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Pratapgarh News: रोडवेज कर्मियों से मारपीट करने वालों पर लगेगा रासुका- परिवहन मंत्री
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रोडवेज कर्मियों से मारपीट करने वालों पर रासुका लगाया जाएगा। बस स्टैंड के एक किमी के दायरे में निजी बस स्टैंड या बस संचालन करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। वर्ष 2024 में प्रतापगढ़ में इलेक्ट्रिक बस का संचालन भी किया जाएगा। जिले के लोगों को खटारा बसों से निजात दिलाई जाएगी।
परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह मंगलवार दोपहर रानीगंज के पूर्व विधायक धीरज ओझा के साथ रोडवेज बस स्टैंड का औचक निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि रोडवेज कर्मियों से कोई मारपीट करता है, तो उस पर रासुका लगाया जाएगा। कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश पांडेय ने बताया कि जिस सेवा प्रदाता ने बीस परिचालकों का चयन कर भेजा है ,वह गायब हैं। ऐसे में परिचालक अपनी सेवा नहीं दे रहे हैं। बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
मंत्री ने अश्वासन दिया कि सभी सेवा प्रदाता के परिचालक इमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाए। नई एजेंसी आने पर उसमें समायोजन कर दिया जाएगा। उन्होंने एआरएम से कहा कि सप्ताह भर के अंदर आप सेवानिवृत्त हो जाएंगे,मगर कहीं जाएंगे नहीं,अपनी सेवा देते रहेंगे। मंत्री ने कहा कि बस स्टैंड के एक किमी के दायरे में निजी बसों का संचालन और डग्गामार वाहन स्टैंड संचालकों की सूची तैयार कर भेजी जाए। जिससे निजी बस और डग्गामार वाहन स्टैंड संचालक के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाए।
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परिवहन राज्य मंत्री ने कहा कि खटारा बसों को नए साल में परिवहन निगम के बेड़े से हटा दिया जाएगा। इनके स्थान पर नई बसें जल्द ही प्रतापगढ़ डिपो को मिल जाएंगी। महानगरों की तरह प्रतापगढ़ में भी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होगा। हर मार्ग की बस को लेकर चालक और परिचालक को डिपो तक आने को कहा। उन्होंने कहा कि अयोध्या और चित्रकूट के लिए प्रतापगढ़ डिपो से बस का संचालन किया जाएगा। जिससे दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हो।
मंत्री के जाते ही डिपो के सामने भरने लगे सवारियां
परिवहन मंत्री के जाते ही बस स्टैंड के सामने निजी बस संचालक यात्रियों को बैठाने लगे। धड़ल्ले से निजी बसों का आना-जाना शुरू हो गया। रोडवेज के अफसरों ने न तो इसकी रोकटोक की और न ही कार्रवाई। वहीं निजी बस मालिकों पर मंत्री की चेतावनी बेअसर रही।
मंत्री ने बसों का हाल जानना उचित नहीं समझा
परिवहन मंत्री ने भले बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया, मगर खटारा बस, फटी सीट, टूटे गेट को देखना उचित नहीं समझा। शायद उन्हें यह भी नहीं पता है कि अधिकांश बसों में फॉग लाइट की व्यवस्था नहीं है। यात्रियों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, वहीं मॉडल दर्जा प्राप्त प्रतापगढ़ डिपो के पास वर्कशाॅप भी नहीं है। मंत्री चलते-चलते दस मिनट के अंदर बस अड्डे का निरीक्षण कर कार में सवार होकर चले गए।
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परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह मंगलवार दोपहर रानीगंज के पूर्व विधायक धीरज ओझा के साथ रोडवेज बस स्टैंड का औचक निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि रोडवेज कर्मियों से कोई मारपीट करता है, तो उस पर रासुका लगाया जाएगा। कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश पांडेय ने बताया कि जिस सेवा प्रदाता ने बीस परिचालकों का चयन कर भेजा है ,वह गायब हैं। ऐसे में परिचालक अपनी सेवा नहीं दे रहे हैं। बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
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मंत्री ने अश्वासन दिया कि सभी सेवा प्रदाता के परिचालक इमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाए। नई एजेंसी आने पर उसमें समायोजन कर दिया जाएगा। उन्होंने एआरएम से कहा कि सप्ताह भर के अंदर आप सेवानिवृत्त हो जाएंगे,मगर कहीं जाएंगे नहीं,अपनी सेवा देते रहेंगे। मंत्री ने कहा कि बस स्टैंड के एक किमी के दायरे में निजी बसों का संचालन और डग्गामार वाहन स्टैंड संचालकों की सूची तैयार कर भेजी जाए। जिससे निजी बस और डग्गामार वाहन स्टैंड संचालक के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाए।
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परिवहन राज्य मंत्री ने कहा कि खटारा बसों को नए साल में परिवहन निगम के बेड़े से हटा दिया जाएगा। इनके स्थान पर नई बसें जल्द ही प्रतापगढ़ डिपो को मिल जाएंगी। महानगरों की तरह प्रतापगढ़ में भी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होगा। हर मार्ग की बस को लेकर चालक और परिचालक को डिपो तक आने को कहा। उन्होंने कहा कि अयोध्या और चित्रकूट के लिए प्रतापगढ़ डिपो से बस का संचालन किया जाएगा। जिससे दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हो।
मंत्री के जाते ही डिपो के सामने भरने लगे सवारियां
परिवहन मंत्री के जाते ही बस स्टैंड के सामने निजी बस संचालक यात्रियों को बैठाने लगे। धड़ल्ले से निजी बसों का आना-जाना शुरू हो गया। रोडवेज के अफसरों ने न तो इसकी रोकटोक की और न ही कार्रवाई। वहीं निजी बस मालिकों पर मंत्री की चेतावनी बेअसर रही।
मंत्री ने बसों का हाल जानना उचित नहीं समझा
परिवहन मंत्री ने भले बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया, मगर खटारा बस, फटी सीट, टूटे गेट को देखना उचित नहीं समझा। शायद उन्हें यह भी नहीं पता है कि अधिकांश बसों में फॉग लाइट की व्यवस्था नहीं है। यात्रियों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, वहीं मॉडल दर्जा प्राप्त प्रतापगढ़ डिपो के पास वर्कशाॅप भी नहीं है। मंत्री चलते-चलते दस मिनट के अंदर बस अड्डे का निरीक्षण कर कार में सवार होकर चले गए।