प्रतापगढ़ : फर्नीचर कारोबारी की गला काटकर नृशंस हत्या, शव लोनी नदी के किनारे मिलने से सनसनी
जेठवारा थाना क्षेत्र के काछा निवासी मनोज कुमार यादव (42) गांव में ही फर्नीचर का कारोबार करता था। रविवार की रात करीब नौ बजे वह पत्नी से किसी जरूरी काम से जाने की बात कहकर घर से निकल गया। काफी देर बाद भी जब मनोज नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाश करने लगे।
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जेठवारा इलाके के काछा गांव में रविवार की रात घर से निकले फर्नीचर कारोबारी मनोज कुमार यादव (42) की गला काटकर नृशंस हत्या कर दी गई। सोमवार की सुबह घर से कुछ दूरी पर उसका रक्तरंजित शव मिला। इसकी जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। छानबीन करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
जेठवारा थाना क्षेत्र के काछा निवासी मनोज कुमार यादव (42) गांव में ही फर्नीचर का कारोबार करता था। रविवार की रात करीब नौ बजे वह पत्नी से किसी जरूरी काम से जाने की बात कहकर घर से निकल गया। काफी देर बाद भी जब मनोज नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाश करने लगे। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। उसके मोबाइल पर लगातार घंटी जा रही थी, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो रही थी।
अनहोनी की आशंका में परिजन रातभर खोजबीन करते रहे। सोमवार की सुबह शौच के लिए लोनी नदी की ओर जाते समय ग्रामीणों को मनोज का रक्तरंजित शव मिला। कुछ दूरी पर उसका गमछा, मोबाइल व बाइक पड़ी थी। मनोज के गले व सीने पर कुल्हाड़ी से अनगिनत प्रहार किए गए थे। उसका गला कट गया था। खबर मिलते ही रोते बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर जेठवारा पुलिस भी आ गई।
कुछ देर बाद फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र करते हुए बरामद सामानों को कब्जे में ले लिया। सीओ सदर सदर पवन त्रिवेदी ने परिवार के लोगों से बातचीत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी रोहित मिश्र ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की।
इस मामले में मनोज के बेटे कुंदन की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही विकास दुबे के खिलाफ केस दर्ज किया है। एएसपी रोहित मिश्र ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रथमदृष्टया आशनाई व रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका है।
तीन भाइयों में सबसे बड़ा था मनोज
मृतक मनोज यादव तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके दो भाई हरियाणा के फरीदाबाद में प्राइवेट फैक्ट्री में काम करते हैं। बेटे की मौत से मां सीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी सीता भी रोते हुए बेहोश हो जाती रही थी। मनोज के ऊपर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी।
तय कर रखी थी बेटी की शादी
जेठवारा के काछा निवासी मनोज यादव अपनी बेटी रूपम की सगाई कर चुका था। 11 मई को उसकी शादी होनी है। परिवार के लोग शादी की तैयारियों में जुटे थे। मनोज ने भी बेटी को डोली में बैठाकर विदा करने का सपना पाल रखा था, मगर होनी को कुछ और ही मंजूर था। मनोज की हत्या के बाद बेटी रूपम, बेटे कुंदन, बेटी मोनी व सोनी का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस व परिजनों में तहरीर को लेकर टकराव
काछा में मनोज की हत्या के बाद लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तहरीर देने को लेकर थानाध्यक्ष जेठवारा से लोगों की झड़प हो गई। आरोप है कि पुलिस ने मनमानी करते हुए अपने हिसाब से तहरीर लिखवा ली। इस दौरान जेठवारा थानाध्यक्ष परिवारवालों से नोकझोंक करते नजर आए।
मनोज के बेटे कुंदन के अनुसार, जेठवारा पुलिस ने अपनी मर्जी से तहरीर लिखी। उसका हस्ताक्षर करा लिए। एक महिला का भी नाम तहरीर में शामिल करने के लिए कहा गया, मगर पुलिस ने इनकार कर दिया। पुलिस मनमाने तरीके से तहरीर लिखकर लाई थी।
फर्नीचर कारोबारी की हत्या में महिला का हाथ, काल डिटेल से मिला सुराग
जेठवारा के काछा के रहने वाले मनोज यादव की हत्या को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों की चर्चाओं के बीच पुलिस भी घटना को आशनाई से जोड़कर देख रही है। पुलिस का कहना है कि प्रथमदृष्टया जांच में मनोज की हत्या के पीछे किसी महिला का हाथ है। बेटा भी मुकदमे में महिला को नामजद करने के लिए बार-बार बोल रहा था। फिलहाल, पुलिस को मृतक के मोबाइल की काल डिटेल से घटना से जुड़े कई साक्ष्य हाथ लगे हैं। इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।