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एनआरएचएम टीम को महिला अस्पताल मिला ओवरलोेड
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 06 Feb 2016 11:23 PM IST
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राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन भारत सरकार द्वारा संचालित सेवाओं का सत्यापन करने आई टीम को महिला जिला अस्पताल ओवरलोडेड मिला। निरीक्षण के दौरान एक बेड पर दो, तीन गर्भवती महिलाएं लेटी मिली। करीब एक हजार प्रसूताओं के खाते में जननी सुरक्षा योजना का पैसा नहीं पहुंचने पर महाप्रबंधक ने नाराजगी जताई। सफाई, प्रसव और नसबंदी कार्यक्रम संतोषजनक रहा।
मिशन की चार सदस्यीय टीम दोपहर में महिला अस्पताल पहुंची। टीम ने टीकाकरण, ओपीडी, वार्ड, एसएनसीयू और लेबर रूम का विधिवत निरीक्षण किया। टीम वार्ड में पहुंची तो वहां पर प्रसव के लिए आई दो तीन महिलाओं को एक ही बेड पर ही लेटा पाया। इसे देखकर महाप्रबंधक अनुुश्रवण और मूल्यांकन बीके जैन ने सीएमएस डॉ.एसके तिवारी से इस बारे में पूछा। सीएमएस ने बताया कि जितनी डिलेवरी होती है उस हिसाब से बेड बहुुत कम है। सौ बेड का नया वार्ड बगल में बन रहा है। इसके बाद यह समस्या दूर हो जाएगी। जेएसवाई के लाभार्थियों के बारे में पूछा गया तो पता चला कि करीब एक हजार लाभार्थियों को पैसा उनके खाते में नहीं पहुंचा था।
इससे महाप्रबंधक नाराज दिखे। उन्हाेंने पड़ताल की गई तो जवाब मिला कि लाभार्थियों में किसी के खाते गलत है, किसी ने नंबर ही नहीं दिया है। जिससे यह समस्या आई है। प्रसव का आंकड़ा बताते हुए सीएमएस डॉ.एसके तिवारी ने टीम को बताया कि पिछले वर्ष करीब 7 हजार सामान्य और 1 हजार से ऊपर आपरेशन से प्रसव हुए हैं। उन्होंने चिकित्सा स्टाफ की कमी बताई। खासकर लेडी चिकित्सक और स्टाफ नर्स की संख्या कम होने से काम प्रभावित हो रहा है। एसएनसीयू, लेबर रूम और ओपीडी की व्यवस्था संतोषजनक रही। निरीक्षण के दौरान मंडलीय डीपीएम मूल्यांकन और अनुश्रवण कौशल सिंह, चंदौली के डीपीएम आरबी यादव, समन्वयक राकेश वर्मा ने अस्पताल का जायजा लिया।
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मिशन की चार सदस्यीय टीम दोपहर में महिला अस्पताल पहुंची। टीम ने टीकाकरण, ओपीडी, वार्ड, एसएनसीयू और लेबर रूम का विधिवत निरीक्षण किया। टीम वार्ड में पहुंची तो वहां पर प्रसव के लिए आई दो तीन महिलाओं को एक ही बेड पर ही लेटा पाया। इसे देखकर महाप्रबंधक अनुुश्रवण और मूल्यांकन बीके जैन ने सीएमएस डॉ.एसके तिवारी से इस बारे में पूछा। सीएमएस ने बताया कि जितनी डिलेवरी होती है उस हिसाब से बेड बहुुत कम है। सौ बेड का नया वार्ड बगल में बन रहा है। इसके बाद यह समस्या दूर हो जाएगी। जेएसवाई के लाभार्थियों के बारे में पूछा गया तो पता चला कि करीब एक हजार लाभार्थियों को पैसा उनके खाते में नहीं पहुंचा था।
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इससे महाप्रबंधक नाराज दिखे। उन्हाेंने पड़ताल की गई तो जवाब मिला कि लाभार्थियों में किसी के खाते गलत है, किसी ने नंबर ही नहीं दिया है। जिससे यह समस्या आई है। प्रसव का आंकड़ा बताते हुए सीएमएस डॉ.एसके तिवारी ने टीम को बताया कि पिछले वर्ष करीब 7 हजार सामान्य और 1 हजार से ऊपर आपरेशन से प्रसव हुए हैं। उन्होंने चिकित्सा स्टाफ की कमी बताई। खासकर लेडी चिकित्सक और स्टाफ नर्स की संख्या कम होने से काम प्रभावित हो रहा है। एसएनसीयू, लेबर रूम और ओपीडी की व्यवस्था संतोषजनक रही। निरीक्षण के दौरान मंडलीय डीपीएम मूल्यांकन और अनुश्रवण कौशल सिंह, चंदौली के डीपीएम आरबी यादव, समन्वयक राकेश वर्मा ने अस्पताल का जायजा लिया।
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