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होटल के ध्वस्तीकरण की नए सिरे होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 24 Jan 2016 11:48 PM IST
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बाबागंज स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी के ध्वस्तीकरण की नए सिरे से कवायद तेज हो गई है। पुरानी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कोतवाली पुलिस टीम में शामिल अधिकारियों की सूची के साथ मजिस्ट्रेट को अपनी रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर चुकी है। ताकि जर्जर हो चुके होटल को ध्वस्त कराया जा सके।
होटल गोयल रेजीडेंसी में 19 जून 2015 को दस लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है। दर्जनों लोग झुलस गए थे। लोगों के आक्रोश को देखते हुए होटल को पुलिस की निगरानी में अधिकारियों ने रखा। बाद मेें ताला बंद करा दिया गया। खास बात यह देखने को मिली कि हादसे के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सदर जेपी मिश्रा ने नगर पालिका, फायरब्रिगेड समेत अन्य अधिकारियों को साथ लेकर शहर के तमाम होटल, लाज समेत अन्य संस्थानों की जांच करते हुए अधिकांश को अमानक करार दिया। सभी के संचालन को मानव जीवन के लिए खतरा बताया गया था। इस आदेश पर अमल आज तक नहीं हो सका।
इधर होटल गोयल रेजीडेंसी में एक सप्ताह से रंगरोगन का कार्य हो रहा है। पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाने पहुंची तो होटल संचालन से जुड़े लोगों ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने अनुमति दे रखी है। इसके बाद पुलिस लौट गई। होटल को लेकर पुलिस और प्रशासन में रार ठनी हुई है। नगर कोतवाल हरपाल सिंह ने बताया कि होटल के ध्वस्तीकरण कराने के लिए नए सिरे से पुलिस कवायद कर रही है। इसके लिए एक रिपोर्ट एसडीएम सदर को भेजी जा रही है। वे कार्रवाई के लिए टीम गठित कर तिथि तय करें। पुलिस अपना काम करेगी।
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होटल गोयल रेजीडेंसी में 19 जून 2015 को दस लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है। दर्जनों लोग झुलस गए थे। लोगों के आक्रोश को देखते हुए होटल को पुलिस की निगरानी में अधिकारियों ने रखा। बाद मेें ताला बंद करा दिया गया। खास बात यह देखने को मिली कि हादसे के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सदर जेपी मिश्रा ने नगर पालिका, फायरब्रिगेड समेत अन्य अधिकारियों को साथ लेकर शहर के तमाम होटल, लाज समेत अन्य संस्थानों की जांच करते हुए अधिकांश को अमानक करार दिया। सभी के संचालन को मानव जीवन के लिए खतरा बताया गया था। इस आदेश पर अमल आज तक नहीं हो सका।
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इधर होटल गोयल रेजीडेंसी में एक सप्ताह से रंगरोगन का कार्य हो रहा है। पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाने पहुंची तो होटल संचालन से जुड़े लोगों ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने अनुमति दे रखी है। इसके बाद पुलिस लौट गई। होटल को लेकर पुलिस और प्रशासन में रार ठनी हुई है। नगर कोतवाल हरपाल सिंह ने बताया कि होटल के ध्वस्तीकरण कराने के लिए नए सिरे से पुलिस कवायद कर रही है। इसके लिए एक रिपोर्ट एसडीएम सदर को भेजी जा रही है। वे कार्रवाई के लिए टीम गठित कर तिथि तय करें। पुलिस अपना काम करेगी।
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