{"_id":"5e20be118ebc3e4b563bec36","slug":"pratapgarh-the-sleep-of-the-heads-of-36-villages-the-existence-of-gram-panchayats-will-disappear-from-april-1-pratapgarh-news-ald265923451","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतापगढ़: 36 गांव के प्रधानों की उड़ी नींद, एक अप्रैल से मिट जाएगा ग्राम पंचायतों का अस्तित्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतापगढ़: 36 गांव के प्रधानों की उड़ी नींद, एक अप्रैल से मिट जाएगा ग्राम पंचायतों का अस्तित्व
विज्ञापन
pratapgarh
जिले के 36 ग्राम पंचायतों के प्रधानों की नींद उड़ गई है। इन ग्रामपंचायतों को एक अप्रैल से टाउन एरिया में शामिल कर लिया जाएगा। कोहंड़ौर, पृथ्वीगंज और नगरपालिका सीमा विस्तार में शामिल होने वाली ग्राम पंचायतों के प्रधान अब अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कुछ प्रधान हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं तो कुछ शासन में पैरवी करके अपने गांव को अलग कराना चाह रहे हैं।
जिले की नगरपालिका सीमा विस्तार होने और कोहंड़ौर, पृथ्वीगंज बाजार को नई टाउन एरिया का दर्जा मिलने से जिले की 36 ग्राम पंचायतों का अस्तित्व 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। एक अप्रैल से शहरी इलाकों में शामिल होने वाले इन गांवों के प्रधान अब अपनी साख बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दरअसल, टाउन एरिया में शामिल होने से प्रधानों का द बदबा खत्म हो जाएगा।
वर्ष 2019 में पंचायत चुनाव में विजय हासिल करने वाले प्रधान इन गांवों में विकास कार्य कराकर नवंबर 2020 में होने वाले पंचायत चुनाव में एक बार फिर अपना सिक्का जमाने की तैयारी किए हुए थे। मगर नए साल में शासन के इस फैसले ने सभी को चौंकाने के साथ ही मुसीबत में डाल दिया है। वर्तमान प्रधान अपने गांव को टाउन एरिया और नगरपालिका से बाहर रखने के लिए हाईकोर्ट और नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन
जो ग्राम पंचायतें नगरपालिका सीमा विस्तार और टाउन एरिया में शामिल हो रही हैं, उनमें 31 मार्च तक ही विकास कार्य कराए जाएंगे। एक अप्रैल से वह शहरी इलाकों में शामिल हो जाएंगी। इसके बाद सभी कार्य टाउन एरिया से ही संपादित होंगे। लालजी दूबे, डीपीआरओ
विज्ञापन
जिले की नगरपालिका सीमा विस्तार होने और कोहंड़ौर, पृथ्वीगंज बाजार को नई टाउन एरिया का दर्जा मिलने से जिले की 36 ग्राम पंचायतों का अस्तित्व 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। एक अप्रैल से शहरी इलाकों में शामिल होने वाले इन गांवों के प्रधान अब अपनी साख बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दरअसल, टाउन एरिया में शामिल होने से प्रधानों का द बदबा खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन
वर्ष 2019 में पंचायत चुनाव में विजय हासिल करने वाले प्रधान इन गांवों में विकास कार्य कराकर नवंबर 2020 में होने वाले पंचायत चुनाव में एक बार फिर अपना सिक्का जमाने की तैयारी किए हुए थे। मगर नए साल में शासन के इस फैसले ने सभी को चौंकाने के साथ ही मुसीबत में डाल दिया है। वर्तमान प्रधान अपने गांव को टाउन एरिया और नगरपालिका से बाहर रखने के लिए हाईकोर्ट और नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन
जो ग्राम पंचायतें नगरपालिका सीमा विस्तार और टाउन एरिया में शामिल हो रही हैं, उनमें 31 मार्च तक ही विकास कार्य कराए जाएंगे। एक अप्रैल से वह शहरी इलाकों में शामिल हो जाएंगी। इसके बाद सभी कार्य टाउन एरिया से ही संपादित होंगे। लालजी दूबे, डीपीआरओ