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तीन माह पहले से तैयारी और सिर्फ 34 प्रतिशत हो सकी गेहूं की खरीद
Tue, 16 Jun 2020 12:46 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 16 Jun 2020 12:46 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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गेहूं खरीद नीति को इस बार जिले के किसानों ने ठुकरा दिया है। जिले में 44,000 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद करना था, मगर अभी मात्र 14,959 मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हुई है। यह कुल खरीद का 34 प्रतिशत है।
हालांकि गेहूं खरीद 30 जून तक होनी है, मगर अब किसान गेहूं नहीं बेच रहे हैं। दरअसल, जो दाम सरकारी खरीद का था, वह दाम किसानों को घर बैठे मिल रहा था। इसलिए सरकारी खरीद केंद्रों को इस बार किसानों ने ठुकरा दिया है।
शासन ने जिले के किसानों से 44,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया था। गेहूं की खरीद एक अप्रैल से होनी थी, मगर तैयारी फरवरी माह से ही प्रारंभ हो गई थी।
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जिले भर में चले अभियान में अभी तक 14,959 मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हुई है। अब गेहूं खरीद में कोई अपेक्षित सुधार होने की आशा नहीं है, मगर अधिकारी अभी भी दावा कर रहे हैं कि तीस जून तक लक्ष्य के करीब पहुंच जाएंगे।
दरअसल, इस बार किसानों का गेहूं खरीदने के लिए शासन ने 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित करते हुए यह कहा था किसानों का गेहूं घर-घर खरीदा जाएगा। मगर ऐसा नहीं हुआ, खरीद केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों ने न तो कोई प्रयास किया और न ही किसानों से संपर्क स्थापित करना चाहा।
जबकि शासन ने खरीद की जो दर निर्धारित की थी, वह किसानों को खुले बाजार में मिल रही थी। इससे किसान खरीद केंद्रों पर गेहूं ले जाकर अपने को फंसाना नहीं चाह रहे थे। परिणाम यह रहा कि खरीद केंद्रों की परेशानी से बचने के लिए किसानों ने अपना उत्पाद खुले बाजार में बेच डाला। अब किसानों के पास गेहूं बेचने को नहीं है। मगर अफसर अभी भी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
जिले में अभी तक 34 प्रतिशत गेहूं खरीद हुई है। किसानों के घर-घर जाकर गेहूं खरीदा जा रहा है। खरीद की अंतिम तिथि 30 जून है। इससे उम्मीद है कि जल्द ही लक्ष्य के करीब पहुंच जाएंगे। धनंजय सिंह, जिला विपणन अधिकारी
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हालांकि गेहूं खरीद 30 जून तक होनी है, मगर अब किसान गेहूं नहीं बेच रहे हैं। दरअसल, जो दाम सरकारी खरीद का था, वह दाम किसानों को घर बैठे मिल रहा था। इसलिए सरकारी खरीद केंद्रों को इस बार किसानों ने ठुकरा दिया है।
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शासन ने जिले के किसानों से 44,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया था। गेहूं की खरीद एक अप्रैल से होनी थी, मगर तैयारी फरवरी माह से ही प्रारंभ हो गई थी।
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जिले भर में चले अभियान में अभी तक 14,959 मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हुई है। अब गेहूं खरीद में कोई अपेक्षित सुधार होने की आशा नहीं है, मगर अधिकारी अभी भी दावा कर रहे हैं कि तीस जून तक लक्ष्य के करीब पहुंच जाएंगे।
दरअसल, इस बार किसानों का गेहूं खरीदने के लिए शासन ने 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित करते हुए यह कहा था किसानों का गेहूं घर-घर खरीदा जाएगा। मगर ऐसा नहीं हुआ, खरीद केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों ने न तो कोई प्रयास किया और न ही किसानों से संपर्क स्थापित करना चाहा।
जबकि शासन ने खरीद की जो दर निर्धारित की थी, वह किसानों को खुले बाजार में मिल रही थी। इससे किसान खरीद केंद्रों पर गेहूं ले जाकर अपने को फंसाना नहीं चाह रहे थे। परिणाम यह रहा कि खरीद केंद्रों की परेशानी से बचने के लिए किसानों ने अपना उत्पाद खुले बाजार में बेच डाला। अब किसानों के पास गेहूं बेचने को नहीं है। मगर अफसर अभी भी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
जिले में अभी तक 34 प्रतिशत गेहूं खरीद हुई है। किसानों के घर-घर जाकर गेहूं खरीदा जा रहा है। खरीद की अंतिम तिथि 30 जून है। इससे उम्मीद है कि जल्द ही लक्ष्य के करीब पहुंच जाएंगे। धनंजय सिंह, जिला विपणन अधिकारी