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कटौती से लोग बेहाल, अफसरों ने खड़े किए हाथ
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 09 Sep 2015 11:30 PM IST
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बिजली की इमरजेंसी कटौती ने नागरिकों को बेहाल कर दिया है। एक तरफ गरमी कम होने का नाम नहीं ले रही, दूसरी ओर रोस्टर के अलावा पांच घंटे की अतिरिक्त कटौती ने लोगों का दम निकाल दिया है। बिजली अफसरों ने खड़े कर दिए हैं। शहर की बिजली आपूर्ति रोस्टर की पटरी से उतर चुकी है। जब होता है बिजली काट दी जा रही है। दोबारा कब आएगी, इस बारे में अफसर भी नहीं जानते हैं। उनकी हालत यह हो गई है कि लाइन जुड़वाने के लिए उन्हें कंट्रोल से मिन्नत करनी पड़ रही है।
रोज करीब पांच घंटे की इमरजेंसी कटौती हो रही है। इसमें सुधार नहीं आ रहा है। रोस्टर के अनुसार रात 8 बजे से सुबह 7 बजे, दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक आपूर्ति की जानी है। मगर ऐसा हो नहीं पा रहा है। इस समय रोस्टर बेमानी साबित हो रहा है। पांच घंटे की इमरजेंसी कटौती ने शहरवासियों को परेशान कर रखा है। दोपहर 12 बजे लाइट आती है। दो बजे चली जाती है। उसके बाद सीधे रात 8 बजे आती है। ठीक से रहती भी नहीं हैं। लोकल फाल्ट, जंफर उड़ना और तार टूटने की समस्या शुरू हो जाती है। इस समय दस घंटे भी बिजली मिलना मुश्किल हो गया है। अफसर इसका दोष कंट्रोल पर मढ़ते हैं।
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रोज करीब पांच घंटे की इमरजेंसी कटौती हो रही है। इसमें सुधार नहीं आ रहा है। रोस्टर के अनुसार रात 8 बजे से सुबह 7 बजे, दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक आपूर्ति की जानी है। मगर ऐसा हो नहीं पा रहा है। इस समय रोस्टर बेमानी साबित हो रहा है। पांच घंटे की इमरजेंसी कटौती ने शहरवासियों को परेशान कर रखा है। दोपहर 12 बजे लाइट आती है। दो बजे चली जाती है। उसके बाद सीधे रात 8 बजे आती है। ठीक से रहती भी नहीं हैं। लोकल फाल्ट, जंफर उड़ना और तार टूटने की समस्या शुरू हो जाती है। इस समय दस घंटे भी बिजली मिलना मुश्किल हो गया है। अफसर इसका दोष कंट्रोल पर मढ़ते हैं।
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