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कमजोर हुआ एलआईयू का सूचनातंत्र
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 11 Aug 2015 11:37 PM IST
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जनपद में खुफिया विभाग का सूचना तंत्र कमजोर हो गया है। नेताओं, कुछ लोगों से बातचीत के बाद अधिकारियों को सूचना देने वाली एलआईयू की टीम केवल पासपोर्ट आवेदन की जांच करती रहती है। पासपोर्ट आवेदनों की जांच का आदेश अधिकारियों ने नहीं दे रखा है, लेकिन इसके विपरीत आवेदकों को जांच के लिए बुलाया जा रहा है।
रविवार को जोगापुर सीताराम धाम में कांवड़ियों के हंगामे की एलआईयू को कानों कान तक भनक नहीं लगी। जबकि कुछ अराजकतत्व कांवड़ियों के वेशभूषा में डीजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और बवाल की योजना शनिवार से ही बनाने लगे थे। बवाल के बाद अधिकारियों को लगा कि एलआईयू का सूचनातंत्र कमजोर हो गया है। इसके चलते अधिकारियों ने सोमवार को सभी की जमकर क्लास लगाई। बवाली कांवड़ियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया था। अधिकारियों की चेतावनी के बाद मंगलवार को एलआईयू की टीम पसीना बहाती नजर आई। अफसरों की नाराजगी से जाहिर है कि बवाल के पीछे एलआईयू टीम की नाकामी है।
गौरतलब है कि एलआईयू की टीम केवल पासपोर्ट आवेदकों की जांच करने के लिए भागदौड़ करती है। जांच व रिपोर्ट लगाने के लिए आवेदकों से सुविधा शुल्क भी लिया जाता है। यह खेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे स्थित एलआईयू के कार्यालय के इर्द गिर्द खुलेआम देखा जा सकता है। जबकि पूर्व में अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना ने आदेश जारी कर कहा था कि पासपोर्ट आवेदन की जांच सामान्यत: एलआईयू इकाई के अभिलेखों के आधार पर की जाएगी। विशेष परिस्थितियों में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मौके पर जांच करने एलआईयू जाएगी। आदेश में साफ कहा गया है कि आवेदकों के घरों पर एलआईयू कर्मी जांच करने नहीं जाएंगे। इस आदेश को रद्दी की टोकरी में डालते हुए एलआईयू कर्मी मनमानी कर रहे हैं।
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रविवार को जोगापुर सीताराम धाम में कांवड़ियों के हंगामे की एलआईयू को कानों कान तक भनक नहीं लगी। जबकि कुछ अराजकतत्व कांवड़ियों के वेशभूषा में डीजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और बवाल की योजना शनिवार से ही बनाने लगे थे। बवाल के बाद अधिकारियों को लगा कि एलआईयू का सूचनातंत्र कमजोर हो गया है। इसके चलते अधिकारियों ने सोमवार को सभी की जमकर क्लास लगाई। बवाली कांवड़ियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया था। अधिकारियों की चेतावनी के बाद मंगलवार को एलआईयू की टीम पसीना बहाती नजर आई। अफसरों की नाराजगी से जाहिर है कि बवाल के पीछे एलआईयू टीम की नाकामी है।
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गौरतलब है कि एलआईयू की टीम केवल पासपोर्ट आवेदकों की जांच करने के लिए भागदौड़ करती है। जांच व रिपोर्ट लगाने के लिए आवेदकों से सुविधा शुल्क भी लिया जाता है। यह खेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे स्थित एलआईयू के कार्यालय के इर्द गिर्द खुलेआम देखा जा सकता है। जबकि पूर्व में अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना ने आदेश जारी कर कहा था कि पासपोर्ट आवेदन की जांच सामान्यत: एलआईयू इकाई के अभिलेखों के आधार पर की जाएगी। विशेष परिस्थितियों में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मौके पर जांच करने एलआईयू जाएगी। आदेश में साफ कहा गया है कि आवेदकों के घरों पर एलआईयू कर्मी जांच करने नहीं जाएंगे। इस आदेश को रद्दी की टोकरी में डालते हुए एलआईयू कर्मी मनमानी कर रहे हैं।
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