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प्रदोषकाल में करें गणेश्ा-लक्ष्मी पूजन
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Sat, 29 Oct 2016 11:22 PM IST
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ै। आप को यह जानकर खुशी होगी कि इस वर्ष दिवाली पर कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन मां लक्ष्मी, गणेश की पूजा का विशेष फल प्राप्त होगा। प्रदोषकाल में मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा करने का शुभ मुहूर्त है। शाम 05.30 से रात 08.17 बजे तक दीपदान व पूजन कामहायोग है।लक्ष्मी पूजन एवं दिवाली का पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष को अमावस के प्रदोष काल एवं अर्द्ध रात्रि हो तो विशेष फल प्रदान करता है। यह बताना जरूरी है कि लक्ष्मी पूजन, दीपदान आदि के लिए प्रदोष काल ही विशेष शुभ माना गया है।
इस की पुष्टिशास्त्रों में वर्णित श्लोक ‘कार्तिके प्रदोष तु विशेषेण अमावस्या निशावर्धके, तस्यां सम्पूज्येत देवीं भोगमोक्षं प्रदायिनीम्’ करता है। 30 अक्तूबर की शाम 05.30 बजे से प्रदोषकाल प्रारंभ होकर रात 08.17 बजे समाप्त हो जाएगा। इस अवधि में मां लक्ष्मी और गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त है। यह मुहूर्त गृहस्थ और व्यापार क्षेत्र में जुटे लोगों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। पं. ओमप्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुजदास ने बताया कि रविवार को सूर्योदय से लेकर प्रदोष काल तक अमावस्या रहेगी। इसलिए इस वर्ष रविवार की सुबह से प्रकाश का पर्व दिवाली धूमधाम से मनाया जाएगा। यही समय बही खाता, धर्म एवं गृह स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलन के लिए लाभकारी होगा।
पंचग्रही योग से अति शुभ दिवालीः ज्योतिष की दृष्टि से इस बार दिवाली पर पंच ग्रही योग से अति शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिर्विद कहते हैं कि प्रदोष काल, वृष लग्न, स्वाती नक्षत्र, तुला राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध, राहु, शनि के होने से पंचग्रही योग बन रहा है। यह योग लोगों को अति शुभ व विशेष पल प्रदान करेगा।
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इस की पुष्टिशास्त्रों में वर्णित श्लोक ‘कार्तिके प्रदोष तु विशेषेण अमावस्या निशावर्धके, तस्यां सम्पूज्येत देवीं भोगमोक्षं प्रदायिनीम्’ करता है। 30 अक्तूबर की शाम 05.30 बजे से प्रदोषकाल प्रारंभ होकर रात 08.17 बजे समाप्त हो जाएगा। इस अवधि में मां लक्ष्मी और गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त है। यह मुहूर्त गृहस्थ और व्यापार क्षेत्र में जुटे लोगों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। पं. ओमप्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुजदास ने बताया कि रविवार को सूर्योदय से लेकर प्रदोष काल तक अमावस्या रहेगी। इसलिए इस वर्ष रविवार की सुबह से प्रकाश का पर्व दिवाली धूमधाम से मनाया जाएगा। यही समय बही खाता, धर्म एवं गृह स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलन के लिए लाभकारी होगा।
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पंचग्रही योग से अति शुभ दिवालीः ज्योतिष की दृष्टि से इस बार दिवाली पर पंच ग्रही योग से अति शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिर्विद कहते हैं कि प्रदोष काल, वृष लग्न, स्वाती नक्षत्र, तुला राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध, राहु, शनि के होने से पंचग्रही योग बन रहा है। यह योग लोगों को अति शुभ व विशेष पल प्रदान करेगा।
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