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जीएसटी के विरोध में सड़क पर उतरे व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 26 Nov 2015 11:28 PM IST
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जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर ) के विरोध में सड़क पर उतरे व्यापारियों ने सरकार से वैट की भांति रिटर्न भरने का मौका मांगा है। जीएसटी को व्यापारी विरोधी बताते हुए कहा कि इस कानून के लागू होने से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। वित्तमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
जीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर ) को लागू करने को लेकर केंद्र सरकार सदन में भले ही माथापच्ची कर रही हो, मगर जिले के व्यापारियों ने इसका विरोध करना प्रारंभ कर दिया है। पूरे देश में एक अप्रैल 2016 से प्रस्तावित जीएसटी के लिए कमियों से लेकर व्यापारी एक मत होकर आन्दोलन करने की ठान ली है। गुरुवार को उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारी चौक में एकत्रित होकर जीएसटी लागू करने को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जुलूस की शक्ल में निकले व्यापारियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त एसडीएम को नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिला महामंत्री राजेंद्र कुमार केसरवानी ने कहा कि जीएसटी में तीन तरह के कर लगाए जा रहे हैं। यह व्यापारियों के घातक है।
उन्होंने कहा कि आनलाइन व्यवस्था पूरे देश में लागू नहीं हो पाई है। इसलिए मैनुअल का विकल्प खुला रखना चाहिए। जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह छाबड़ा ने वैट की भांति रिटर्न भरने के लिए मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक की व्यवस्था करनी चाहिए। इस मौके पर धर्मेन्द्र सिंह, शकील अख्तर, मानक सिंह, संजीव जायसवाल, मुरलीधर केसरवानी, मंजीत सिंह गोविंद, राजेश केसरवानी, श्यामलाल जायसवाल, अनिल कुमार मिश्र, संजय सोनी, सुरेश केसरवानी आदि मौजूद रहे।
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जीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर ) को लागू करने को लेकर केंद्र सरकार सदन में भले ही माथापच्ची कर रही हो, मगर जिले के व्यापारियों ने इसका विरोध करना प्रारंभ कर दिया है। पूरे देश में एक अप्रैल 2016 से प्रस्तावित जीएसटी के लिए कमियों से लेकर व्यापारी एक मत होकर आन्दोलन करने की ठान ली है। गुरुवार को उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारी चौक में एकत्रित होकर जीएसटी लागू करने को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जुलूस की शक्ल में निकले व्यापारियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त एसडीएम को नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिला महामंत्री राजेंद्र कुमार केसरवानी ने कहा कि जीएसटी में तीन तरह के कर लगाए जा रहे हैं। यह व्यापारियों के घातक है।
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उन्होंने कहा कि आनलाइन व्यवस्था पूरे देश में लागू नहीं हो पाई है। इसलिए मैनुअल का विकल्प खुला रखना चाहिए। जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह छाबड़ा ने वैट की भांति रिटर्न भरने के लिए मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक की व्यवस्था करनी चाहिए। इस मौके पर धर्मेन्द्र सिंह, शकील अख्तर, मानक सिंह, संजीव जायसवाल, मुरलीधर केसरवानी, मंजीत सिंह गोविंद, राजेश केसरवानी, श्यामलाल जायसवाल, अनिल कुमार मिश्र, संजय सोनी, सुरेश केसरवानी आदि मौजूद रहे।
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