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ऑनलाइन आवेदन में लुट जा रहे अभ्यर्थी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 12 Jun 2015 11:40 PM IST
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सरकारी और अर्द्धसरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए साइबर कैफे में ऑनलाइन आवेदन करना अभ्यर्थियों की जेब ढीली कर रहा है। साइबर कैफे संचालक आवेदकों को खुलेआम लूट रहे हैं। कुछ साइबर कैफे में पेज के हिसाब से वसूली हो रही है तो अधिकांश संचालक सौ से दो सौ रुपये ले रहे हैं।
सरकारी और सरकारी और अर्द्धसरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इससे सभी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन ही आवेदन करना होता है। शहर और ग्रामीण इलाकों के अधिकांश अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनके पास कंप्यूटर या लैपटाप नहीं है। ऐसी दशा में अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ रहा है। साइबर कैफे संचालक इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं। कुछ साइबर कैफे संचालक ऐसे हैं जो आवेदन पत्र के पेज के हिसाब से रुपये वसूल रहे हैं, जबकि अधिकांश संचालकों ने सौ रुपये से दो सौ रुपये तक रेट निश्चित कर रखा है।
भारतीय स्टेट बैंक, एसएससी, पीसीएस, आईएएस और निजी बैंकों से निकलने वाली रिक्तियों में साइबर कैफे संचालक मोटी रकम की कमाई कर रहे हैं। खुलेआम लूट करने वाले साइबर कैफे संचालकों पर जिला प्रशासन भी कोई अंकुश नहीं लगा पा रहा है। अभ्यर्थियों ने बीते सप्ताह अधिकारियों से मिलकर शिकायत भी की थी। अभ्यर्थी विजय प्रकाश तिवारी और सत्य भूषण सिंह ने अधिकारियों से मांग की थी कि साइबर कैफे पर आवेदन के लिए एक रेट लिस्ट निश्चित कर दी जाए। इससे बेरोजगार अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। एडीएम पुनीत शुक्ला ने जल्द ही कठोर कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
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सरकारी और सरकारी और अर्द्धसरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इससे सभी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन ही आवेदन करना होता है। शहर और ग्रामीण इलाकों के अधिकांश अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनके पास कंप्यूटर या लैपटाप नहीं है। ऐसी दशा में अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ रहा है। साइबर कैफे संचालक इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं। कुछ साइबर कैफे संचालक ऐसे हैं जो आवेदन पत्र के पेज के हिसाब से रुपये वसूल रहे हैं, जबकि अधिकांश संचालकों ने सौ रुपये से दो सौ रुपये तक रेट निश्चित कर रखा है।
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भारतीय स्टेट बैंक, एसएससी, पीसीएस, आईएएस और निजी बैंकों से निकलने वाली रिक्तियों में साइबर कैफे संचालक मोटी रकम की कमाई कर रहे हैं। खुलेआम लूट करने वाले साइबर कैफे संचालकों पर जिला प्रशासन भी कोई अंकुश नहीं लगा पा रहा है। अभ्यर्थियों ने बीते सप्ताह अधिकारियों से मिलकर शिकायत भी की थी। अभ्यर्थी विजय प्रकाश तिवारी और सत्य भूषण सिंह ने अधिकारियों से मांग की थी कि साइबर कैफे पर आवेदन के लिए एक रेट लिस्ट निश्चित कर दी जाए। इससे बेरोजगार अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। एडीएम पुनीत शुक्ला ने जल्द ही कठोर कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
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