फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   pratapgarh news

अब आसानी से नहीं बनेगा राशनकार्ड

Sat, 30 Nov 2019 12:39 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 30 Nov 2019 12:39 AM IST
विज्ञापन
pratapgarh news
प्रतापगढ़। जिले के उन गरीब परिवारों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है, जो राशनकार्ड बनवाने की तैयारी में थे। अब राशनकार्ड बनवाने के लिए आय, निवास और जाति प्रमाणपत्र के साथ परिवार के सभी सदस्यों की फोटो खिंचवाकर लगाना होगा। यह अभिलेख लगाने के बाद भी बीडीओ की संस्तुति होना अनिवार्य किया गया है। नए कानून आम लोगों के लिए मुसीबत बन सकते हैं।
विज्ञापन

जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन और अंत्योदय योजना के तहत 5.80 लाख परिवारों को प्रतिमाह राशन दिया जाता है। दो रुपये किग्रा गेहूं और तीन रूपये किग्रा चावल प्रतिमाह प्रति यूूनिट दिया जाता है। इस योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन करने वाले परिवारों स्त्रत्ते शामिल किया गया है। मगर कुछ परिवारों के छूटने और कोटेदारों की नाराजगी का शिकार हुए लोगों को नया राशनकार्ड जारी किया जाता है। मगर शासन के नए नियम राशनकार्ड बनने में बाधक सिद्ध हो सकते हैं। फिलहाल अब राशनकार्ड बनवाने के लिए आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों की फोटो खिंचवाकर आवेदन के साथ लगानी होगी। राशनकार्ड के लिए आनलाइन ही व्यवस्था रहेगी, मगर आवेदन के साथ ही आय, जाति, निवास, बिजली का बिल, गैस कनेक्शन का कार्ड साथ में लगाना होगा। अभी तक आनलाइन आवेदन करने वालों को ग्राम पंचायत अधिकारी से पात्रता की जांच कराने और बीडीओ की संस्तुति पर विभाग राशनकार्ड जारी कर देता था। मगर नया कानून गरीबों के लिए मुसीबत बन सकता है। आय, और जाति प्रमाणपत्र जारी होने में जहां कई महीने लग जाते हैं। इससे अब राशनकार्ड मिलने में देरी के साथ ही परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन

कार्ड और यूनिट बिगाड़ने का होता है खेल
जिला पूर्ति कार्यालय में राशनकार्ड और यूनिट बिगाड़ने का कार्य लगभग प्रतिदिन होता रहता है। दरअसल, में कोटेदार अपने फायदे के लिए यह खेल करते रहते हैं। दरअसल, कुछ कोटेदार ऐसे हैं, जो राशन का आवंटन होने के बाद राशनकार्ड कटवा देते हैं, और उपभोक्ताओं के हिस्से का राशन हजम कर लेते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

राशनकार्ड बनाने के लिए अभी तक बहुत मनमानी होती थी, मगर अब आय प्रमाणपत्र बनवाने से परिवार के आय की जानकारी हो जाएगी। लाभार्थी के पास कितनी जमीन है, इसकी जानकारी राजस्व विभाग के पास ही होती है। इसलिए अब वास्तविक पात्रों का ही राशनकार्ड बनेगा।
सुनील कुमार, डीएसओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed