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फोरलेन की चपेट में 108 फलदार और 913 छायादार वृक्ष
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 08 Sep 2015 11:23 PM IST
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लखनऊ-वाराणसी वाया ढखवा मार्ग को फोरलेन में बदलने की कवायद तेज हो गई है। अक्तूबर माह में प्रारंभ होने वाले निर्माण कार्य में 108 फलदार और 913 छायादार पेड़ों को काटने की तैयारी हो रही है। स्थानीय लोगों के निजी पेड़ों को काटने के पहले नेशनल हाईवे मुआवजा देने की तैयारी कर रहा है।
लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग संख्या 56 पट्टी इलाके के ढखवा बाजार से गुजरता है। अतिव्यस्त रहने वाला यह मार्ग लखनऊ से वाराणसी के बीच कई जिलों को जोड़ता है। प्रदेश सरकार ने इस राजमार्ग को फोरलेन में बदलने की घोषणा की थी। शासन की तेजी देखकर नेशनल हाईवे ने अगले माह से निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तैयारी कर ली है। फोरलेन निर्माण में सबसे बड़ी बाधा 108 फलदार और 913 छायादार पेड़ों के साथ ही 23 मकान हैं। मकानों को गिराने और पेड़ों को काटने के पहले एनएच मुआवजा देकर लोगों को संतुष्ट करना चाहता है, मगर अभी तक मुआवजा की राशि का आंकलन नहीं किया गया है।
फलदार पेड़ों की क्षति का आंकलन करने की जिम्मेदारी उद्यान विभाग और छायादार पेड़ों के लिए वन विभाग को अधिकृत किया गया है। मंगलवार को दिन भर पेड़ों का मुआवजा देेने के लिए विभागीय अधिकारी गुणा-गणित करते रहे। एनएच के अवर अभियंता एसपी तिवारी ने बताया कि किसानों को मुआवजे की राशि प्रदान करने के बाद ही कटाई का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अक्तूबर माह में प्रारंभ होने वाले निर्माण कार्य के लिए सर्वे पहले ही हो चुका है। उन्होंने बताया कि मुआवजा वितरित करने के लिए किसानों के होने वाले नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
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लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग संख्या 56 पट्टी इलाके के ढखवा बाजार से गुजरता है। अतिव्यस्त रहने वाला यह मार्ग लखनऊ से वाराणसी के बीच कई जिलों को जोड़ता है। प्रदेश सरकार ने इस राजमार्ग को फोरलेन में बदलने की घोषणा की थी। शासन की तेजी देखकर नेशनल हाईवे ने अगले माह से निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तैयारी कर ली है। फोरलेन निर्माण में सबसे बड़ी बाधा 108 फलदार और 913 छायादार पेड़ों के साथ ही 23 मकान हैं। मकानों को गिराने और पेड़ों को काटने के पहले एनएच मुआवजा देकर लोगों को संतुष्ट करना चाहता है, मगर अभी तक मुआवजा की राशि का आंकलन नहीं किया गया है।
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फलदार पेड़ों की क्षति का आंकलन करने की जिम्मेदारी उद्यान विभाग और छायादार पेड़ों के लिए वन विभाग को अधिकृत किया गया है। मंगलवार को दिन भर पेड़ों का मुआवजा देेने के लिए विभागीय अधिकारी गुणा-गणित करते रहे। एनएच के अवर अभियंता एसपी तिवारी ने बताया कि किसानों को मुआवजे की राशि प्रदान करने के बाद ही कटाई का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अक्तूबर माह में प्रारंभ होने वाले निर्माण कार्य के लिए सर्वे पहले ही हो चुका है। उन्होंने बताया कि मुआवजा वितरित करने के लिए किसानों के होने वाले नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
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