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प्रतापगढ़: भाजपा, कांग्रेस समेत सात प्रत्याशियों ने भरा पर्चा
Mon, 22 Apr 2019 11:56 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 22 Apr 2019 11:56 PM IST
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कलेक्ट्रेट में घुसने को कार्यकर्ता करते रहे धक्कामुक्की
- फोटो : प्रतापगढ़
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कलेक्ट्रेट में घुसने को कार्यकर्ता करते रहे धक्कामुक्की
सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन से रही जाम की स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। खुद को दूसरों से अलग दिखाने के लिए प्रत्याशियों के काफिले कुछ ज्यादा ही लंबे हो गए। गेट के पास समर्थकों और वाहनों के कारण जाम की स्थिति पैदा हो गई। बाइकों के साथ चार पहिया वाहनों के लंबे जुलूस के साथ कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए गेट पर पहुंचे। कलेक्ट्रेट में घुसने को कार्यकर्ता धक्कामुक्की करते रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं चलने दी।
सोमवार को तीन प्रमुख दलों के प्रत्याशियों का नामांकन होना था। इसके लिए पहले से ही प्रशासन ने कमर कस ली थी। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी और कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह नामांकन करने पहुंचीं, लेकिन भाजपा प्रत्याशी ढोल नगाड़ों की धुन पर समर्थकों की नारेबाजी के बीच नामांकन करने पहुंचे। मिनी ट्रक में भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता के साथ कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, रानीगंज विधायक धीरज ओझा, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह समेत अन्य कद्दावर नेता मौजूद रहे। पीछे वाहनों की लंबी लाइन लगी थी। गेट पर काफिला रुका तो सड़क पर चल रहे वाहनों को भी जाम के कारण रुकना पड़ा। प्रत्याशी के समर्थक भी भीतर घुसने के लिए धक्कामुक्की करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोका तो प्रत्याशी ने कुछ लोगों को अंदर आने देने की बात कही।
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सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन से रही जाम की स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। खुद को दूसरों से अलग दिखाने के लिए प्रत्याशियों के काफिले कुछ ज्यादा ही लंबे हो गए। गेट के पास समर्थकों और वाहनों के कारण जाम की स्थिति पैदा हो गई। बाइकों के साथ चार पहिया वाहनों के लंबे जुलूस के साथ कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए गेट पर पहुंचे। कलेक्ट्रेट में घुसने को कार्यकर्ता धक्कामुक्की करते रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं चलने दी।
सोमवार को तीन प्रमुख दलों के प्रत्याशियों का नामांकन होना था। इसके लिए पहले से ही प्रशासन ने कमर कस ली थी। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी और कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह नामांकन करने पहुंचीं, लेकिन भाजपा प्रत्याशी ढोल नगाड़ों की धुन पर समर्थकों की नारेबाजी के बीच नामांकन करने पहुंचे। मिनी ट्रक में भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता के साथ कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, रानीगंज विधायक धीरज ओझा, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह समेत अन्य कद्दावर नेता मौजूद रहे। पीछे वाहनों की लंबी लाइन लगी थी। गेट पर काफिला रुका तो सड़क पर चल रहे वाहनों को भी जाम के कारण रुकना पड़ा। प्रत्याशी के समर्थक भी भीतर घुसने के लिए धक्कामुक्की करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोका तो प्रत्याशी ने कुछ लोगों को अंदर आने देने की बात कही।
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गोपालजी करोड़पति, कम हो गए चार मुकदमे
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रत्याशी अक्षय प्रताप सिंह साथ में राजा भैया।
- फोटो : प्रतापगढ़
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी से नामांकन करने वाले अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी के ऊपर से करीब दस साल में चार मुकदमे कम हो गए हैं। वह एक तरफ करोड़पति हैं तो दूसरी तरफ उनके ऊपर विभिन्न बैंकों की करोड़ों की देनदारी भी है। उन्होंने नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की है।
कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया की नवगठित पार्टी से सोमवार को नामांकन करने वाले अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी ने वर्ष 2009 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था, मगर वह हार गए थे। 2014 का लोकसभा चुनाव उन्होंने नहीं लड़ा था। वर्ष 2009 के चुनाव के नामांकन में अक्षय प्रताप सिंह ने अपने शपथ पत्र में आठ मुकदमे का विवरण दिया था।
मगर सोमवार को दाखिल नामांकन पत्र में मात्र चार मुकदमों का ही जिक्र किया गया है। इससे स्पष्ट है कि इन दस वर्षों में उनके ऊपर से चार मुकदमे खत्म हो गए। अक्षय प्रताप सिंह ने 1983 में मध्यप्रदेश से कक्षा नौ की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। गोपालजी के खाते में एक लाख रुपये हैं। 1,47,40,758 रुपये की सकल आय के साथ ही लखनऊ, जामो, प्रतापगढ़ सहित कई जिलों में करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति है।
पत्नी मधुरिमा के पास 1.50 लाख नगद के साथ ही 1700 ग्राम सोना और 16 किग्रा चांदी है। उन्होंने खुद, पत्नी और बच्चों के नाम करोड़ों रुपये का बीमा करा रखा है। अक्षय प्रताप सिंह करोड़पति होनेके साथ ही करोड़ों रुपये के बकाएदार भी हैं। उनके ऊपर बैंक सहित विभिन्न देनदारियों के 3,44,73,177 रुपये बकाया हैं।
कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया की नवगठित पार्टी से सोमवार को नामांकन करने वाले अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी ने वर्ष 2009 में लोकसभा का चुनाव लड़ा था, मगर वह हार गए थे। 2014 का लोकसभा चुनाव उन्होंने नहीं लड़ा था। वर्ष 2009 के चुनाव के नामांकन में अक्षय प्रताप सिंह ने अपने शपथ पत्र में आठ मुकदमे का विवरण दिया था।
मगर सोमवार को दाखिल नामांकन पत्र में मात्र चार मुकदमों का ही जिक्र किया गया है। इससे स्पष्ट है कि इन दस वर्षों में उनके ऊपर से चार मुकदमे खत्म हो गए। अक्षय प्रताप सिंह ने 1983 में मध्यप्रदेश से कक्षा नौ की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। गोपालजी के खाते में एक लाख रुपये हैं। 1,47,40,758 रुपये की सकल आय के साथ ही लखनऊ, जामो, प्रतापगढ़ सहित कई जिलों में करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति है।
पत्नी मधुरिमा के पास 1.50 लाख नगद के साथ ही 1700 ग्राम सोना और 16 किग्रा चांदी है। उन्होंने खुद, पत्नी और बच्चों के नाम करोड़ों रुपये का बीमा करा रखा है। अक्षय प्रताप सिंह करोड़पति होनेके साथ ही करोड़ों रुपये के बकाएदार भी हैं। उनके ऊपर बैंक सहित विभिन्न देनदारियों के 3,44,73,177 रुपये बकाया हैं।
संगम का कारोबार बढ़ा, घट गई आमदनी
कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल करते भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता।
- फोटो : प्रतापगढ़
प्रतापगढ़ संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी और सदर विधायक संगमलाल गुप्ता का पिछले दो साल में कारोबार तो बढ़ा, लेकिन आमदनी घटी है। विधानसभा चुनाव में दिए गए शपथ में दर्शाई गई आमदनी के मुकाबले में लोकसभा चुनाव में दिए गए शपथपत्र में आय कम दिखाई गई है। 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनके ऊपर एक मुकदमा दर्ज था। अभी दो केस दर्ज हैं। संगमलाल के पास तीन असलहे हैं। उन्होंने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है।
मुंबई में व्यवसाय करने वाले कटरामेदनीगंज निवासी संगमलाल गुप्ता ने वर्ष 2017 में अपना दल (एस) के टिकट पर सदर विधायक के लिए नामांकन किया और पहली बार में ही ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पूरी तरह व्यवसायिक सदर विधायक ने सोमवार को भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया है। 2017 में संगमलाल पर एक मुकदमा दर्ज था। अपने शपथ पत्र में धोखाधड़ी का एक मुकदमा मुंबई में दर्ज होने का उन्होंने जिक्र किया था।
इस वर्ष हलफनामे में दो मुकदमे दर्ज होने की बात कही है। वर्ष 2017 के शपथपत्र में सकल आय 23,02,98,400 रुपये दिखाई गई थी, जबकि सोमवार को दाखिल शपथपत्र में 20,69,87,368 रुपये सकल आय दिखाई गई है। हालांकि मुंबई से बेल्हा तक उनका कारोबार बढ़ा है। उन पर बैंकों की 63,68,255 रुपये की देनदारी भी है। 2017 के शपथपत्र में 2,28,850 रुपये नगदी दिखाई थी, जो अब बढक़र 2,45,248 रुपये हो गई है।
मुंबई में व्यवसाय करने वाले कटरामेदनीगंज निवासी संगमलाल गुप्ता ने वर्ष 2017 में अपना दल (एस) के टिकट पर सदर विधायक के लिए नामांकन किया और पहली बार में ही ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पूरी तरह व्यवसायिक सदर विधायक ने सोमवार को भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया है। 2017 में संगमलाल पर एक मुकदमा दर्ज था। अपने शपथ पत्र में धोखाधड़ी का एक मुकदमा मुंबई में दर्ज होने का उन्होंने जिक्र किया था।
इस वर्ष हलफनामे में दो मुकदमे दर्ज होने की बात कही है। वर्ष 2017 के शपथपत्र में सकल आय 23,02,98,400 रुपये दिखाई गई थी, जबकि सोमवार को दाखिल शपथपत्र में 20,69,87,368 रुपये सकल आय दिखाई गई है। हालांकि मुंबई से बेल्हा तक उनका कारोबार बढ़ा है। उन पर बैंकों की 63,68,255 रुपये की देनदारी भी है। 2017 के शपथपत्र में 2,28,850 रुपये नगदी दिखाई थी, जो अब बढक़र 2,45,248 रुपये हो गई है।
पांच साल में दोगुनी हो गई रत्ना की आमदनी
कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमारी रत्ना सिंह ने भी दाखिल किया पर्चा।
- फोटो : प्रतापगढ़
कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह की पांच साल में आय दोगुनी हो गई है। नगदी के साथ सोने-चांदी के जेवर में बढ़ोतरी हुई है। इनके खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं। कांग्रेस प्रत्याशी के पास तीन असलहे हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी को दिए शपथ पत्र में बताया कि उनकी सालभर की सकल आय करीब 1,67,33,765 रुपये है। इसमें खाते में नकद तीन लाख रुपये, दो किलोग्राम (किग्रा) सोना जिसकी कीमत 50 लाख रुपये, दस किग्रा चांदी जिसकी कीमत 40 लाख रुपये है। इसके अलावा जिले के कालाकांकर, बेल्हा, दिल्ली, मुंबई में करोड़ों रुपये की प्रापर्टी है।
रत्ना सिंह पर वर्ष 2014 में छह मुकदमे थे जो अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। इन मुकदमों में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के साथ ही बलवा, धमकी का भी मामला दर्ज है। रत्ना सिंह के पास तीन असलहे हैं। 2014 के शपथ पत्र में 40 लाख रुपये का एक किलो सोना, 2 किलो चांदी के साथ ही 75,83,070 रुपये की खुद और 4,03,643 की पति सालाना सकल आय थी।
खुद के पास ऐंठू में 28 लाख कीमत की 3.425 हेक्टेअर और पति के पास मंडवा रायगढ़ में 14 लाख कीमत की 1.5 हेक्टेअर जमीन है। कस्तूरबा गांधी मार्ग नई दिल्ली में 2 करोड़ रुपये कीमत का व्यवसायिक भवन, 2 करोड़ का एक और प्लॉट, निजामुद्दीन दिल्ली में डेढ़ करोड़ का भवन, सिविल लाइंस प्रतापगढ़ में 3 करोड़ का कामर्शियल भवन, यहीं पर 50 लाख का एक घर, 7 बीघे में 151 कमरों का कालाकांकर राजभवन आवास, पति के पास मुंबई में 8 करोड़ कीमत का घर, 8.28 करोड़ की कुल जमीन और 8.14 करोड़ का एक और मकान है। रत्ना सिंह पर मकान का 10.80 लाख रुपये का लोन भी है।
कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी को दिए शपथ पत्र में बताया कि उनकी सालभर की सकल आय करीब 1,67,33,765 रुपये है। इसमें खाते में नकद तीन लाख रुपये, दो किलोग्राम (किग्रा) सोना जिसकी कीमत 50 लाख रुपये, दस किग्रा चांदी जिसकी कीमत 40 लाख रुपये है। इसके अलावा जिले के कालाकांकर, बेल्हा, दिल्ली, मुंबई में करोड़ों रुपये की प्रापर्टी है।
रत्ना सिंह पर वर्ष 2014 में छह मुकदमे थे जो अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। इन मुकदमों में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के साथ ही बलवा, धमकी का भी मामला दर्ज है। रत्ना सिंह के पास तीन असलहे हैं। 2014 के शपथ पत्र में 40 लाख रुपये का एक किलो सोना, 2 किलो चांदी के साथ ही 75,83,070 रुपये की खुद और 4,03,643 की पति सालाना सकल आय थी।
खुद के पास ऐंठू में 28 लाख कीमत की 3.425 हेक्टेअर और पति के पास मंडवा रायगढ़ में 14 लाख कीमत की 1.5 हेक्टेअर जमीन है। कस्तूरबा गांधी मार्ग नई दिल्ली में 2 करोड़ रुपये कीमत का व्यवसायिक भवन, 2 करोड़ का एक और प्लॉट, निजामुद्दीन दिल्ली में डेढ़ करोड़ का भवन, सिविल लाइंस प्रतापगढ़ में 3 करोड़ का कामर्शियल भवन, यहीं पर 50 लाख का एक घर, 7 बीघे में 151 कमरों का कालाकांकर राजभवन आवास, पति के पास मुंबई में 8 करोड़ कीमत का घर, 8.28 करोड़ की कुल जमीन और 8.14 करोड़ का एक और मकान है। रत्ना सिंह पर मकान का 10.80 लाख रुपये का लोन भी है।