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प्रतापगढ़: पुलिस ने जिस कोड की कॉपियां पकड़ीं, वह डीआईओएस कार्यालय में रखी हैं
Thu, 21 Feb 2019 12:03 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:03 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा
- फोटो : प्रतापगढ़
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सांगीपुर पुलिस ने राजेंद्र गुप्ता के घर से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की जिस कोड की कापियां बरामद की थीं, उसी कोड की कॉपियां डीआईओएस कार्यालय में मौजूद हैं। बुधवार को डीआईओएस की जांच में कॉपियां मिलने से यह साफ हो गया है कि एक ही नंबर की दो-दो कॉपियों को बेल्हा तक पहुंचाने में नकल माफियाओं का गिरोह काम कर रहा है। फिलहाल कॉपी मिलने के बाद विभागीय अधिकारी गहराई से छानबीन करने के बजाए चुप्पी साधकर बैठ गए हैं।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में नकल माफियाओं के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। यूपी बोर्ड ने जिस कोड की कॉपियां जिले को एलाट की हैं, उसी कोड की कॉपियां नकल माफियाओं ने नकलची कॉलेजों को भी उपलब्ध करा दी हैं। सांगीपुर पुलिस ने सोमवार की शाम बाजार के राजेंद्र गुप्ता के घर से हाईस्कूल की 23 और इंटरमीडिएट की 30 कापियां बरामद की थीं।
हाईस्कूल की कॉपियों का कोड 7383931 से 7383954 तक है, जबकि इंटरमीडिएट की कॉपियों का कोड 5356921 से 5356951 तक है। जबकि बुधवार को डीआईओएस एसपी यादव ने कॉपियों का जो बंडल दिखाया, उसमें भी इस क्रमांक की कॉपियां मौजूद हैं। डीआईओएस का दावा है कि पुलिस ने जो कॉपियां बरामद की हैं वह पूरी तरह नकली हैं। उन्होंने अपना पल्ला छाड़ते हुए कहा कि पुलिस ने बरामद किया है तो पुलिस ही नकल माफियाओं को खोज सकती है। फिलहाल यह बात साफ हो गई है कि नकल माफियाओं ने जिले में अपना जाल बिछा रखा है।
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कॉपियों के स्टोर में घुसने पर लगी पाबंदी
डीआईओएस ने कॉपियां लेने के लिए आने वाले लोगों के स्टोर रूम में घुसने पर पाबंदी लगा दी है। अब केंद्र से आने वाले कर्मचारी बाहर खड़े होकर अपनी डिमांड देंगे और कर्मचारी उन्हें कॉपियां देंगे। डीआईओएस ने सभी केंद्रों से अस्पष्ट कोड वाली कॉपियों को वापस करने को कहा है।
फरार रामलली करेगी नकल माफियाओं के नाम का खुलासा
यूपी बोर्ड की कॉपियों को घर में लिखते रंगेहाथ दबोचने वाली सांगीपुर पुलिस की नजर फरार अध्यापिका रामलली सिंह पर टिक गई है। पुलिस का मानना है कि फरार अध्यापिका ही नकल माफियाओं के खेल का खुलासा कर सकती है। पुलिस की मानें तो अध्यापिका पुलिस को चकमा देकर फरार हो गई थी।
सांगीपुर पुलिस ने 18 फरवरी की शाम थाने से महज कुछ कदम की दूरी पर राजेंद्र गुप्ता के घर से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल 23 और इंटरमीडिएट की 30 कापियां और पेपर बरामद किया था। सांगीपुर पुलिस ने लखहरा निवासी रामलली पत्नी विनोद सिंह, ज्योति सिंह पुत्री विनोद सिंह, नेहा गुप्ता, प्रिया गुप्ता पुत्री राजेंद्र प्रसाद गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस की दबिश में उस समय लखनपुरसूर की अध्यापिका रामलली सिंह चकमा देकर फरार हो गई थी, जब पुलिस अंदर घुसकर कापियों को जब्त करने लगी। डीआईओएस कार्यालय में उसी कोड की कापियां मिलने पर पुलिस अब की नजर अब अध्यापिका रामलली सिंह पर टिक गई है। पुलिस का मानना है कि फरार अध्यापिका ही यह बता सकती है कि बोर्ड की नकली कापियां कहां से आईं। सांगीपुर कोतवाल अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि अध्यापिका की गिरफ्तारी के बाद ही नकल माफियाओं के खेल का भंडाफोड़ होगा। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
बदनाम कालेज का नाम लोगों की जुबान पर
नकली कापी किस स्कूल में आई और कैसे पहुंची। इस खेल के पीछे सांगीपुर इलाके के एक बदनाम कालेज का नाम लोगों के जुबान पर है। विभाग ने इस नकलची कालेज को परीक्षा केंद्र बनाने के साथ ही अतिसंवेदनशील केंद्रों की सूची में डाल दिया है। स्थानीय लोगों की माने तो यह कॉलेज मोटी रकम देकर केंद्र बनता और बेधड़क कॉपी बदलने का खेल करता है।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में नकल माफियाओं के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। यूपी बोर्ड ने जिस कोड की कॉपियां जिले को एलाट की हैं, उसी कोड की कॉपियां नकल माफियाओं ने नकलची कॉलेजों को भी उपलब्ध करा दी हैं। सांगीपुर पुलिस ने सोमवार की शाम बाजार के राजेंद्र गुप्ता के घर से हाईस्कूल की 23 और इंटरमीडिएट की 30 कापियां बरामद की थीं।
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हाईस्कूल की कॉपियों का कोड 7383931 से 7383954 तक है, जबकि इंटरमीडिएट की कॉपियों का कोड 5356921 से 5356951 तक है। जबकि बुधवार को डीआईओएस एसपी यादव ने कॉपियों का जो बंडल दिखाया, उसमें भी इस क्रमांक की कॉपियां मौजूद हैं। डीआईओएस का दावा है कि पुलिस ने जो कॉपियां बरामद की हैं वह पूरी तरह नकली हैं। उन्होंने अपना पल्ला छाड़ते हुए कहा कि पुलिस ने बरामद किया है तो पुलिस ही नकल माफियाओं को खोज सकती है। फिलहाल यह बात साफ हो गई है कि नकल माफियाओं ने जिले में अपना जाल बिछा रखा है।
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कॉपियों के स्टोर में घुसने पर लगी पाबंदी
डीआईओएस ने कॉपियां लेने के लिए आने वाले लोगों के स्टोर रूम में घुसने पर पाबंदी लगा दी है। अब केंद्र से आने वाले कर्मचारी बाहर खड़े होकर अपनी डिमांड देंगे और कर्मचारी उन्हें कॉपियां देंगे। डीआईओएस ने सभी केंद्रों से अस्पष्ट कोड वाली कॉपियों को वापस करने को कहा है।
फरार रामलली करेगी नकल माफियाओं के नाम का खुलासा
यूपी बोर्ड की कॉपियों को घर में लिखते रंगेहाथ दबोचने वाली सांगीपुर पुलिस की नजर फरार अध्यापिका रामलली सिंह पर टिक गई है। पुलिस का मानना है कि फरार अध्यापिका ही नकल माफियाओं के खेल का खुलासा कर सकती है। पुलिस की मानें तो अध्यापिका पुलिस को चकमा देकर फरार हो गई थी।
सांगीपुर पुलिस ने 18 फरवरी की शाम थाने से महज कुछ कदम की दूरी पर राजेंद्र गुप्ता के घर से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल 23 और इंटरमीडिएट की 30 कापियां और पेपर बरामद किया था। सांगीपुर पुलिस ने लखहरा निवासी रामलली पत्नी विनोद सिंह, ज्योति सिंह पुत्री विनोद सिंह, नेहा गुप्ता, प्रिया गुप्ता पुत्री राजेंद्र प्रसाद गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस की दबिश में उस समय लखनपुरसूर की अध्यापिका रामलली सिंह चकमा देकर फरार हो गई थी, जब पुलिस अंदर घुसकर कापियों को जब्त करने लगी। डीआईओएस कार्यालय में उसी कोड की कापियां मिलने पर पुलिस अब की नजर अब अध्यापिका रामलली सिंह पर टिक गई है। पुलिस का मानना है कि फरार अध्यापिका ही यह बता सकती है कि बोर्ड की नकली कापियां कहां से आईं। सांगीपुर कोतवाल अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि अध्यापिका की गिरफ्तारी के बाद ही नकल माफियाओं के खेल का भंडाफोड़ होगा। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
बदनाम कालेज का नाम लोगों की जुबान पर
नकली कापी किस स्कूल में आई और कैसे पहुंची। इस खेल के पीछे सांगीपुर इलाके के एक बदनाम कालेज का नाम लोगों के जुबान पर है। विभाग ने इस नकलची कालेज को परीक्षा केंद्र बनाने के साथ ही अतिसंवेदनशील केंद्रों की सूची में डाल दिया है। स्थानीय लोगों की माने तो यह कॉलेज मोटी रकम देकर केंद्र बनता और बेधड़क कॉपी बदलने का खेल करता है।