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रेलवे कॉलोनी में खैरात में मिल रहे क्वार्टर!
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 26 Nov 2015 11:37 PM IST
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प्रतापगढ़ रेलवे कॉलोनी में क्वार्टर खैरात में मिल रहे हैं। इतना ही नहीं आवास के साथ बिजली और पानी की भी सुविधा मुफ्त में दी जा रही है। सुनने में यह जरूर अटपटा लग रहा होगा। मगर यह बात सोलह आने सच है। बाहरी लोगों को मुफ्त में रेलवे क्वार्टर की सुविधा दिलाने वाले ऊंची रसूख के लोग हैं। जिसमें रेलवे के लोग ही शामिल हैं। ऐसा करके ये लोग रेलवे को चूना लगा रहे हैं। हैरत है कि इस बारे में कोई पूछने वाला नहीं है।
कांशीराम कॉलोनी की तर्ज पर इन दिनों रेलवे कॉलोनी में भी बाहरी लोग आबाद हो गए हैं। लाइन के इस और उस पार दोनों साइड की कॉलोनी के अधिकांश क्वार्टरों पर बाहरी लोगोें ने मुफ्त में कब्जा जमा रखा है। कंडम क्वार्टरों को भी कब्जेदारों ने गुलजार कर रखा है। कई कर्मचारियों ने बकायदा क्वार्टरों को किराए पर दे रखा है। कई ऐसे भी हैं जो रिटायर होने के बाद भी कब्जा जमाए हुए हैं और रेलवे की बिजली, पानी मुफ्त में ले रहे हैं। बाहरी लोगों के द्वारा कब्जा किए मकानों को खाली करवाने की कोशिश रेल प्रशासन की ओर से नहीं की जा रही है। करीब दो दर्जन से अधिक क्वार्टर हैं जो खैरात में दे दिए गए हैं। इनके बारे में कोई पूछने वाला नहीं हैं। अगर कोई कर्मचारी विरोध करता है तो अराजकतत्व मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि रेल के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ऐसा हुआ है।
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कांशीराम कॉलोनी की तर्ज पर इन दिनों रेलवे कॉलोनी में भी बाहरी लोग आबाद हो गए हैं। लाइन के इस और उस पार दोनों साइड की कॉलोनी के अधिकांश क्वार्टरों पर बाहरी लोगोें ने मुफ्त में कब्जा जमा रखा है। कंडम क्वार्टरों को भी कब्जेदारों ने गुलजार कर रखा है। कई कर्मचारियों ने बकायदा क्वार्टरों को किराए पर दे रखा है। कई ऐसे भी हैं जो रिटायर होने के बाद भी कब्जा जमाए हुए हैं और रेलवे की बिजली, पानी मुफ्त में ले रहे हैं। बाहरी लोगों के द्वारा कब्जा किए मकानों को खाली करवाने की कोशिश रेल प्रशासन की ओर से नहीं की जा रही है। करीब दो दर्जन से अधिक क्वार्टर हैं जो खैरात में दे दिए गए हैं। इनके बारे में कोई पूछने वाला नहीं हैं। अगर कोई कर्मचारी विरोध करता है तो अराजकतत्व मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि रेल के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ऐसा हुआ है।
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