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करोड़ाें का कारोबार ठप
प्रतापगढ़
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:15 AM IST
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पांच सौ और एक हजार रुपये बंद होने के बाद बुधवार को बाजार थम गया। प्रतिदिन होेने वाला करीब 45 करोड़ का कारोबार ठप रहा। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में दिनभर सन्नाटा छाया रहा। बड़ी नोटों पर टिका बाजार बुधवार को पूरी तरह धड़ाम हो गया। लोग पांच सौ और एक हजार रुपये की नोट खपाने को लेकर तरह-तरह की चर्चा करते रहे। राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के साथ ही कोषागार में अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे, मगर कोई वित्तीय कार्य नहीं हुआ। एटीएम और बैंक बंद रहने से बुधवार को ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार को भी एटीएम बंद रहेंगे और बैंक शाखाओं में रुपये जमा होंगे।
मंगलवार की आधी रात से पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने से बुधवार को दिनभर अफरी-तफरी का माहौल रहा। पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, मेडिकल स्टोर और बड़े दुकानदार ग्राहकों को ब्लैकमेल करते रहे। वह पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट तो ले रहे थे, मगर उसमें से वापस करने को तैयार नहीं थे। शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। दुकान खोलकर बैठे व्यवसायी पांच सौ और एक हजार रुपये लेने से हाथ खडे़ कर दिए। राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के साथ ही कोषागार में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, मगर कोई वित्तीय कार्य नहीं हुआ। दिन भर ऊहापोह की स्थिति रहने पर बाजारों से रौनक पूरी तरह गायब हो गई। बड़ी नोटों पर टिका बाजार बुधवार को धड़ाम हो गया। इससे प्रतिदिन होेने वाले लगभग 45 करोड़ का कारोबार ठप रहा। दिन भर चली ऊहापोह के बीच लोग पांच सौ और एक हजार का नोट लेने से परहेज करते रहे। पांच सौ रुपये और एक हजार रुपये का नोट लेने से मना करने वाले पेट्रोल पंप मालिकों पर जिला प्रशासन के शिकंजा कसने पर शाम तक थोड़ी नरमी देखी गई। उपजिलाधिकरी (एसडीएम ) शशिभूषण राय और सीओ के साथ शहर के पेट्रोल पंप और गैस एजेसिंयों का भ्रमण कर ग्राहकों की परेशानी को जानने का प्रयास करते रहे।
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मंगलवार की आधी रात से पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने से बुधवार को दिनभर अफरी-तफरी का माहौल रहा। पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, मेडिकल स्टोर और बड़े दुकानदार ग्राहकों को ब्लैकमेल करते रहे। वह पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट तो ले रहे थे, मगर उसमें से वापस करने को तैयार नहीं थे। शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। दुकान खोलकर बैठे व्यवसायी पांच सौ और एक हजार रुपये लेने से हाथ खडे़ कर दिए। राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के साथ ही कोषागार में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, मगर कोई वित्तीय कार्य नहीं हुआ। दिन भर ऊहापोह की स्थिति रहने पर बाजारों से रौनक पूरी तरह गायब हो गई। बड़ी नोटों पर टिका बाजार बुधवार को धड़ाम हो गया। इससे प्रतिदिन होेने वाले लगभग 45 करोड़ का कारोबार ठप रहा। दिन भर चली ऊहापोह के बीच लोग पांच सौ और एक हजार का नोट लेने से परहेज करते रहे। पांच सौ रुपये और एक हजार रुपये का नोट लेने से मना करने वाले पेट्रोल पंप मालिकों पर जिला प्रशासन के शिकंजा कसने पर शाम तक थोड़ी नरमी देखी गई। उपजिलाधिकरी (एसडीएम ) शशिभूषण राय और सीओ के साथ शहर के पेट्रोल पंप और गैस एजेसिंयों का भ्रमण कर ग्राहकों की परेशानी को जानने का प्रयास करते रहे।
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