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मतदाताओं के पाले में गई अब चुनावी गेंद
Fri, 10 May 2019 11:45 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 10 May 2019 11:45 PM IST
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लोकसभा चुनाव के प्रचार का खेल अब खत्म हो गया है। चुनावी गेंद अब मतदाताओं के पाले में है। सुनने का काम अब बंद कर मतदाताओं के चुनने की बारी आ गई है। मंगलवार को शांतिपूर्वक दिन बिताने के बाद रविवार को वह प्रत्याशियों की किस्मत लिख देंगे।
तमाम दलों के प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में मत के लिए अपनी उपलब्धियां गिनाईं तो विपक्षियों की खूब खिंचाई भी की। वादों के पिटारे खुले और विकास की दुहाई दी गई। शुक्रवार की शाम पांच बजे से गांव-गांव गली-गली घूम रहे प्रत्याशियों का समय समाप्त हो गया। इसके बाद अब मतदाताओं का समय शुरू हो गया है। अब तक मतदाताओं ने प्रत्याशियों की सुनी। उनकी जनसभाओं और रैलियों को आंका। कौन कितने पानी में है अब इसकी सही-सही चर्चा होगी। प्रत्याशियों को जिताने और हराने के लिए योजनाएं घरों और चाय की दुकानों पर तैयार होंगी। यह मतदाताओं की परीक्षा की घड़ी होगी।
हालांकि घर गांव में माहौल तैयार करने में गांव मोहल्ले के नेता लगे होंगे लेकिन रैलियों, सभाओं और जनसंपर्क की गति पर विराम लग गया है। लोकसभा प्रत्याशी शनिवार की शाम योजनाएं बनाकर रविवार को मतदाता अपने मत का प्रयोग कर इनकी तकदीर लिख देंगे। आठ प्रत्याशियों में से एक सांसद का चुनाव होगा। देखना है कि मतदाताओं को सभी आठ प्रत्याशियों में से किसे मतदाता अर्श पर पहुंचाते हैं और किसे फर्श पर छोड़ देते हैं।
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पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने उपद्रवियों के साथ ही पुलिस कर्मियों को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिस कर्मी उपद्रवियों को देख कार्रवाई करने की बजाय भागेगा तो उसके खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज ही होगी बर्खास्तगी की भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोटूक कहा कि उपद्रवियों को पुलिस उसी भाषा में जवाब देगी जिस भाषा को वे समझेंगे।
एसपी ने कहाकि चुनाव न सिर्फ निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बल्कि पारदर्शी होगा। किसी को भी मनमानी करने की छूट नहीं होगी।
मोबाइल पीठासीन अधिकारियों के अलावा सभी के लिए प्रतिबंधित रहेगा। अगर किसी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के बारे में गड़बड़ी करने की सूचना मिली तो उसे नजरबंद कर दिया जाएगा। वोट भी वह पुलिस सुरक्षा में डाल सकेगा। सभी अतिसंवेदनशील बूथों का दौरा कर चुके हैं। लोगों से कहा है कि कोई दिक्कत हो तो तुरंत सूचना दें। जिन बूथों के बारे में गड़बड़ी होने की आशंका की शिकायतें मिली थीं वहां पैरा मिलेट्री फोर्स तैनात की गई है। लोकसभा प्रत्याशियों को जो वाहन उपलब्ध कराए गए हैं उन पर सवार लोगों को अपना पहचान पत्र साथ में रखना होगा। पहचान पत्र न होने पर गाड़ियां सीज कर दी जाएंगी।
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तमाम दलों के प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में मत के लिए अपनी उपलब्धियां गिनाईं तो विपक्षियों की खूब खिंचाई भी की। वादों के पिटारे खुले और विकास की दुहाई दी गई। शुक्रवार की शाम पांच बजे से गांव-गांव गली-गली घूम रहे प्रत्याशियों का समय समाप्त हो गया। इसके बाद अब मतदाताओं का समय शुरू हो गया है। अब तक मतदाताओं ने प्रत्याशियों की सुनी। उनकी जनसभाओं और रैलियों को आंका। कौन कितने पानी में है अब इसकी सही-सही चर्चा होगी। प्रत्याशियों को जिताने और हराने के लिए योजनाएं घरों और चाय की दुकानों पर तैयार होंगी। यह मतदाताओं की परीक्षा की घड़ी होगी।
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हालांकि घर गांव में माहौल तैयार करने में गांव मोहल्ले के नेता लगे होंगे लेकिन रैलियों, सभाओं और जनसंपर्क की गति पर विराम लग गया है। लोकसभा प्रत्याशी शनिवार की शाम योजनाएं बनाकर रविवार को मतदाता अपने मत का प्रयोग कर इनकी तकदीर लिख देंगे। आठ प्रत्याशियों में से एक सांसद का चुनाव होगा। देखना है कि मतदाताओं को सभी आठ प्रत्याशियों में से किसे मतदाता अर्श पर पहुंचाते हैं और किसे फर्श पर छोड़ देते हैं।
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पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने उपद्रवियों के साथ ही पुलिस कर्मियों को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिस कर्मी उपद्रवियों को देख कार्रवाई करने की बजाय भागेगा तो उसके खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज ही होगी बर्खास्तगी की भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोटूक कहा कि उपद्रवियों को पुलिस उसी भाषा में जवाब देगी जिस भाषा को वे समझेंगे।
एसपी ने कहाकि चुनाव न सिर्फ निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बल्कि पारदर्शी होगा। किसी को भी मनमानी करने की छूट नहीं होगी।
मोबाइल पीठासीन अधिकारियों के अलावा सभी के लिए प्रतिबंधित रहेगा। अगर किसी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के बारे में गड़बड़ी करने की सूचना मिली तो उसे नजरबंद कर दिया जाएगा। वोट भी वह पुलिस सुरक्षा में डाल सकेगा। सभी अतिसंवेदनशील बूथों का दौरा कर चुके हैं। लोगों से कहा है कि कोई दिक्कत हो तो तुरंत सूचना दें। जिन बूथों के बारे में गड़बड़ी होने की आशंका की शिकायतें मिली थीं वहां पैरा मिलेट्री फोर्स तैनात की गई है। लोकसभा प्रत्याशियों को जो वाहन उपलब्ध कराए गए हैं उन पर सवार लोगों को अपना पहचान पत्र साथ में रखना होगा। पहचान पत्र न होने पर गाड़ियां सीज कर दी जाएंगी।