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पुरवइया के दबाव में लुढ़का पारा, गलन बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 11 Dec 2015 11:44 PM IST
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बंगाल की खाड़ी से उठी पुरवइया के दबाव में शुक्रवार को अचानक पारा 3.7 डिग्री लुढ़क गया। तापमान गिरने के साथ ही जब सर्द हवाओं ने असर दिखाया तो लोगों को कंपकंपी छूट गई। अचानक गलन बढ़ने से लोग परेशान हो गए। बीते चार-पांच दिनों से आफत बने कोहरे से तो लोगों को राहत मिली, लेकिन दिनभर सर्द हवाएं चलने से लोग परेशान रहे। दिन भर सूर्यदेव के नहीं निकलने से लोग गर्म पकड़ों में लिपटे रहे। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दो दिनों में हवा का रुख बदलेगा और बूंदाबांदी के बाद ही मौसम साफ होगा।
शुक्रवार की सुबह बंगाल की खाड़ी से उठने वाली हवाओं ने लोगों को हिलाकर रख दिया। सुबह 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के चलते लोगों को गलन का एहसास होने लगा। हालांकि ज्यादा दिक्कत बाहर निकलने पर ही हो रही थी। अभी घरों और कार्यालयों में लोगों को राहत मिल जा रही है। पुरवइया के दबाव में पारा 3.7 डिग्री लुढक गया। आसमान में छाए बादलों के बीच छिपे सूर्यदेव कई बार निकलने का प्रयास किए, मगर कामयाब नहीं हो सके। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 10.2 और अधिकतम 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 11.6 और अधिकतम 20.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अचानक मौसम में आए परिवर्तन से 3.7 डिग्री पारा लुढ़क गया। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पुरवइया का दबाव खत्म होते ही हवा के रुख में परिवर्तन आएगा और पछुवा हवाओं के चलने के बाद बूंदाबांदी हो सकती है।
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इधर हवाओं के चलने से कोहरा तो पूरी तरह गायब रहा, मगर गलन भरी ठंड से लोग परेशान रहे। सुबह से ही बूढ़े बच्चे सभी गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। अभी तक सुबह-शाम पड़ने वाले ठंड अब दोपहर में भी लोगों को सताने लगी है। मौसम जिस प्रकार से मिजाज बदल रहा है, उससे नहीं लगता है कि आने वाले दिनों में जल्दी सुधार आएगा।
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शुक्रवार की सुबह बंगाल की खाड़ी से उठने वाली हवाओं ने लोगों को हिलाकर रख दिया। सुबह 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के चलते लोगों को गलन का एहसास होने लगा। हालांकि ज्यादा दिक्कत बाहर निकलने पर ही हो रही थी। अभी घरों और कार्यालयों में लोगों को राहत मिल जा रही है। पुरवइया के दबाव में पारा 3.7 डिग्री लुढक गया। आसमान में छाए बादलों के बीच छिपे सूर्यदेव कई बार निकलने का प्रयास किए, मगर कामयाब नहीं हो सके। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 10.2 और अधिकतम 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
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शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 11.6 और अधिकतम 20.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अचानक मौसम में आए परिवर्तन से 3.7 डिग्री पारा लुढ़क गया। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पुरवइया का दबाव खत्म होते ही हवा के रुख में परिवर्तन आएगा और पछुवा हवाओं के चलने के बाद बूंदाबांदी हो सकती है।
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इधर हवाओं के चलने से कोहरा तो पूरी तरह गायब रहा, मगर गलन भरी ठंड से लोग परेशान रहे। सुबह से ही बूढ़े बच्चे सभी गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। अभी तक सुबह-शाम पड़ने वाले ठंड अब दोपहर में भी लोगों को सताने लगी है। मौसम जिस प्रकार से मिजाज बदल रहा है, उससे नहीं लगता है कि आने वाले दिनों में जल्दी सुधार आएगा।