{"_id":"fac5e0006053e666497e2e6aa639078a","slug":"pratapgarh-news-hindi-news-360","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेल्हा में यातायात का नहीं है नियम-कानून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेल्हा में यातायात का नहीं है नियम-कानून
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 16 Nov 2015 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यातायात के नियम कानून को ताक पर रखकर लोग सड़क पर फर्राटा भर रहे हैं। चौराहे पर कब कौन किस तरफ से आकर टक्कर मार दे, कुछ कहा नहीं जा सकता है। यातायात माह में जिम्मेदार भले ही लोगों को जागरूक कर रहे हैं, लेकिन इसका असर लोगों पर जरा भी नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि सिपाहियों और ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में एक बाइक पर तीन लोग फर्राटा भर रहे हैं।
इन दिनों यातायात माह चल रहा है। विभागीय अधिकारी रैली निकाल कर लोगों को यातायात का पाठ पढ़ा रहे हैं। इसके बाद भी छोटे वाहनों से लेकर बड़े वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करने में पीछे नहीं हट रहे हैं। बड़े वाहन चालक मनमाने तरीके से बीच सड़क पर चलने के साथ ही कभी भी किसी भी ओर गाड़ी मोड़ देते हैं। इससे बाइक चालक या फिर पैदल यात्री उनके नीचे पिस कर मौत की नींद सो जा रहे हैं। यही हाल बाइक सवारों का है। बगैर हेलमेट के चलना लोगों की आदत बन गई है। एक बाइक पर तीन से चार लोग बैठकर सड़क पर तेज रफ्तार में फर्राटा भरते हैं। इस ओर किसी भी जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं पड़ रहा हैं। इससे बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। पैदल यात्रियों पर कब मौत बनकर तेज रफ्तार बाइक सवार टूट पड़ें, इसका अंदाजा किसी को नहीं है।
विज्ञापन
इन दिनों यातायात माह चल रहा है। विभागीय अधिकारी रैली निकाल कर लोगों को यातायात का पाठ पढ़ा रहे हैं। इसके बाद भी छोटे वाहनों से लेकर बड़े वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करने में पीछे नहीं हट रहे हैं। बड़े वाहन चालक मनमाने तरीके से बीच सड़क पर चलने के साथ ही कभी भी किसी भी ओर गाड़ी मोड़ देते हैं। इससे बाइक चालक या फिर पैदल यात्री उनके नीचे पिस कर मौत की नींद सो जा रहे हैं। यही हाल बाइक सवारों का है। बगैर हेलमेट के चलना लोगों की आदत बन गई है। एक बाइक पर तीन से चार लोग बैठकर सड़क पर तेज रफ्तार में फर्राटा भरते हैं। इस ओर किसी भी जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं पड़ रहा हैं। इससे बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। पैदल यात्रियों पर कब मौत बनकर तेज रफ्तार बाइक सवार टूट पड़ें, इसका अंदाजा किसी को नहीं है।
विज्ञापन