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प्रतापगढ़ : पट्टी और रामपुर खास में फिर आमने-सामने होंगे पुराने धुरंधर
Sat, 29 Jan 2022 12:28 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 29 Jan 2022 12:28 AM IST
सार
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पट्टी से समाजवादी पार्टी के राम सिंह पटेल भाजपा के मोती सिंह को शिकस्त देकर विधायक बने थे। दोनों के बीच कड़ा मुकाबला था।
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prayagraj news: कैबिनेट मंत्री मोती सिंह।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
शुक्रवार को भाजपा प्रत्याशियों के नामों का ऐलान होने के बाद जिले की रामपुर खास और पट्टी विधानसभा में लड़ाई रोचक हो गई है। दोनों ही सीटों पर पुराने धुरंधर तीसरी बार आमने-सामने होंगे। पट्टी विधानसभा में तो पिछले दो विधानसभा चुनावों में सपा और भाजपा प्रत्याशी के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। कुछ वोटों के अंतर से हार-जीत का फैसला हुआ था। उधर, कुंडा और बाबागंज में सपा और भाजपा की घेराबंदी के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
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वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पट्टी से समाजवादी पार्टी के राम सिंह पटेल भाजपा के मोती सिंह को शिकस्त देकर विधायक बने थे। दोनों के बीच कड़ा मुकाबला था। मात्र 156 वोट से राम सिंह पटेल चुनाव जीते। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर दोनों आमने-सामने थे, लेकिन इस बार बाजी मोती सिंह के हाथ लगी। प्रदेश में भाजपा की लहर होने के बावजूद पट्टी में मोती सिंह और राम सिंह के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। मोती सिंह को कुल 74428 मत मिले।
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प्रेस कांफ्रेस के दौरान कांग्रेस की विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा।
- फोटो : amar ujala
आराधना और नागेश तीसरी बार होंगे आमने-सामने
सपा के राम सिंह को कुल 73051 मत मिले। रोमांचक मुकाबले में मोती सिंह को 1377 मतों से जीत मिली थी। उधर, 1980 से कांग्रेस के गढ़ रामपुर खास में भी विधायक आराधना मिश्रा मोना और भाजपा से नागेश प्रताप सिंह तीसरी बार आमने-सामने होंगे। 2014 में हुए उपचुनाव में आराधना मिश्रा मोना विधायक चुनी गईं। इस चुनाव में उनके खिलाफ नागेश प्रताप सिंह निर्दल चुनाव लड़े थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार कांग्रेस का भाजपा से कड़ा मुकाबला हुआ।
कांग्रेस से आराधना मिश्र मोना के खिलाफ इस चुनाव में नागेश प्रताप सिंह भाजपा के उम्मीदवार थे। आधराना मिश्रा मोना को कुल 81463 मत मिले थे। जबकि नागेश को 64397 मत मिले थे। आधराना मिश्रा मोना ने नागेश प्रताप सिंह को 17066 मतों से पराजित किया था। अब इस चुनाव में तीसरी बार दोनों आमने-सामने हैं। उधर, कुंडा और बाबागंज विधानसभा में सपा और भाजपा की घेराबंदी के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
सपा के राम सिंह को कुल 73051 मत मिले। रोमांचक मुकाबले में मोती सिंह को 1377 मतों से जीत मिली थी। उधर, 1980 से कांग्रेस के गढ़ रामपुर खास में भी विधायक आराधना मिश्रा मोना और भाजपा से नागेश प्रताप सिंह तीसरी बार आमने-सामने होंगे। 2014 में हुए उपचुनाव में आराधना मिश्रा मोना विधायक चुनी गईं। इस चुनाव में उनके खिलाफ नागेश प्रताप सिंह निर्दल चुनाव लड़े थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार कांग्रेस का भाजपा से कड़ा मुकाबला हुआ।
कांग्रेस से आराधना मिश्र मोना के खिलाफ इस चुनाव में नागेश प्रताप सिंह भाजपा के उम्मीदवार थे। आधराना मिश्रा मोना को कुल 81463 मत मिले थे। जबकि नागेश को 64397 मत मिले थे। आधराना मिश्रा मोना ने नागेश प्रताप सिंह को 17066 मतों से पराजित किया था। अब इस चुनाव में तीसरी बार दोनों आमने-सामने हैं। उधर, कुंडा और बाबागंज विधानसभा में सपा और भाजपा की घेराबंदी के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है।