लगवा दिए, मगर कतार इतनी बड़ी थी कि कचहरी-चौक मार्ग जाम हो गया। महिलाएं और बुजुर्ग लाइन में नहीं लग पाए तो वे परिसर में ही जमीन पर बैठकर भीड़ कम होने का इंतजार करते रहे। शाम तक उनका नम्बर नहीं आया। प्रताप बहादुर पार्क में स्थित बैंक आफ बडौदा में सुरक्षा के नाम पर कोई बंदोबस्त नहीं था। लोग बगैर लाइन के खड़े थे। एक-दूसरे को धक्का देते हुए जबरन बैंक परिसर में चले जा रहे थे। बस यही था कि किसी तरह फुटकर पैसा मिल जाए और रुके हुए काम जल्द हो जाएं। इस दौरान कई लोग भीड़ में गिर गए।
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भारतीय स्टेट बैंक चिलबिला में भी भारी भीड़ थी।
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दूसरी तरफ फुटकर रुपये खत्म होने के कारण अब लोगों को जरूरत के सामान भी नहीं मिल पा रहे हैं। सब्जी और दूध तक खरीदने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
अभी कुछ ही बैंकों में पुराने नोट को बदलकर चार हजार तक रुपये दिए जा रहे हैं। ज्यादातर बैंकों में मात्र पैसा ही जमा किया जा रहा है। सहालग के दिन चल रहे हैं। इसके चलते लोग परेशान हैं। पहले से बैंक से पैसा निकालकर घर में रखे लोग पुराने नोटों को बदलने के लिए बैंकों में पहुंच रहे हैं। तीसरे दिन बैकों में अतिरिक्त काउंटर खोलने के बाद भी ग्राहकों को रुपये बदलने में पसीना छूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया में ग्राहकों को संभालना पुलिसकर्मियों के लिए भारी पड़ा। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्यशाखा में अंदर और गेट के बाहर शाम तक ग्राहकों की लंबी लाइन लगी रही।
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लाइन में लगे लोगों में धक्कामुक्की और झड़प होती रही। कुछ लोग जबरन बैंक में प्रवेश कर जा रहे थे। इसे लेकर लाइन में लगे लोगों से कई बार उनकी तकरार हुई। महिला अस्पताल स्थित भारतीय स्टेट बैंक के मेन ब्रांच में सुबह से ही भीड़ जमा हो गई। गार्ड लाइन में लोगों को लगवा दिए, मगर कतार इतनी बड़ी थी कि कचहरी-चौक मार्ग जाम हो गया। महिलाएं और बुजुर्ग लाइन में नहीं लग पाए तो वे परिसर में ही जमीन पर बैठकर भीड़ कम होने का इंतजार करते रहे। शाम तक उनका नम्बर नहीं आया। प्रताप बहादुर पार्क में स्थित बैंक आफ बडौदा में सुरक्षा के नाम पर कोई बंदोबस्त नहीं था। लोग बगैर लाइन के खड़े थे। एक-दूसरे को धक्का देते हुए जबरन बैंक परिसर में चले जा रहे थे। बस यही था कि किसी तरह फुटकर पैसा मिल जाए और रुके हुए काम जल्द हो जाएं। इस दौरान कई लोग भीड़ में गिर गए।
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भारतीय स्टेट बैंक चिलबिला में भी भारी भीड़ थी।