फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   pratapgarh news

महिलाओं को नहीं मिल सका स्वरोजगार

Sat, 20 Feb 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sat, 20 Feb 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आर्थिक तंगी से जूझ रहीं महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर मजबूत करने के लिए शासन स्तर से लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन अफसरों की उदासीनता के चलते जिले में यह योजना धड़ाम हो गई है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष महिलाओं के समूह का गठन नहीं हुआ है।
विज्ञापन


केन्द्र सरकार की ओर से महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना चलाई गई है। इस योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार करने का अवसर दिया जाता है। साथ ही समूह बनाकर पैसा बचत की सीख दी जाती है। मगर बेल्हा में ऐसा कुछ हकीकत में नहीं हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी महज कागज पर ही इस योजना को दौड़ा रहे हैं। इसकी वजह से जनपद की अधिकांश महिलाओं को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं और शासन की मंशा पर पानी फेर रहे हैं।
विज्ञापन


राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत विकास के जिम्मेदार अधिकारी गांव-गांव में पहुंच कर दस महिलाओं को एकत्रित कर उनका समूह बनवाते हैं। समूह के नाम से बैंक में खाता खुलवाते हैं। प्रति माह महिलाओं से 50 रुपये समूह में इकट्ठा करके समूह की अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष पैसे को बैंक में जमा करती हैं। डेढ़ वर्ष बाद जब महिला को स्वारोजगार या पैसों की जरूरत होने पर समूह की बैठक करके सबकी सहमति से पैसा निकाला जाता है। इसके बाद भी यह सिलसिला चलता रहता है। फिर किसी को जरूरत पड़ती है तो पैसा निकाला जाता है। इससे समूह भी चलता रहता है और महिलाओं को स्वरोजगार करने का मौका भी मिल जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed