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परिवहन निगमकर्मी के बेटे ने फांसी लगा दी जान
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 25 Jul 2015 11:25 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के अंदेवरी गांव में एक परिवहन निगम कर्मी के पच्चीस वर्षीय बेटे ने कमरा बंदकर फांसी लगा ली। घटना के वक्त घर पर कोई मौजूद नहीं था। सूचना पर पिता इलाहाबाद से आया तो पुलिस ने कमरे का ताला तोड़वाकर शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को मौके से चार पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है।
अंदेवरी गांव निवासी शिव प्रसाद सरोज इलाहाबाद परिवहन निगम में लिपिक है। घर पर उनका बेटा संतोष ही रहता था। बाकी परिवार इलाहाबाद में ही रहता है। दो दिन पूर्व वह रिश्तदारी में गया था। शुक्रवार की रात वापस आने के बाद उसने पहले चाकू से अपना गला रेतने का प्रयास किया।
इसके बाद उसने हाथ की नस को भी काटने का प्रयास किया। कामयाब न होने पर कमरा बंदकर फांसी लगा ली। पड़ोसियों ने दरवाजा देर तक न खुलने पर पिता को सूचना दी तो वह अनहोनी की आशंका पर इलाहाबाद से पहुंचा। खिड़की से देखने पर पता चला कि वह फांसी पर झूला हुआ है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकलवाया। परिजनों के मुताबिक वह पहले भी कई बार जान देने का प्रयास कर चुका था। घरवालों के मुताबिक, वह मनोरोगी था। पुलिस को मिले सुसाइड नोट पर उसने लिखा है कि वह परिवार का सड़ा अंग हो चुका है एक्सीडेंट के बाद से उससे गलतियां होती ही रहती हैं। इसके लिए वह अपने परिवार से क्षमा मांग रहा है। साथ ही उसने अपनी मौत का जिम्मेदार स्वंय को बताते हुए परिजनों को परेशान न किए जाने की भी बात लिखी है।
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अंदेवरी गांव निवासी शिव प्रसाद सरोज इलाहाबाद परिवहन निगम में लिपिक है। घर पर उनका बेटा संतोष ही रहता था। बाकी परिवार इलाहाबाद में ही रहता है। दो दिन पूर्व वह रिश्तदारी में गया था। शुक्रवार की रात वापस आने के बाद उसने पहले चाकू से अपना गला रेतने का प्रयास किया।
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इसके बाद उसने हाथ की नस को भी काटने का प्रयास किया। कामयाब न होने पर कमरा बंदकर फांसी लगा ली। पड़ोसियों ने दरवाजा देर तक न खुलने पर पिता को सूचना दी तो वह अनहोनी की आशंका पर इलाहाबाद से पहुंचा। खिड़की से देखने पर पता चला कि वह फांसी पर झूला हुआ है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकलवाया। परिजनों के मुताबिक वह पहले भी कई बार जान देने का प्रयास कर चुका था। घरवालों के मुताबिक, वह मनोरोगी था। पुलिस को मिले सुसाइड नोट पर उसने लिखा है कि वह परिवार का सड़ा अंग हो चुका है एक्सीडेंट के बाद से उससे गलतियां होती ही रहती हैं। इसके लिए वह अपने परिवार से क्षमा मांग रहा है। साथ ही उसने अपनी मौत का जिम्मेदार स्वंय को बताते हुए परिजनों को परेशान न किए जाने की भी बात लिखी है।
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