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बेटे की गवाही पर पिता को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 16 Jan 2016 11:38 PM IST
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जेब से एक रुपये का सिक्का निकालने पर गुस्से में पत्नी की जान लेने के मामले में शनिवार को कोर्ट ने बेटे की गवाही पर आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने उस पर बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। गुस्से में पति ने लाठी-डंडे से पिटाई करने के बाद पत्नी के सीने पर चढ़ने के बाद पैर से दबाकर जान ले ली थी। घटना सांगीपुर के पूरब देऊम गांव में हुई थी।
उदयपुर थाना क्षेत्र के रमापति मिश्रा निवासी पूरेमाफीदार मंगापुर की बहन फूलकली उर्फ राधा की शादी सांगीपुर पूरब देऊम गांव निवासी द्वारिका प्रसाद तिवारी के साथ हुई थी। रमापति मिश्रा ने सांगीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि द्वारिका प्रसाद तिवारी ने 31 मार्च 2014 की रात करीब साढे़ दस बजे उनकी बहन फूलकली की हत्या कर दी। अपर सत्र न्यायधीश एफटीसी भैरवलाल की अदालत में मामला परीक्षण के लिए आया तो गवाह के तौर पर घटना के समय घर पर मौजूद बेटे सोनू को बुलाया गया। सोनू ने कोर्ट को पूरी घटना के बारे में जानकारी दी।
उसने बताया कि घटना के दिन उसकी मां ने पांच रुपये की चायपत्ती मंगाई थी। दो रुपये उसके पास थे। दो रुपये उसने छोटे भाई से लिए। एक रुपये राधा ने पति की जेब से निकालकर दिया था। जेब से एक रुपये निकाले जाने की जानकारी होने पर द्वारिका गुस्से से लाल हो गया। पहले उसने पत्नी को गालियां दी। फिर सीने पर चढ़कर पैर से दबाकर उसकी जान ले ली। बेटे की गवाही के बाद आरोप साबित होने पर अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी द्वारिका प्रसाद तिवारी को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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उदयपुर थाना क्षेत्र के रमापति मिश्रा निवासी पूरेमाफीदार मंगापुर की बहन फूलकली उर्फ राधा की शादी सांगीपुर पूरब देऊम गांव निवासी द्वारिका प्रसाद तिवारी के साथ हुई थी। रमापति मिश्रा ने सांगीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि द्वारिका प्रसाद तिवारी ने 31 मार्च 2014 की रात करीब साढे़ दस बजे उनकी बहन फूलकली की हत्या कर दी। अपर सत्र न्यायधीश एफटीसी भैरवलाल की अदालत में मामला परीक्षण के लिए आया तो गवाह के तौर पर घटना के समय घर पर मौजूद बेटे सोनू को बुलाया गया। सोनू ने कोर्ट को पूरी घटना के बारे में जानकारी दी।
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उसने बताया कि घटना के दिन उसकी मां ने पांच रुपये की चायपत्ती मंगाई थी। दो रुपये उसके पास थे। दो रुपये उसने छोटे भाई से लिए। एक रुपये राधा ने पति की जेब से निकालकर दिया था। जेब से एक रुपये निकाले जाने की जानकारी होने पर द्वारिका गुस्से से लाल हो गया। पहले उसने पत्नी को गालियां दी। फिर सीने पर चढ़कर पैर से दबाकर उसकी जान ले ली। बेटे की गवाही के बाद आरोप साबित होने पर अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी द्वारिका प्रसाद तिवारी को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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