{"_id":"73716f9aec829b199a55adc67da344e5","slug":"pratapgarh-news-hindi-news-799","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंदी के दिन भी खुलते हैं बाजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंदी के दिन भी खुलते हैं बाजार
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद के सभी बाजारों को श्रम विभाग की ओर से एक दिन बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए दिन भी निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके दुकान संचालक मोटी कमाई के लिए बंदी के दिन भी दुकान खोल कर बैठ जाते हैं। बंदी के नाम पर ग्राहकों से अधिक पैसा वसूला जाता है। डीएम के निर्देश पर श्रम विभाग की ओर से सप्ताह में एक दिन जिलेभर के छोटी से लेकर बड़ी दुकानें बंद करने का निर्देश दिया गया है। दुकान बंद न करने वाले व्यापारी के खिलाफ विभागीय अधिकारी कार्रवाई भी करते हैं, मगर बेल्हा में ऐसा कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा है।
श्रम विभाग के अधिकारी काम करने की जगह इधर-उधर बैठकर समय पास करते हैं। शनिवार को बंदी दिवस घोषित होने के बाद भी छापामारी नहीं करते हैं। इसके चलते छोटे और बड़े दुकानदार धड़ल्ले से दुकान खोल कर व्यवसाय करते हैं। इतना ही नहीं व्यवसायी बंदी के नाम पर ग्राहकों से दाम भी अधिक वसूलते हैं। श्रम विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई करने का साहस तक नहीं जुटा पाता है। सूत्रों की माने तो माह के अंतिम बंदी दिवस पर श्रम विभाग के अधिकारी व कर्मचारी छापामारी करने के लिए निकलते हैं। दुकान पर पहुंचते ही संचालक उनकी जेब गरम कर देते हैं। इसके बाद वह खुद ही लौट जाते हैं।
विज्ञापन
श्रम विभाग के अधिकारी काम करने की जगह इधर-उधर बैठकर समय पास करते हैं। शनिवार को बंदी दिवस घोषित होने के बाद भी छापामारी नहीं करते हैं। इसके चलते छोटे और बड़े दुकानदार धड़ल्ले से दुकान खोल कर व्यवसाय करते हैं। इतना ही नहीं व्यवसायी बंदी के नाम पर ग्राहकों से दाम भी अधिक वसूलते हैं। श्रम विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई करने का साहस तक नहीं जुटा पाता है। सूत्रों की माने तो माह के अंतिम बंदी दिवस पर श्रम विभाग के अधिकारी व कर्मचारी छापामारी करने के लिए निकलते हैं। दुकान पर पहुंचते ही संचालक उनकी जेब गरम कर देते हैं। इसके बाद वह खुद ही लौट जाते हैं।
विज्ञापन