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प्रतापगढ़: कनेक्शन लिए नहीं और आ गया लाखों का बिजली बिल
Fri, 08 Mar 2019 12:52 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 08 Mar 2019 12:52 AM IST
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गांव में न पोल पहुंचे है, न तार खींचे गए हैं। ग्रामीण लालटेन व ढिबरी के सहारे गुजर-बसर कर रहे हैं। मगर विद्युत विभाग ने गांव के 250 लोगों का बिल जारी कर दिया है। बगैर बिजली का इस्तेमाल किए ही विभाग से आए बिल की रसीद देख लोग परेशान हो उठे हैं। वह बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
जिले में चार विद्युत पारेषण खंड हैं। रानीगंज, लालगंज, कुंडा व सदर। जिले में छह लाख से अधिक पंजीकृत उपभोक्ता हैं। इसमें से एक लाख से अधिक बकाएदार हैं। बकाएदारों से बिल वसूलने के लिए सहूलियत के तौर पर विद्युत विभाग ने सरचार्ज माफी योजना शुरू की है। इसके तहत गांव-गांव बकाएदारों को बिल की रसीद भेज रहे हैं।
बिल भेजने की इस प्रक्रिया में विभागीय कर्मचारियों द्वारा मनमानी की जा रही है। वह मनमाने तरीके से गांवों में बिल भेज रहे हैं। ताजा मामला अंतू क्षेत्र के वांसी गांव का है। इस गांव में अब तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है। गांव में कुल ढाई सौ घर हैं।
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न तो पोल लगा है, न तार खींचे गए हैं। बस्ती के ज्यादातर लोग लालटेन व ढिबरी के सहारे रात गुजारते हैं। कुछ ऐसे हैं जिन्होंने सोलर लाइट की व्यवस्था कर रखी है। मोबाइल चार्ज कराने के लिए लोगों को बाजार जाना पड़ता है। मगर बिजली विभाग की ओर से गांव के ढाई सौ लोगों को बिल जारी कर दिया गया है।
बिजली से वंचित ग्रामीण बिल देखकर परेशान हो गए हैं। मजे की बात यह है कि बिल में समयसारिणी भी दी गइ्र्र है कि कब तक बिल चुकाया गया है। बिजली विभाग की सूची में गांव सालों से संतृप्त है। अब ग्रामीण बिल की रसीद लेकर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
इसे लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है। इसी तरह जेठवारा के रामनगर गांव में घरों में मीटर लगा दिए गए हैं, मगर कनेक्शन आज तक नहीं जोड़ा जा सका है और लोगों के नाम बिल जारी कर दिया गया है। इससे लोगों में गहरा आक्रोश है। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग की टीम को गांव की जांच करेंगी। यदि ऐसा है तो बिल वापस ले लिया जाएगा।
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जिले में चार विद्युत पारेषण खंड हैं। रानीगंज, लालगंज, कुंडा व सदर। जिले में छह लाख से अधिक पंजीकृत उपभोक्ता हैं। इसमें से एक लाख से अधिक बकाएदार हैं। बकाएदारों से बिल वसूलने के लिए सहूलियत के तौर पर विद्युत विभाग ने सरचार्ज माफी योजना शुरू की है। इसके तहत गांव-गांव बकाएदारों को बिल की रसीद भेज रहे हैं।
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बिल भेजने की इस प्रक्रिया में विभागीय कर्मचारियों द्वारा मनमानी की जा रही है। वह मनमाने तरीके से गांवों में बिल भेज रहे हैं। ताजा मामला अंतू क्षेत्र के वांसी गांव का है। इस गांव में अब तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है। गांव में कुल ढाई सौ घर हैं।
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न तो पोल लगा है, न तार खींचे गए हैं। बस्ती के ज्यादातर लोग लालटेन व ढिबरी के सहारे रात गुजारते हैं। कुछ ऐसे हैं जिन्होंने सोलर लाइट की व्यवस्था कर रखी है। मोबाइल चार्ज कराने के लिए लोगों को बाजार जाना पड़ता है। मगर बिजली विभाग की ओर से गांव के ढाई सौ लोगों को बिल जारी कर दिया गया है।
बिजली से वंचित ग्रामीण बिल देखकर परेशान हो गए हैं। मजे की बात यह है कि बिल में समयसारिणी भी दी गइ्र्र है कि कब तक बिल चुकाया गया है। बिजली विभाग की सूची में गांव सालों से संतृप्त है। अब ग्रामीण बिल की रसीद लेकर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
इसे लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है। इसी तरह जेठवारा के रामनगर गांव में घरों में मीटर लगा दिए गए हैं, मगर कनेक्शन आज तक नहीं जोड़ा जा सका है और लोगों के नाम बिल जारी कर दिया गया है। इससे लोगों में गहरा आक्रोश है। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग की टीम को गांव की जांच करेंगी। यदि ऐसा है तो बिल वापस ले लिया जाएगा।